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जीवन का संगम है सुख और दुख
ब्यूरो/अमर उजाला, औरैया
Updated Wed, 18 Mar 2015 01:18 AM IST
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ब्लाक भाग्य नगर की ग्राम पंचायत नगला पाठक के मजरा विजयपुर में हनुमान मंदिर पर श्रीमद भागवतकथा के दौरान सुदामा चरित्र का पाठ सुनाते हुए कथावाचक पंडित ह्रदेश महाराज ने कहा कि कृष्ण के सबसे प्रिय सखा सुदामा से वह हर बात साझा करते थे।
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सुदामा की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, गरीबी के कारण सुदामा उदास रहते थे। एक बार भगवान श्रीकृष्ण ने अपने सखा सुदामा से कहा कि आप किस कारण मायूस रहते है, सुदामा ने कहा कि मेरा परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है।
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इस गरीबी से मुक्ति पाने के लिए उपाय सोचता रहता हूं तो भगवान श्रीकृष्ण ने सुदामा को समझाते हुए कहा कि सुख और दुख समय का चक्र है, जो प्राणी सुख का भोग करता है उसे दुख का सामना भी करना पड़ता है। समय का चक्र बलवान है, जिसके आगे हर इंसान बेबस है।
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परीक्षित बनीं विमला देवी ने श्रोताओं से कथा श्रवण करने की अपील की। आयोजक विष्णु दयाल नायक, राकेश सिंह ने बुधवार को होने वाले सामूहिक विवाह में शामिल होने की अपील की है।