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डीएम के प्रयास से 1048 गोवंशों को मिला आश्रय

Sun, 30 Jan 2022 11:00 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 30 Jan 2022 11:00 PM IST
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1048 cows got shelter due to the efforts of DM
छुट्टा पशुओं से अपनी फसलों को बचाना किसानों के लिए भारी पड़ने लगा था। किसान रात दिन जागकर अपने फसलों की रखवाली कर रहा था। नवागत डीएम ने इस समस्या को गंभीरता से लिया और अधिकारियों को छुट्टा पशुओं को पकड़कर गो आश्रय स्थलों में बंद करने का निर्देश दिया। उनके निर्देश का परिणाम है कि जनपद में सड़कों पर घूम रहे 1048 गोवंशों को आश्रय मिल चुका है। जबकि 162 गोवंशों को गोद लेकर किसान उनकी सेवा करने में लगे हैं।
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डीएम ने किसानों की इस समस्या को एक महा अभियान चलाकर दूर करने का निर्णय लिया। उन्होंने छुट्ट पशुओं को गौ आश्रय स्थलों में संरक्षित करने के निर्देश दिए। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि आवश्यकतानुसार गोवंश को संरक्षित करने के लिए अस्थायी गो आश्रय स्थलों का निर्माण भी कराया जाए। गो आश्रय स्थलों की मानीटरिंग प्रतिदिन डीएम द्वारा जूम एप से की जाती है। उन्होंने जन सहभागिता योजना के तहत ग्राम प्रधानों को कम से कम 10 गो वंश को गोद लेने का निर्देश दिया है। ग्राम सभा की जमीनों पर अस्थाई गो आश्रय स्थल का निर्माण एवं हरे- चारे के लिए बरसीन व बाजरा की खेती भी कराने के लिए निर्देश दिए हैं। इतना ही नहीं गोवंश स्थलों पर गोबर से लठ्ठा बनाने के लिए मशीन स्थापित कराने के निर्देश दिए है। लठ्ठों को जगह-जगह स्थावित श्मशान घाटों से संपर्क कर आपूर्ति कराने का दिया है। अब तक विशेष अभियान के तहत 1048 गो वंशों को संरक्षित किया गया है। कुल 162 पशुओं को सहभागिता योजना तहत ग्राम प्रधानों को सुपुर्द किया गया है।
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स्थापित हुआ कंट्रोल रूम
किसानों की सहायता के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। जिसका हेल्पलाइन नंबर 05462 - 35 6039 तथा 05462- 356040 है। इस नंबर पर फोन करके किसान कहीं से भी गोवंशों के संबंध में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। तत्काल उनकी शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा उनके द्वारा ब्लाकवार के साथ ही नगर पंचायत और नगर पालिकावार नंबर जारी किए गए हैं। जिन पर कोई भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।
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जब मैं यहां आया तो मैंने देखा कि छुट्टा पशुओं से किसान परेशान हैं। मैंने अधिकारियों को लगाया कि वह उन्हें संरक्षित करें। जिसका परिणाम है कि आज काफी संख्या में छुट्टा पशु गो आश्रय स्थल में पहुंच गए हैं। हमने कंट्रोल रूम की स्थापना भी कराई गई है। जहां इनसे संबंधित शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
अमृत त्रिपाठी, डीएम।
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