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औरैयाः स्कूल भवन जर्जर, पेड़ के नीचे पढ़ते बच्चे
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रुरुगंज। स्कूलों में कायाकल्प के नाम पर कागजी कार्रवाई कर खानापूरी की जा रही है। कई स्कूल आज भी जर्जर है। इसी क्रम में अछल्दा के ऐली स्थित प्राथमिक स्कूल में कमरे व छत जर्जर होने पर बच्चे खुले में बरगद के पेड़ के नीचे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। बारिश के मौसम में जर्जर स्कूल में खतरा और बढ़ गया है।
ऐली स्थित प्राथमिक विद्यालय में 55 बच्चे पंजीकृत है। विद्यालय की बिल्डिंग काफी पुरानी व जर्जर होने की वजह से सभी कमरों की छतों में दरारें पड़ गई हैं। छत से प्लास्टर गिरता रहता है। बारिश होने पर विद्यालय के सभी कमरों में पानी टपकने लगता है। जिससे विद्यालय की छत गिरने का डर बना रहता है। अभिभावक बच्चों को विद्यालय भेज तो देते हैं लेकिन उन्हें हमेशा हादसे की चिंता सताती रहती है।
जर्जर इमारत के खतरे को भांपते हुए प्राधानाध्यापक श्रीपति ने शिक्षा विभाग को कई शिकायती पत्र दिए पर विभाग की ओर से कोई कदम नहीं उठाए गए। तब प्रधानाचार्य ने दो शिक्षामित्रों के साथ बच्चों को परिसर में लगे बरगद के पेड़ के नीचे पढ़ाने का फैसला लिया। इधर विद्यालय की बिल्डिंग जर्जर होने की वजह से बच्चों का पंजीकरण भी कम हुआ है। बीएसए विपिन कुमार ने बताया कि इस मामले की जानकारी कर जल्द समस्या दूर कराई जाएगी।
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ऐली स्थित प्राथमिक विद्यालय में 55 बच्चे पंजीकृत है। विद्यालय की बिल्डिंग काफी पुरानी व जर्जर होने की वजह से सभी कमरों की छतों में दरारें पड़ गई हैं। छत से प्लास्टर गिरता रहता है। बारिश होने पर विद्यालय के सभी कमरों में पानी टपकने लगता है। जिससे विद्यालय की छत गिरने का डर बना रहता है। अभिभावक बच्चों को विद्यालय भेज तो देते हैं लेकिन उन्हें हमेशा हादसे की चिंता सताती रहती है।
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जर्जर इमारत के खतरे को भांपते हुए प्राधानाध्यापक श्रीपति ने शिक्षा विभाग को कई शिकायती पत्र दिए पर विभाग की ओर से कोई कदम नहीं उठाए गए। तब प्रधानाचार्य ने दो शिक्षामित्रों के साथ बच्चों को परिसर में लगे बरगद के पेड़ के नीचे पढ़ाने का फैसला लिया। इधर विद्यालय की बिल्डिंग जर्जर होने की वजह से बच्चों का पंजीकरण भी कम हुआ है। बीएसए विपिन कुमार ने बताया कि इस मामले की जानकारी कर जल्द समस्या दूर कराई जाएगी।
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