{"_id":"689ce291b2e175795007e57c","slug":"seniors-should-guide-junior-colleagues-auraiya-news-c-211-1-aur1006-130052-2025-08-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: जूनियर साथियों का मार्गदर्शन करें सीनियर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: जूनियर साथियों का मार्गदर्शन करें सीनियर
Thu, 14 Aug 2025 12:38 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Thu, 14 Aug 2025 12:38 AM IST
विज्ञापन
फोटो-13एयूआरपी 04- एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं व स्टाफ को संबोधित करते प्राचार्य डॉ. मुकेश वीर स
औरैया। समाधान पुरवा स्थित मेडिकल कॉलेज में बुधवार को एंटी-रैगिंग सप्ताह का शुभारंभ किया गया। इसका उद्देश्य कैंपस को पूरी तरह से रैगिंग मुक्त बनाना और छात्रों के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल बनाना है।
इस मौके एंटी रैगिंग कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि सीनियर छात्र अपने जूनियरों का मार्गदर्शन करें। उन्होंने एमबीबीएस के छात्रों व स्टाफ से संवाद भी किया।
मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. मुकेश वीर सिंह ने फैकल्टी के सदस्यों और एमबीबीएस छात्र-छात्राओं से एक-दूसरे के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना बनाए रखने का आग्रह किया।
एंटी रैगिंग कमेटी के अध्यक्ष डॉ. अमन कुमार ने कहा कि वरिष्ठ छात्रों को जूनियर के मार्गदर्शक और सहयोगी के रूप में काम करना चाहिए। न कि डर या दबाव का माहौल बनाना चाहिए। उन्होंने समिति की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि किसी भी शिकायत पर तुरंत और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पवन शर्मा ने रैगिंग को एक गंभीर अपराध बताया। इसके मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में भी जानकारी दी।
अकादमिक डीन डॉ. मेधा दास ने रैगिंग की किसी भी घटना की सूचना हेल्पलाइन, ईमेल या शिकायत पेटी के माध्यम से देने की जानकारी उपलब्ध कराई। कार्यक्रम के समापन पर सभी लोगों ने रैगिंग मुक्त और सुरक्षित कैंपस के निर्माण का संकल्प लिया।
विज्ञापन
इस मौके एंटी रैगिंग कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि सीनियर छात्र अपने जूनियरों का मार्गदर्शन करें। उन्होंने एमबीबीएस के छात्रों व स्टाफ से संवाद भी किया।
मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. मुकेश वीर सिंह ने फैकल्टी के सदस्यों और एमबीबीएस छात्र-छात्राओं से एक-दूसरे के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना बनाए रखने का आग्रह किया।
विज्ञापन
एंटी रैगिंग कमेटी के अध्यक्ष डॉ. अमन कुमार ने कहा कि वरिष्ठ छात्रों को जूनियर के मार्गदर्शक और सहयोगी के रूप में काम करना चाहिए। न कि डर या दबाव का माहौल बनाना चाहिए। उन्होंने समिति की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि किसी भी शिकायत पर तुरंत और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पवन शर्मा ने रैगिंग को एक गंभीर अपराध बताया। इसके मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में भी जानकारी दी।
अकादमिक डीन डॉ. मेधा दास ने रैगिंग की किसी भी घटना की सूचना हेल्पलाइन, ईमेल या शिकायत पेटी के माध्यम से देने की जानकारी उपलब्ध कराई। कार्यक्रम के समापन पर सभी लोगों ने रैगिंग मुक्त और सुरक्षित कैंपस के निर्माण का संकल्प लिया।