{"_id":"62040588dd77b9767871f8f5","slug":"the-pits-could-not-be-filled-even-after-spending-35-lakhs-auraiya-news-knp6797672128","type":"story","status":"publish","title_hn":"35 लाख खर्च करके भी नहीं भर पाए गड्ढे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
35 लाख खर्च करके भी नहीं भर पाए गड्ढे
विज्ञापन
शहर में जालौन चौराहे पर सड़क पर बने गड्ढ़ों से बचकर ऑटो निकालता चालक व पीछे से आ रहे अन्य वाहन। संव
- फोटो : AURAIYA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
औरैया। मरम्मत के नाम पर सात माह में नौ किलोमीटर लंबे दो मार्गों पर विभाग ने करीब 35 लाख रुपये खर्च कर दिए। जालौन चौराहे से यमुना नदी पुल तक के मार्ग की सात माह में पांच बार मरम्मत हुई लेकिन अभी भी गड्ढों के कारण चलना मुश्किल है। इसी तरह, पुर्वा तरा से सौंथरा अड्डा गांव तक की सड़क भी मरम्मत के बाद भी बदहाल पड़ी है। लोगों का इन मार्गों से निकलना मुश्किल है।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से जालौन चौराहे से लेकर यमुना नदी शेरगढ़ घाट पुल तक पांच किलोमीटर के रास्ते पर पछले सात माह में पांच बार पैचवर्क कराया गया और इस पर करीब 25 लाख रुपये खर्च किए गए। इसके बाद भी इस मार्ग पर गड्ढे ही गड्ढे हैं।
24 घंटे भारी वाहनों व यात्री वाहनों के फर्राटा भरने से यह मार्ग बुरी तरह से जर्जर हो चुका है। पैचवर्क से काम चल नहीं पा रहा है फिर भी विभागीय अधिकारी पैचवर्क पर लाखों रुपये खर्च कर रहे हैं। ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों को नहीं है। लाखों का बजट खर्च होने के बाद भी सड़कों की दशा नहीं सुधरी।
विज्ञापन
इधर, विभाग एक बार फिर से पैचवर्क का काम कराने में लगा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, इस मार्ग पर कराए गए काम में बड़ा खेल हुआ। दो बार तो उखड़कर सड़क किनारे एकत्रित हुई मिट्टी व बजरी उठवाकर फिर से गड्ढों को भर दिया गया।
नई गिट्टी व मौरंग के एवज में लाखों रुपये के वारे-न्यारे कर लिए गए। यही हाल बेला क्षेत्र में पुर्वा तरा व सौंथरा अड्डा गांव तक के चार किलोमीटर लंबे मार्ग का भी है। यहां पर भी सड़क मरम्मत के नाम पर 10 लाख रुपये खर्च किए गए। लेकिन गड्ढों का दर्द अभी भी राहगीर झेल रहे हैं।
विज्ञापन
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से जालौन चौराहे से लेकर यमुना नदी शेरगढ़ घाट पुल तक पांच किलोमीटर के रास्ते पर पछले सात माह में पांच बार पैचवर्क कराया गया और इस पर करीब 25 लाख रुपये खर्च किए गए। इसके बाद भी इस मार्ग पर गड्ढे ही गड्ढे हैं।
विज्ञापन
24 घंटे भारी वाहनों व यात्री वाहनों के फर्राटा भरने से यह मार्ग बुरी तरह से जर्जर हो चुका है। पैचवर्क से काम चल नहीं पा रहा है फिर भी विभागीय अधिकारी पैचवर्क पर लाखों रुपये खर्च कर रहे हैं। ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों को नहीं है। लाखों का बजट खर्च होने के बाद भी सड़कों की दशा नहीं सुधरी।
विज्ञापन
इधर, विभाग एक बार फिर से पैचवर्क का काम कराने में लगा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, इस मार्ग पर कराए गए काम में बड़ा खेल हुआ। दो बार तो उखड़कर सड़क किनारे एकत्रित हुई मिट्टी व बजरी उठवाकर फिर से गड्ढों को भर दिया गया।
नई गिट्टी व मौरंग के एवज में लाखों रुपये के वारे-न्यारे कर लिए गए। यही हाल बेला क्षेत्र में पुर्वा तरा व सौंथरा अड्डा गांव तक के चार किलोमीटर लंबे मार्ग का भी है। यहां पर भी सड़क मरम्मत के नाम पर 10 लाख रुपये खर्च किए गए। लेकिन गड्ढों का दर्द अभी भी राहगीर झेल रहे हैं।