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जाति नहीं बल्कि आर्थिक आधार पर मिलना चाहिए आरक्षण

Sun, 23 Dec 2018 11:51 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 23 Dec 2018 11:51 PM IST
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जाति नहीं बल्कि आर्थिक आधार पर मिलना चाहिए आरक्षण
आजमगढ़। संविधान कथा कार्यक्रम में भाग लेने रविवार को जनपद पहुंचे सर्वोदय भारत पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गिरीश पांडेय ने देर शाम डाक बंगले में पत्र प्रतिनिधियों से बातचीत में आरक्षण को लेकर अपने विचार व्यवस्था की और वर्तमान लोकतंत्र को भीड़ तंत्र बताया। उन्होंने कहा कि देश में जाति के आधार पर नहीं, बल्कि आर्थिक आधार पर आरक्षण मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज हर जातियां आरक्षण के लिए संघर्ष कर रही हैं कि उन्हें आरक्षण मिलना चाहिए। आरक्षण का मुद्दा पूरे देश में गरमा रहा है। चारों तरफ इस मुद्दे पर क्रोध का वातावरण बनता जा रहा है। हर दल और जाति धर्म के लोग अपने-अपने स्वार्थ के अनुसार इस मुद्दे पर राय बना रहे हैं लेकिन सच यह है कि अब आरक्षण का लाभ कुछ आगे बढ़ गए परिवारों तक सीमित होकर रह गया है। इसलिए आरक्षण खत्म होना चाहिए या फिर आर्थिक आधार पर इसे लागू किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार, आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता। इसके लिए जरूरी है कि 50 फीसदी आरक्षण को सभी वर्गों में गरीब लोगों की जनसंख्या के आधार पर बांट दिया जाए। गरीबी का पैमाना तय करने के लिए एक संवैधानिक गरीबी आयोग बनाया जाए, जिसमें सभी वर्गों के सदस्य हों। आज समाज में लोकतंत्र नहीं बल्कि भीड़ तंत्र है। क्योंकि अगर कोई बिल संसद में पेश होता है तो जनप्रतिनिधि पहले जनता से पूछे कि उसकी क्या राय है। इसके बाद वह इस बिल पर अपनी सहमति दे। उन्होंने बताया कि संविधान के बारे में लोगों केे जागरूक करने के लिए हम जगह-जगह संविधान कथा का आयोजन कर रहे हैं। अब तक 1200 संविधान कथाएं आयोजित हो चुकी है। हमारा प्रयास है कि अच्छे लोग राजनीति में आएं और जनता उनका चुनाव करें। इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। इस मौके पर डा. कृष्ण मोहन त्रिपाठी सहित अन्य लोग मौजूद थे।
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