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औरैया: प्राथमिक विद्यालय तेजलपुर में जलभराव, जर्जर भवन से बच्चे दहशत में
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विद्यालय में फैली पड़ी गंदगी
- फोटो : AURAIYA
औरैया। अजीतमल ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय तेजलपुर में विद्यालय भवन के आसपास लगातार जलभराव से विद्यालय भवन जर्जर हालत में है। गंदगी और जलभराव के चलते जहरीले कीड़े एवं बरसाती जीव जंतु विद्यालय में विचरण करते हैं। इससे विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं लगातार दहशत में है।
बुधवार को 50 से अधिक अभिभावकों ने स्कूल पहुंचकर व्यवस्था सुधार की बात कही। व्यवस्था न सुधरने पर उन्होंने बच्चों को विद्यालय भेजने का इनकार कर दिया। बाद में समझाने बुझाने पर उन्होंने एक हस्ताक्षरित ज्ञापन बीएसए के नाम प्रधानाध्यापिका को सौंप कर 10 दिन के अंदर व्यवस्था सुधार की चेतावनी दी है।
बुधवार को ग्राम तेजलपुर के हरि सिंह, कमल सिंह, गोलू तिवारी, चंद्रेशखर, रामलखन, बाबूराम, पीयूष कुमार, राजकुमार आदि सहित करीब 50 ग्रामीण एकत्रित होकर विद्यालय की प्रधानाध्यापक मीना देवी से मिले और उन्होंने विद्यालय के जर्जर भवन एवं नाली निर्माण आदि समस्या के निस्तारण के बारे में पूछा तो प्रधानाध्यापक ने बताया कि प्रधान समेत उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। इतना सुनते ही ग्रामवासी भड़क गए।
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ग्रामवासियों ने कहा कि वह अपने बच्चों को जान जोखिम में डालकर स्कूल नहीं भेज सकते हैं। प्रधानाध्यापक के काफी समझाने पर ग्रामवासियों ने दस दिन का समय देते हुए एक सामूहिक हस्ताक्षर युक्त लिखित ज्ञापन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजा है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर दस दिन में समस्या का सही निस्तारण नहीं हुआ तो वह अपने बच्चों को विद्यालय नहीं भेजेंगे। समस्या से ग्रसित ग्रामीणों द्वारा अपने बच्चों को विद्यालय न भेजने की समस्या का प्रधानाध्यापिका मीना देवी ने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया है।
गांव के पानी की निकासी न होने से आ रही है समस्या
ग्राम पंचायत बिलावा के ग्राम तेजलपुर में गांव के गंदे पानी की निकासी की विकराल समस्या है। नाला न बनने के चलते उक्त गन्दा पानी प्राथमिक विद्यालय भवन के आसपास ही भरता है। बरसात में उक्त पूरी तरह जलमग्न हो जाता है।
विद्यालय के आसपास एवं अंदर जल भराव की समस्या के चलते विद्यालय में जहरीले कीड़े एवं जलजीव विचरण करते हैं। जिससे विद्यालय में पढने वाले बच्चे दहशत में रहते हैं। विद्यालय स्टाफ भी बच्चों को कहीं कोई हानि न हो जाए इससे भारी चिन्ता में रहते हैं।
उक्त समस्या से विद्यालय स्टाफ द्वारा लगातार ग्राम प्रधान एवं उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं निकला है।
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बुधवार को 50 से अधिक अभिभावकों ने स्कूल पहुंचकर व्यवस्था सुधार की बात कही। व्यवस्था न सुधरने पर उन्होंने बच्चों को विद्यालय भेजने का इनकार कर दिया। बाद में समझाने बुझाने पर उन्होंने एक हस्ताक्षरित ज्ञापन बीएसए के नाम प्रधानाध्यापिका को सौंप कर 10 दिन के अंदर व्यवस्था सुधार की चेतावनी दी है।
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बुधवार को ग्राम तेजलपुर के हरि सिंह, कमल सिंह, गोलू तिवारी, चंद्रेशखर, रामलखन, बाबूराम, पीयूष कुमार, राजकुमार आदि सहित करीब 50 ग्रामीण एकत्रित होकर विद्यालय की प्रधानाध्यापक मीना देवी से मिले और उन्होंने विद्यालय के जर्जर भवन एवं नाली निर्माण आदि समस्या के निस्तारण के बारे में पूछा तो प्रधानाध्यापक ने बताया कि प्रधान समेत उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। इतना सुनते ही ग्रामवासी भड़क गए।
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ग्रामवासियों ने कहा कि वह अपने बच्चों को जान जोखिम में डालकर स्कूल नहीं भेज सकते हैं। प्रधानाध्यापक के काफी समझाने पर ग्रामवासियों ने दस दिन का समय देते हुए एक सामूहिक हस्ताक्षर युक्त लिखित ज्ञापन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजा है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर दस दिन में समस्या का सही निस्तारण नहीं हुआ तो वह अपने बच्चों को विद्यालय नहीं भेजेंगे। समस्या से ग्रसित ग्रामीणों द्वारा अपने बच्चों को विद्यालय न भेजने की समस्या का प्रधानाध्यापिका मीना देवी ने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया है।
गांव के पानी की निकासी न होने से आ रही है समस्या
ग्राम पंचायत बिलावा के ग्राम तेजलपुर में गांव के गंदे पानी की निकासी की विकराल समस्या है। नाला न बनने के चलते उक्त गन्दा पानी प्राथमिक विद्यालय भवन के आसपास ही भरता है। बरसात में उक्त पूरी तरह जलमग्न हो जाता है।
विद्यालय के आसपास एवं अंदर जल भराव की समस्या के चलते विद्यालय में जहरीले कीड़े एवं जलजीव विचरण करते हैं। जिससे विद्यालय में पढने वाले बच्चे दहशत में रहते हैं। विद्यालय स्टाफ भी बच्चों को कहीं कोई हानि न हो जाए इससे भारी चिन्ता में रहते हैं।
उक्त समस्या से विद्यालय स्टाफ द्वारा लगातार ग्राम प्रधान एवं उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं निकला है।