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शहर में पहली बार जन्मा दो सिर वाला बच्चा
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
Updated Sat, 16 Jan 2016 11:06 PM IST
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शहर में पहली बार दो सिर वाले बच्चे का जन्म हुआ है। कानपुर देहात के जशापुर समदलपुर की अनीता देवी ने शनिवार सुबह नमक फैक्ट्री चौराहा स्थित स्टार मेडिकल सेंटर में ऑपरेशन के बाद इस बच्चे को जन्म दिया। डॉक्टरों ने दोनों की हालत सामान्य बताई। औरैया के एक नर्सिंग होम से प्रसव पीड़ा के बाद अनीता को एंबुलेंस से कानपुर लाया गया था। प्रसव के दो घंटे बाद जच्चा-बच्चा को फिर औरैया भेज दिया गया।
जशापुर समदलपुर निवासी सतीश तिवारी किसान हैं। उनकी पत्नी अनीता देवी (28) को प्रसव पीड़ा के बाद शुक्रवार को औरैया के न्यू मां सरोज नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में पेट में जुड़वा बच्चे होने के कारण देर रात ही अनीता को स्टार मेडिकल सेंटर लाया गया। शनिवार सुबह 5:30 बजे स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. अंतरा देवराय ने ऑपरेशन किया। बच्चे के जन्म के बाद उन्हें दोबारा औरैया के नर्सिंग होम में भेज दिया गया। जहां दोनों स्वस्थ्य हैं। मेडिकल सेंटर के एमडी डॉ. डीके शास्त्री ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसा बच्चा पहली बार देखा है।
बहुत रेयर होता है
ऐसे केस को थोरैकोपेगस कहते हैं। जुड़वा बच्चे आमतौर पर दो अंडाणु और दो शुक्राणु के मिलन से पैदा होते हैं। कभी-कभी एक अंडाणु और एक शुक्राणु मिलन के बाद अलग-अलग हो जाते हैं और जुड़वा बच्चे होते हैं। इस मामले में एक अंडाणु और एक शुक्राणु मिलन के बाद पूरे नहीं अलग हो पाए इसलिए शरीर एक रह गया लेकिन सिर दो हो गए।
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डॉ. यशवंत राव, विभागाध्यक्ष, बाल रोग जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज
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जशापुर समदलपुर निवासी सतीश तिवारी किसान हैं। उनकी पत्नी अनीता देवी (28) को प्रसव पीड़ा के बाद शुक्रवार को औरैया के न्यू मां सरोज नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में पेट में जुड़वा बच्चे होने के कारण देर रात ही अनीता को स्टार मेडिकल सेंटर लाया गया। शनिवार सुबह 5:30 बजे स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. अंतरा देवराय ने ऑपरेशन किया। बच्चे के जन्म के बाद उन्हें दोबारा औरैया के नर्सिंग होम में भेज दिया गया। जहां दोनों स्वस्थ्य हैं। मेडिकल सेंटर के एमडी डॉ. डीके शास्त्री ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसा बच्चा पहली बार देखा है।
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ऐसे केस को थोरैकोपेगस कहते हैं। जुड़वा बच्चे आमतौर पर दो अंडाणु और दो शुक्राणु के मिलन से पैदा होते हैं। कभी-कभी एक अंडाणु और एक शुक्राणु मिलन के बाद अलग-अलग हो जाते हैं और जुड़वा बच्चे होते हैं। इस मामले में एक अंडाणु और एक शुक्राणु मिलन के बाद पूरे नहीं अलग हो पाए इसलिए शरीर एक रह गया लेकिन सिर दो हो गए।
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