{"_id":"65e8afc34680f6c5770d4116","slug":"sports-fields-are-marked-talent-is-not-able-to-flourish-due-to-lack-of-resources-auraiya-news-c-211-1-aur1002-109405-2024-03-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: खेल मैदान चिह्नित, संसाधनों के अभाव में नहीं निखर पा रही प्रतिभा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: खेल मैदान चिह्नित, संसाधनों के अभाव में नहीं निखर पा रही प्रतिभा
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिधूना। सरकारी सिस्टम के आगे युवाओं की प्रतिभाएं बेबस नजर आ रही हैं। दो साल पूर्व पहले खेल मैदान को चिह्नित करने के बाद प्रशासन यहां संसाधन जुटाना भूल गया।
ब्लाॅक बिधूना की ग्राम पंचायत विमटामऊ व रूपपुर सहार में लगभग दो वर्ष पूर्व खेल मैदान के लिए दोनों पचायतों में मैदान चिह्नित किये गए, लेकिन प्रशासन की ओर से बजट न देने से खेल मैदान अधूरे पड़े हैं। युवा अपनी प्रतिभाएं नहीं दिखा पा रहे हैं। खेल मैदान पूरे न होने पर युवाओं में मायूसी छाई हैं। कहीं न कहीं नाराजगी भी पनप रही है।
ग्रामीण क्षेत्र में खेलकूद को बढ़ावा और युवा खिलाड़ियों की छिपी प्रतिभा निखारने के लिए गांव स्तर पर खेल मैदान चिह्नित कर मैदान बनाने काम किया गया। ब्लाॅक स्तर के अधिकारियों की उदासीनता के चलते गांव के खेल मैदानों में बजट के अभाव संसाधन नहीं जुटाए जा सके। इससे खेल मैदान अधूरे पड़ें हैं।
विज्ञापन
विमटामऊ के मंजरा तुलसीपुर गांव के पास चिह्नित खेल मैदानों में खाली पड़ा है। वहीं रूपपुर सहार गांव के खेल मैदान बिना ससंधानों के अधूरा पड़ा हैं। इस संबंध में विमटामऊ पंचायत के प्रधान हाकिम सिंह ने बताया कि खेल मैदान गांव को मिला था। इसकी जगह को चिन्हित किया गया। समतलीकरण कराया जा चुका है, लेकिन कोई बजट अभी तक नहीं आया है, जिससे कि संसाधन जुटाए जा सकें।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
खेल मैदान नहीं होने से अभ्यास में दिक्कत
फोटो-06एयूआरपी08-कशिश मिश्रा। संवाद
भरोत्तोलन में सिल्वर मेडल विजेता कशिश मिश्रा ने बताया कि बिधूना एरवाकटरा ब्लाॅक क्षेत्र के गांव स्तर पर कोई खेल मैदान नहीं है। इससे स्कूली छात्राओं के साथ-साथ अन्य खिलाड़ी अपनी प्रतिभा नहीं दिखा पा रहे। काॅलेजों में पढ़ाई करने के दौरान ही अभ्यास करने का मौका मिलता है। इसमें अभ्यास कर प्रदेश स्तर पर खेल पाईं हूं।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
संसाधन मिले तो बात बने
फोटो-06एयूआरपी09- उदय प्रताप सिंह। संवाद
व्यायाम शिक्षक उदय प्रताप सिंह जादौन ने बताया कि गांव स्तर में अगर जो खेलकूद मैदान चिह्नित किये गए। उनमें अगर संसाधन लग जाएं तो स्कूली युवाओं को खेल प्रतिभाएं दिखाने अवसर मिले, लेकिन गांव में चिन्हित मैदानों में संसाधन नहीं है। इससे युवा मायूस नजर आते हैं। इस पर शासन प्रशासन को ध्यान देने की जरूरत है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
