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मारपीट के दोषी को दो साल की कैद
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औरैया। विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति अधिनियम मीनू शर्मा ने मारपीट के आठ साल पुराने मामले में दोषी को दो साल का कठोर कारावास व चार हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
पैरवी कर रहे अभियोजन अधिकारी देशराज सिंह ने बताया कि ग्राम रानीपुर निवासी रामरानी ने थाना फफूंद में रिपोर्ट लिखाई कि उसने व उसकी पुत्री को पूर्व प्रधान ने अपने खेत मजदूरी के लिए रखा था। जब उसने पांच मई 2014 को मजदूरी मांगी तो आरोपी पूर्व प्रधान ने उसके साथ मारपीट की और मजदूरी भी नहीं दी।
पुलिस ने विवेचना कर आरोपी अमर त्रिपाठी के खिलाफ मारपीट व जान से मारने की धमकी व अनुसूचित जाति की चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की। यह मामला विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति मीनू शर्मा की कोर्ट में चला। अभियोजन अधिकारी देशराज सिंह ने कठोर दंड देने की बहस की। वहीं बचाव पक्ष ने उसे निर्दोष बताया।
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दोनों पक्षों को सुनने के बाद एडीजे मीनू शर्मा ने पूर्व प्रधान अमर त्रिपाठी को दो साल का कठोर कारावास और चार हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। कोर्ट ने अर्थदंड की आधी धनराशि मामले की वादिनी को प्रतिकर के रूप में देने का भी आदेश दिया है।
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पैरवी कर रहे अभियोजन अधिकारी देशराज सिंह ने बताया कि ग्राम रानीपुर निवासी रामरानी ने थाना फफूंद में रिपोर्ट लिखाई कि उसने व उसकी पुत्री को पूर्व प्रधान ने अपने खेत मजदूरी के लिए रखा था। जब उसने पांच मई 2014 को मजदूरी मांगी तो आरोपी पूर्व प्रधान ने उसके साथ मारपीट की और मजदूरी भी नहीं दी।
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पुलिस ने विवेचना कर आरोपी अमर त्रिपाठी के खिलाफ मारपीट व जान से मारने की धमकी व अनुसूचित जाति की चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की। यह मामला विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति मीनू शर्मा की कोर्ट में चला। अभियोजन अधिकारी देशराज सिंह ने कठोर दंड देने की बहस की। वहीं बचाव पक्ष ने उसे निर्दोष बताया।
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दोनों पक्षों को सुनने के बाद एडीजे मीनू शर्मा ने पूर्व प्रधान अमर त्रिपाठी को दो साल का कठोर कारावास और चार हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। कोर्ट ने अर्थदंड की आधी धनराशि मामले की वादिनी को प्रतिकर के रूप में देने का भी आदेश दिया है।