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Auraiya News: जमीन कब्जाने में पूर्व लेखपाल का बेटा व बहू भी शामिल

Tue, 10 Jun 2025 11:55 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Tue, 10 Jun 2025 11:55 PM IST
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The son and daughter-in-law of the former accountant are also involved in the land grabbing
औरैया। ग्राम पंचायत नियामतपुर बिहारी में हुए जमीन के फर्जीवाड़े में सफेदपोश नेताओं के साथ कानपुर देहात निवासी पूर्व लेखपाल का बेटा और बहू भी शामिल पाए गए हैं।
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इन्होंने फर्जी प्रविष्टियों के जरिये न सिर्फ जमीन अपने नाम कराई, बल्कि उस पर काबिज हो गए। एसडीएम कोर्ट के आदेश पर सभी को जमीन से बेदखल कर दिया गया है।
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भाग्यनगर ब्लॉक के दिबियापुर फफूंद मार्ग से सटी नियामतपुर बिहारी में एसडीएम सदर न्यायालय ने विभिन्न गाटा संख्या पर काबिज 28 लोगों के खिलाफ निरस्तीकरण के आदेश दिए हैं। साथ ही करीब 13 एकड़ जमीन को ऊसर-बंजर में दर्ज करने को कहा है।
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सूत्रों के अनुसार, नियामतपुर बिहारी में एसडीएम सदर ने जिस जमीन के लिए आदेश किए हैं, उस जमीन पर दिबियापुर के इंद्रानगर निवासी पूर्व लेखपाल रमाकांत अवस्थी के पुत्र संदीप व उनकी अनुज वधू सुनीता भी काबिज थीं।
यह भी फर्जी प्रविष्टियों के जरिये जमीन अपने नाम दर्ज कराकर उस पर काबिज थे। पूर्व लेखपाल रमाकांत अवस्थी मूल रूप से जिला कानपुर देहात के निवासी हैं। सूत्रों की मानें तो रमाकांत की नियामतपुर बिहारी में तैनाती भी रही है। जानकार बताते हैं कि इस ग्राम पंचायत में सघनता से जमीनों की जांचें हो जाएं तो कई और मामले सामने आ सकते हैं।

पूर्व लेखपाल ने 230 अपात्रों को दिए थे पट्टे

औरैया। नियामतपुर बिहारी में 13 एकड़ जमीन ग्रामसभा में दर्ज करने के आदेश ने पूर्व लेखपाल रमाकांत अवस्थी को सुर्खियों में ला दिया है। उनका बेटा व अनुज बहू इस जमीन पर काबिज थींं। पूर्व लेखपाल रमाकांत की तैनाती दिबियापुर कस्बे के इर्दगिर्द पंचायतों में रही थी।
उनकी तैनाती के सेहुद ग्राम पंचायत में 2002 में 230 अपात्रों को आवासीय पट्टे रेवड़ी की तरह बांटे थे, हालांकि मामला सामने आने पर एडीएम कोर्ट ने पिछले साल इन पट्टों को निरस्त किया था। वहीं इस जमीन पर भवन बना चुके लोगों को अब बेदखल किया जा रहा है।
जानकारों का कहना है कि इन जमीनों के फर्जीवाड़े में उस दौरान लोगों को लाभ देने के बदले मोटी धन उगाही हुई थी, लेकिन सालों बाद ये मामले उजागर होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

हथियाई गई जमीन दोबारा से सरकार अपने कब्जे में लेने लगी है। लेकिन फर्जीवाड़ा में संलिप्त तत्कालीन राजस्व कर्मी अभी तक प्रशासन की रडार पर नहीं आ सके हैं।
मामले में जो भी दोषी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा। सभी मामलों में निरंतर कवायद चल रही है। -डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी, डीएम
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