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किसानों की बेरुखी से बंद हुई कामधेनु योजना

Sun, 10 Sep 2017 11:27 PM IST
Updated Sun, 10 Sep 2017 11:27 PM IST
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किसानों की बेरुखी से बंद हुई कामधेनु योजना
आजमगढ़। किसानों की बेरुखी के कारण सपा सरकार में शुरू की गई कामधेनु योजना भी नए वित्तीय वर्ष में बंद कर दी गई है। इसके स्थान पर अब नई योजना आने की बात कही जा रही है। फिलहाल जिले में एक कामधेनु, आठ मिली कामधेनु और 10 माइक्रो कामधेनु योजना चल रही है। डेयरी संचालकों की मांग के बाद इन्श्योरेंश पालिसी में भी बदलाव किया गया, लेकिन इसके बाद भी इस योजना के प्रति किसानों का रुझान नहीं बढ़ा।
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सपा सरकार में जोर शोर से किसानों के कामधेनु योजना की शुरुआत की गई थी। लेकिन लागत अधिक होने के कारण इसके प्रति किसानों का आपेक्षित झुकाव नहीं हो सका। योजना के तहत एक करोड़ 20 लाख में कामधेनु डेयरी शुरू होनी थी। लगभग साढ़े 39 लाख रुपये किसान को अपने पास लगाने थे और 89 लाख के आसपास किसान को लोन होना था। इसी तरह मिनी कामधेनु योजना में 13 लाख रुपये किसानों को अपने पास से लगाने थे और 39 लाख के आसपास बैंक से लोन होना था। माइक्रो कामधेनु में किसानों को अपने पास से लगभग साढ़े छह लाख लगाने थे। बैंक से 20 लाख रुपये का लोन होना था। सभी योजनाओं में सरकार की ओर से पहले पांच साल का ब्याज देना था। एक तो लागत अधिक होने के कारण किसानों का शुरू से ही इस योजना के प्रति रुझान कम रहा। इसके बाद डेयरी संचालकों की ओर से घाटा बताकर कई प्रकार की मांगें शुरू कर दी गई। मामले को लेकर उच्चस्तर पर बैठक भी हुई। जहां किसानों ने ब्याज माफी, भूसे और खल चोकर पर सब्सिडी तथा इंश्योरेंश में बदलाव की मांग उठाई थी। इंश्योरेंश में बदलाव की मांग मान कर इसे पूरा भी कर दिया गया। फिर योजना में कोई सुधार नहीं हुआ। नतीजा ये हुआ कि 31 मार्च 2017 तक स्वीकृत फाइलों के बाद इसे बंद करने की घोषणा कर दी गई।
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वर्तमान समय में जिले में चल रही एक कामधेनु डेयरी पर 70 गायें हैं और यहां से 138 लीटर दूध का उत्पाद रोजाना हो रहा है। इसी तरह आठ मिनी कामधेनु डेयरियों पर कुल 290 मवेशी हैं और यहां से प्रतिदिन 1540 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। 10 माइक्रो कामधेनु डेयरियों पर कुल 138 मवेशी हैं यहां से प्रतिदिन 1047 लीटर दूध का उत्पादान रोजाना हो रहा है। इसमें से सिर्फ एक मिनी कामधेनु डेयरी का दूध पराग डेयरी पर जाता है, शेष डेयरियां दूध उत्पादन निजी स्तर पर करती हैं।
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योजना के प्रति किसानों का रुझान कम होने के कारण 31 मार्च के बाद इसे बंद कर दिया गया है। 31 मार्च तक स्वीकृत फाइलों पर ही कार्रवाई हो रही है।
वीके सिंह, सीवीओ
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एक साल 18 फीसदी बढ़ा दुग्ध उत्पादन
आजमगढ़ (ब्यूरो)। मुस्सेपुर से स्थानांतरित होकर लदौरा जाने के बाद पराग डेयरी के दुग्ध उत्पादन में 18 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। वर्तमान समय में डेयरी पर 54 सौ लीटर दूध प्रतिदिन पहुंच रहा है। इसमें 30 से 35 लीटर दूध और शेष का दुग्ध उत्पाद के रूप में प्रयोग किया जा रहा है। लभग 76 सेंटरों के माध्यम से दूध का वितरण किया जा रहा है। डेयरी के प्रबंध कन्हैया यादव ने बताया कि दुग्ध उत्पादन के प्रति किसानों का रुझान बढ़ा है।

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छोटे किसानों के लिए होगी गोपालक योजना
आजमगढ़। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अधिक लागत के कारण ही कामधेनु योजना के प्रति किसानों का रुझान कम रहा था। छोटे किसान इसका लाभ नहीं ले पा रहे थे। शासन भी इस बात को समझते हुए अब छोटे किसानों के लिए मुख्यमंत्री गोपालक योजना लाने की बात चल रही है। हालांकि अभी योजना को कैबिनेट की मंजूरी नहीं मिली है। योजना पांच लाख से पांच मवेशियों को खरीद कर शुरू की जा सकती है। एक किसान चाहे तो चार यूनिट योजना का लाभ ले सकता है। नई योजना की अन्य शर्ते कामधेनु योजना के जैसी ही रहने की उम्मीद है।
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संदीप
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