क्या बोले जिम्मेदार-- -- -
‘खेल मैदानों के बारे में अभी कुछ सही जानकारी नहीं है। ब्लाक स्तर के सभी मैदानों को विकसित करने के लिए जानकारी जुटाई जाएगी। अधूर पड़े मैदानों को पूरा कराते हुए संसाधनों को जुटाया जाएगा।- राजनरायण पांडेय, बीडीओ
विज्ञापन
बिधूना। सरकारी सिस्टम के आगे युवाओं की प्रतिभाएं बेबस नजर आ रही हैं। दो साल पूर्व पहले खेल मैदान को चिह्नित करने के बाद प्रशासन यहां संसाधन जुटाना भूल गया।
ब्लाॅक बिधूना की ग्राम पंचायत विमटामऊ व रूपपुर सहार में लगभग दो वर्ष पूर्व खेल मैदान के लिए दोनों पचायतों में मैदान चिह्नित किये गए, लेकिन प्रशासन की ओर से बजट न देने से खेल मैदान अधूरे पड़े हैं। युवा अपनी प्रतिभाएं नहीं दिखा पा रहे हैं। खेल मैदान पूरे न होने पर युवाओं में मायूसी छाई हैं। कहीं न कहीं नाराजगी भी पनप रही है।
विज्ञापन
ग्रामीण क्षेत्र में खेलकूद को बढ़ावा और युवा खिलाड़ियों की छिपी प्रतिभा निखारने के लिए गांव स्तर पर खेल मैदान चिह्नित कर मैदान बनाने काम किया गया। ब्लाॅक स्तर के अधिकारियों की उदासीनता के चलते गांव के खेल मैदानों में बजट के अभाव संसाधन नहीं जुटाए जा सके। इससे खेल मैदान अधूरे पड़ें हैं।
विज्ञापन
विमटामऊ के मंजरा तुलसीपुर गांव के पास चिह्नित खेल मैदानों में खाली पड़ा है। वहीं रूपपुर सहार गांव के खेल मैदान बिना ससंधानों के अधूरा पड़ा हैं। इस संबंध में विमटामऊ पंचायत के प्रधान हाकिम सिंह ने बताया कि खेल मैदान गांव को मिला था। इसकी जगह को चिन्हित किया गया। समतलीकरण कराया जा चुका है, लेकिन कोई बजट अभी तक नहीं आया है, जिससे कि संसाधन जुटाए जा सकें।
खेल मैदान नहीं होने से अभ्यास में दिक्कत
फोटो-06एयूआरपी08-कशिश मिश्रा। संवाद
भरोत्तोलन में सिल्वर मेडल विजेता कशिश मिश्रा ने बताया कि बिधूना एरवाकटरा ब्लाॅक क्षेत्र के गांव स्तर पर कोई खेल मैदान नहीं है। इससे स्कूली छात्राओं के साथ-साथ अन्य खिलाड़ी अपनी प्रतिभा नहीं दिखा पा रहे। काॅलेजों में पढ़ाई करने के दौरान ही अभ्यास करने का मौका मिलता है। इसमें अभ्यास कर प्रदेश स्तर पर खेल पाईं हूं।
संसाधन मिले तो बात बने
फोटो-06एयूआरपी09- उदय प्रताप सिंह। संवाद
व्यायाम शिक्षक उदय प्रताप सिंह जादौन ने बताया कि गांव स्तर में अगर जो खेलकूद मैदान चिह्नित किये गए। उनमें अगर संसाधन लग जाएं तो स्कूली युवाओं को खेल प्रतिभाएं दिखाने अवसर मिले, लेकिन गांव में चिन्हित मैदानों में संसाधन नहीं है। इससे युवा मायूस नजर आते हैं। इस पर शासन प्रशासन को ध्यान देने की जरूरत है।
क्या बोले जिम्मेदार
‘खेल मैदानों के बारे में अभी कुछ सही जानकारी नहीं है। ब्लाक स्तर के सभी मैदानों को विकसित करने के लिए जानकारी जुटाई जाएगी। अधूर पड़े मैदानों को पूरा कराते हुए संसाधनों को जुटाया जाएगा।- राजनरायण पांडेय, बीडीओ