{"_id":"5ddc2a528ebc3e54ae2844d3","slug":"seachtya-fail-auraiya-news-knp528180331","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वच्छ सर्वेक्षण में जिले को 304वां स्थान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वच्छ सर्वेक्षण में जिले को 304वां स्थान
विज्ञापन
औरैया। प्रशासन के प्रयासों के बाद भी जिले की सफाई व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही है। इसी का नतीजा है कि स्वच्छ सर्वेक्षण में औरैया काफी पीछे चला गया है। जिले को देश में 304वां स्थान प्राप्त हुआ। हैरानी की बात यह है कि सफाई के मामले में आसपास के जिले औरैया से आगे निकल गए।
जिले में 477 ग्राम पंचायतें हैं। औरैया, अजीतमल, भाग्यनगर, अछल्दा, एरवाकटरा, बिधूना व सहार समेत सात ब्लॉकों में स्थित पंचायतों में साफ-सफाई की व्यवस्था के लिए सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है लेकिन इसके बावजूद भी सैकड़ों ग्राम पंचायतें सफाई के मामले में फिसड्डी है। कई गांवों में सफाई व्यवस्था की बात तो दूर कर्मचारी आते ही नहीं हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 में औरैया को 304वां स्थान प्राप्त हुआ है। स्वच्छता के मामले में आसपास के जिले इटावा ने 70वां, जालौन ने 299वां स्थान प्राप्त कर औरैया को पीछे छोड़ दिया।
काम न आया कोई जतन
औरैया। ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए रैली आदि निकालकर लोगों को जागरूक करने के साथ ही स्थानीय नागरिकों का स्वच्छता के लिए आह्वान भी किया गया। लोगों को जागरूक करने के अलावा फीडबैक भी जुटाया गया। इस दौरान लोगों ने अपना फीडबैक भी दर्ज कराए। इन सभी कवायदों के बाद भी स्वच्छ सर्वेक्षण के मामले में जिला एक बार फिर फिसड्डी साबित हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में 477 ग्राम पंचायतें हैं। औरैया, अजीतमल, भाग्यनगर, अछल्दा, एरवाकटरा, बिधूना व सहार समेत सात ब्लॉकों में स्थित पंचायतों में साफ-सफाई की व्यवस्था के लिए सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है लेकिन इसके बावजूद भी सैकड़ों ग्राम पंचायतें सफाई के मामले में फिसड्डी है। कई गांवों में सफाई व्यवस्था की बात तो दूर कर्मचारी आते ही नहीं हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 में औरैया को 304वां स्थान प्राप्त हुआ है। स्वच्छता के मामले में आसपास के जिले इटावा ने 70वां, जालौन ने 299वां स्थान प्राप्त कर औरैया को पीछे छोड़ दिया।
विज्ञापन
काम न आया कोई जतन
औरैया। ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए रैली आदि निकालकर लोगों को जागरूक करने के साथ ही स्थानीय नागरिकों का स्वच्छता के लिए आह्वान भी किया गया। लोगों को जागरूक करने के अलावा फीडबैक भी जुटाया गया। इस दौरान लोगों ने अपना फीडबैक भी दर्ज कराए। इन सभी कवायदों के बाद भी स्वच्छ सर्वेक्षण के मामले में जिला एक बार फिर फिसड्डी साबित हुआ है।
विज्ञापन