{"_id":"61e6893d438a0394afce1531996a1abb","slug":"two-beneficiaries-having-to-surrender-house-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो लाभार्थियों ने सरेंडर किए आवास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो लाभार्थियों ने सरेंडर किए आवास
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
Updated Sat, 20 Feb 2016 12:18 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांशीराम कालोनियों में पात्र बनकर आवास हथियाने वाले अपात्रों से घर खाली कराने के लिए प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। शुक्रवार को डूडा के अधिकारियों ने अपनी टीम के साथ तीन कालोनियों में कुल 161 आवासों के बाहर नोटिस चस्पा करवाए। वहीं आवासों पर नोटिस चस्पा होते देख अपात्रों में हडकंप मच गया। जांच के दौरान दो आवासों के लाभार्थियों ने अपने आवास सरेंडर कर दिए। गौरतलब है कि जिला प्रशासन ने निरीक्षण के दौरान 172 आवास को किराए पर उठा हुआ पाया था। मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता ने उठाया था।
शहर की चार कांशीराम कालोनियों में पात्र बनकर गरीबों का हक छीनने वाले अपात्रों ने आवास पाने के बाद उन्हें किराए पर उठाकर पैसे कमाने का साधन बना लिया था। इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित कर जिला प्रशासन को इस ओर संकेत दिए थे। इसके बाद डीएम माला श्रीवास्तव ने चार अधिकारियों के नेतृत्व में अलग-अलग टीमेें बनाकर कालोनियों मेें लाभार्थियों के आवासों की जांच करवाई।
इस क्रम में सभी टीमों की ओर से दी गई रिपोर्ट में चारो कालोनियों में 172 आवास किराए पर पाए गए। जबकि 428 आवास बंद मिले। इस पर डीएम ने किराए पर उठे मिले आवासों के लाभार्थियों को तत्काल नोटिस चस्पा कर उनके खिलाफ आवास निरस्तीकरण की कार्रवाई के निर्देश दिए थे। वहीं बंद मिले आवासों का दोबारा निरीक्षण कर हकीकत पता करने की बात कही थी।
विज्ञापन
इसके चलते डूडा अधिकारी ने अपनी टीम के साथ शहर के एसपी आवास के पीछे स्थित सैनिक कालोनी में 54, कखावतू कालोनी में 17 व एसपी आवास की कालोनी में 90 सहित अभी तक कुल 161 आवासों के बाहर नोटिस चस्पा करने की कार्रवाई की गई। जिला प्रशासन की ओर से की गई इस कार्रवाई से कालोनी में पात्र बनकर आवास पाने वालों में खलबली मची हुई है। वहीं निरीक्षण के दौरान मौके पर किराएदारी के स्पष्ट साक्ष्य मिलने पर दो लाभार्थियों ने स्वत: ही आवास सरेंडर कर दिए।
ऐसे आवासों के लाभार्थियों की पात्रता निरस्त की जाएगी जो बाहर रह रहे हैं और कभी आवास खुले ही नहीं है। इनमें मृतक के भी नाम शामिल हैं। साथ ही किराए पर भी उठे पाए गए हैं। वह चिंहित कर लिए गए हैं। इनकी संख्या 172 है वह सभी निरस्त किए जाएंगे। इसके अलावा निरीक्षण के दौरान बंद मिले आवासों की पुन: जांच कराई जाएगी। इसके लिए ऐसे समय जांच करने के निर्देश दिए गए हैं जब लाभार्थी मौके पर मिल सके।
माला श्रीवास्तव, डीएम
विज्ञापन
शहर की चार कांशीराम कालोनियों में पात्र बनकर गरीबों का हक छीनने वाले अपात्रों ने आवास पाने के बाद उन्हें किराए पर उठाकर पैसे कमाने का साधन बना लिया था। इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित कर जिला प्रशासन को इस ओर संकेत दिए थे। इसके बाद डीएम माला श्रीवास्तव ने चार अधिकारियों के नेतृत्व में अलग-अलग टीमेें बनाकर कालोनियों मेें लाभार्थियों के आवासों की जांच करवाई।
विज्ञापन
इस क्रम में सभी टीमों की ओर से दी गई रिपोर्ट में चारो कालोनियों में 172 आवास किराए पर पाए गए। जबकि 428 आवास बंद मिले। इस पर डीएम ने किराए पर उठे मिले आवासों के लाभार्थियों को तत्काल नोटिस चस्पा कर उनके खिलाफ आवास निरस्तीकरण की कार्रवाई के निर्देश दिए थे। वहीं बंद मिले आवासों का दोबारा निरीक्षण कर हकीकत पता करने की बात कही थी।
विज्ञापन
इसके चलते डूडा अधिकारी ने अपनी टीम के साथ शहर के एसपी आवास के पीछे स्थित सैनिक कालोनी में 54, कखावतू कालोनी में 17 व एसपी आवास की कालोनी में 90 सहित अभी तक कुल 161 आवासों के बाहर नोटिस चस्पा करने की कार्रवाई की गई। जिला प्रशासन की ओर से की गई इस कार्रवाई से कालोनी में पात्र बनकर आवास पाने वालों में खलबली मची हुई है। वहीं निरीक्षण के दौरान मौके पर किराएदारी के स्पष्ट साक्ष्य मिलने पर दो लाभार्थियों ने स्वत: ही आवास सरेंडर कर दिए।
ऐसे आवासों के लाभार्थियों की पात्रता निरस्त की जाएगी जो बाहर रह रहे हैं और कभी आवास खुले ही नहीं है। इनमें मृतक के भी नाम शामिल हैं। साथ ही किराए पर भी उठे पाए गए हैं। वह चिंहित कर लिए गए हैं। इनकी संख्या 172 है वह सभी निरस्त किए जाएंगे। इसके अलावा निरीक्षण के दौरान बंद मिले आवासों की पुन: जांच कराई जाएगी। इसके लिए ऐसे समय जांच करने के निर्देश दिए गए हैं जब लाभार्थी मौके पर मिल सके।
माला श्रीवास्तव, डीएम