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एसडीएम ने बेटे के साथ चुराई नीली बत्ती

Fri, 16 Oct 2015 12:40 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, औरैया
ब्यूरो अमर उजाला, औरैया Updated Fri, 16 Oct 2015 12:40 AM IST
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SDM with his son stole the blue light

अलीगढ़ में तैनात उपजिलाधिकारी अनिल त्रिपाठी ने साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से बेटे ऐश्वर्य त्रिपाठी के साथ थाने में खड़ी कार की नीली बत्ती चुराई थी। बुधवार देर शाम थाना दिबियापुर में एसडीएम एवं उनके बेटे के खिलाफ साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से नीली बत्ती चोरी करने का अभियोग पंजीकृत कर लिया गया।

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आठ अक्तूबर दोपहर दो बजे एक नीली बत्ती लगी इंडिका कार को औरैया के पूर्व एसडीएम एवं वर्तमान में अलीगढ़ के एसडीएम अनिल त्रिपाठी का बेटा ऐश्वर्य त्रिपाठी चला रहा था। चार पहिया वाहन को थाने लाकर सीज कर दिया गया।
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बुधवार 14 अक्तूबर की शाम थानाध्यक्ष फहीम अख्तर ने ऐश्वर्य त्रिपाठी के विरुद्ध अवैध टोकन धारण कर जनता को वैभव दिखाने की आईपीसी की धारा 171 में अभियोग पंजीकृत कर लिया था।
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बताते हैं कि अभियोग पंजीकृत होने की भनक जैसे ही एसडीएम को लगी। वह अपने पुत्र ऐश्वर्य के साथ थाने में आ धमके। थाने के हेड मुहर्रिर मालखाना सुवेंद्र कुमार के अनुसार 14 अक्तूबर को शाम सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर में अनिल त्रिपाठी एवं उनके पुत्र ऐश्वर्य त्रिपाठी थाना परिसर में आए।


थाने के संतरी पहरे में नियुक्त पीआरडी अखिलेश कुमार को बातों में लगाकर कार में लगी नीली बत्ती को साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से चोरी कर लिया। जब तक वे एसडीएम की स्विफ्ट डिजायर तक पहुंचकर टोकते, तब तक दोनों लोग कार से भाग गए।

 
इस मामले में आईपीसी की धारा 379 में अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। एक ही दिन में एसडीएम एवं उनके पुत्र पर दो अलग अभियोग पंजीकृत होने से तरह तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
 

उनकी कार तो शमन शुल्क लेकर छोड़ दी गई थी - दिबियापुर (औरैया)। एसडीएम अनिल त्रिपाठी से दूरभाष पर हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि उनकी कार को सात अक्तूबर को पकड़ा अवश्य गया था, लेकिन 300 रुपये शमन शुल्क लेकर कार को छोड़ भी दिया गया था।


उनकी कार थाने में खड़ी थी, वे जिस कार से जा रहे थे, उसकीनीली बत्ती खराब हो गई थी। इसके चलते वे थाने में खड़ी कार की नीली बत्ती खोल ले आए, इसमें चोरी जैसी कोई बात नहीं है। उन्होंने शमन शुल्क की रसीद भी मेल पर भेजी है।



इस संबंध में थानाध्यक्ष मो.फहीम अख्तर का कहना है कि सात अक्तूबर को शमन शुल्क लेकर छोड़ दिया गया था। अगले दिन दोबारा ऐश्वर्य त्रिपाठी कार लेकर दोबारा घूमता पाया गया। इसलिए सीज कर थाने में खड़ी कर दी गई थी।

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