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Auraiya News: पचनद बैराज व शेरगढ़ पुल से आसानी से गुजर सकेंगे जहाज

Wed, 03 Jan 2024 11:24 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Wed, 03 Jan 2024 11:24 PM IST
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Ships will be able to easily pass through Pachnad Barrage and Shergarh Bridge
दिबियापुर। यमुना नदी से होकर जल परिवहन को बढ़ावा देने की परियोजना को भविष्य में मूर्त रूप देने के लिए शेरगढ़ घाट पुल एवं पचनद बैराज की डिजाइन तैयार की गई है। सड़रापुर में बनने वाला पचनद बैराज नेविगेशन लाक के साथ बनेगा। वहीं शेरगढ़ घाट से जालौन सीमा तक जोड़ने वाले पुल में पियर से पियर की दूरी बढ़ाई गई है। ताकि जल परिवहन के दौरान बड़े जहाजों आदि को निकलने में आसानी हो। बता दें कि 1376 किलोमीटर लंबी यमुना नदी के हरियाणा, दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश से गुजरे 1081 किलोमीटर हिस्से को राष्ट्रीय जलमार्ग-110 घोषित किया जा चुका है।
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विश्व के एकमात्र पांच नदियों क्वारी, पहुंज, सिंध एवं चंबल के संगम स्थल पर पचनद बैराज का निर्माण प्रस्तावित है। बैराज की डिजाइन केंद्रीय जल आयोग द्वारा तैयार कराई जा रही है। सिंचाईं विभाग के अधिकारियों के अनुसार 772 मीटर लंबे पचनद बैराज में 764.20 मीटर वाटर वे बनना प्रस्तावित है। बैराज के गेट वर्टीकल लिफ्ट तकनीक के होंगे। बैराज का निर्माण नेविगेशन लाक के साथ होगा। अधिकारियों के अनुसार नेविगेशन लाक तकनीक से बैराज निर्माण होने से बैराज से जल यातायात आसानी से हो सकेगा।
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जहाजों को निकलने में कोई परेशानी नहीं होगी। जबकि औरैया एवं जालौन जिलों के मुख्यालयों को फोर लेन से जोड़ने की परियोजना के तहत औरैया के शेरगढ़ घाट से लेकर जालौन सीमा तक एक टू लेन का नया पुल बनना प्रस्तावित है। 151 करोड़ से बनने वाले इस पुल के लिए शासनादेश जारी हो चुका है। सेतु निगम द्वारा इस पुल का निर्माण किया जाना है। सेतु निगम कानपुर के सहायक अभियंता पंचम सिंह ने बताया कि नए पुल की डिजाइन इस हिसाब से प्रस्तावित की जा रही है कि पुल के नीचे से जहाजों आदि को निकलने में कोई परेशानी न आए। लगभग 30 वर्ष पूर्व यहां बने पुल में 31 पियर बनाए गए थे, लेकिन प्रस्तावित टू लेन नए पुल की डिजाइन में फेरबदल किया गया है। लगभग 917 मीटर लंबे प्रस्तावित पुल में पियर से पियर की दूरी बढ़ाकर 52 मीटर की जा रही है। पियर से पियर की दूरी बढ़ने से पुल के नीचे केवल 18 पियर ही बनाया जाना प्रस्तावित है। इससे जहाजों एवं पोतों को निकलने में आसानी होगी।
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इंसेट ----

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अधीन भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत सरकार ने 12 अप्रैल 2016 को अधिनियमित राष्ट्रीय जलमार्ग अधिनियम 2016 के माध्यम से 111 जलमार्गों को राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित किया है। राष्ट्रीय जलमार्ग-110 दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से होते हुए यमुना नदी से होकर गुजरेगा। इस राष्ट्रीय जलमार्ग की कुल लंबाई 1081 किलोमीटर होगी। यहां बता दें कि संगम नगरी प्रयागराज से हल्दिया के बीच अंतर्देशीय जलमार्ग परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है। इस जलमार्ग को राष्ट्रीय जलमार्ग एक नाम दिया गया है। जबकि प्रयागराज से नई दिल्ली तक जलमार्ग को राष्ट्रीय जलमार्ग दो नाम दिया गया है।
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