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महाराष्ट्र: एसआईआर प्रक्रिया में बड़ा फैसला, अब व्हाट्सएप पर भेजे गए वोटर डॉक्यूमेंट भी स्वीकार करेंगे बीएलओ
Wed, 30 Sep 2026 01:25 PM IST
अमन मौर्या
पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई
Published by: अमन मौर्या
Updated Wed, 30 Sep 2026 01:25 PM IST
सार
महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी एस. चोकालिंगम ने चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान व्हाट्सएप के जरिए भेजे गए वोटर डॉक्यूमेंट्स भी मान्य होंगे। साथ ही जरूरत पड़ने पर मतदाताओं के घर भी जाएं।
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एस. चोकालिंगम
- फोटो : ANI
विस्तार
महाराष्ट्र से एसआईर प्रक्रिया को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी एस. चोकालिंगम ने चुनाव अधिकारियों से कहा है कि वे एसआईआर प्रक्रिया के दौरान व्हाट्सएप से भेजे गए वोटर डॉक्यूमेंट्स भी अब मान्य होंगे। बुधवार को एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि बीएलओ को यह भी निर्देश दिया गया है कि यदि जरूरत पड़े तो वे डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए लोगों के घर जाएं। राज्य चुनाव आयोग के अधिकारी ने बताया कि लोग ईसीआईनेट सॉफ्टवेयर द्वारा जारी नोटिस का जवाब अपने बीएलओ को व्हाट्सएप पर भी भेजकर दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि बीएलओ को यह भी निर्दश दिया गया है कि जरूरत पड़ने पर वे डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए लोगों के घर जाएं।
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कांग्रेस ने क्या आरोप लगाया?
इसके पहले अधिकारियों ने बताया था कि चोकालिंगम ने चुनाव आयोग से ईसीआईनेट सॉफ्टवेयर में बदलाव करने का अनुरोध किया है, जिससे कि इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (ईआरओ) वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों के मामले में स्वयं निर्णय ले सकें। हालांकि, विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि ईसीआईनेट सिस्टम के जरिए वोटर की पात्रता तय करने की ईआरओ की कानूनी शक्तियों को कमजोर किया जा रहा है।
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कब तक दाखिल कर सकते हैं दावे-आपत्तियां?
महाराष्ट्र में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन के लिए दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समय-सीमा 30 सितंबर से बढ़ाकर 12 अक्टूबर कर दी गई है। साथ ही नोटिस और दावों-आपत्तियों के निपटारे की समय-सीमा 10 नवंबर तक है और फाइनल पब्लिकेशन की तारीख 16 नवंबर है।
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ज्ञानेश कुमार का देशभर में हो रहा विरोध
पिछले कुछ समय से चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की देशभर में आलोचना हो रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में कम से कम 14 बार एसआईआर से जुड़े फैसलों और आदेशों पर आपत्तियां दर्ज कराई थीं। उनका कहना था कि इनमें से कुछ आदेश उनकी जानकारी के बिना जारी किए गए थे। विपक्षी पार्टियों ने कुमार पर सत्ताधारी पक्ष के फायदे के लिए एकतरफा फैसले लेने का आरोप लगाया है। इन आरोपों पर चुनाव आयोग ने सफाई दी कि तीन सदस्यों वाले आयोग ने वोटर लिस्ट के एसआईआर से जुड़े फैसलों सहित सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
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कांग्रेस ने क्या आरोप लगाया?
इसके पहले अधिकारियों ने बताया था कि चोकालिंगम ने चुनाव आयोग से ईसीआईनेट सॉफ्टवेयर में बदलाव करने का अनुरोध किया है, जिससे कि इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (ईआरओ) वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों के मामले में स्वयं निर्णय ले सकें। हालांकि, विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि ईसीआईनेट सिस्टम के जरिए वोटर की पात्रता तय करने की ईआरओ की कानूनी शक्तियों को कमजोर किया जा रहा है।
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कब तक दाखिल कर सकते हैं दावे-आपत्तियां?
महाराष्ट्र में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन के लिए दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समय-सीमा 30 सितंबर से बढ़ाकर 12 अक्टूबर कर दी गई है। साथ ही नोटिस और दावों-आपत्तियों के निपटारे की समय-सीमा 10 नवंबर तक है और फाइनल पब्लिकेशन की तारीख 16 नवंबर है।
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पिछले कुछ समय से चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की देशभर में आलोचना हो रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में कम से कम 14 बार एसआईआर से जुड़े फैसलों और आदेशों पर आपत्तियां दर्ज कराई थीं। उनका कहना था कि इनमें से कुछ आदेश उनकी जानकारी के बिना जारी किए गए थे। विपक्षी पार्टियों ने कुमार पर सत्ताधारी पक्ष के फायदे के लिए एकतरफा फैसले लेने का आरोप लगाया है। इन आरोपों पर चुनाव आयोग ने सफाई दी कि तीन सदस्यों वाले आयोग ने वोटर लिस्ट के एसआईआर से जुड़े फैसलों सहित सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।