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Auraiya News: सफाई कर्मियों ने हड़ताल कर फफूंद स्टेशन पर बंद की सफाई
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संवाद न्यूज एजेंसी
दिबियापुर।
रेलवे स्टेशन फफूंद पर ठेके पर तैनात स्वच्छता मित्र (सफाई कर्मियों) ने ठेकेदार पर रेलवे द्वारा घोषित न्यूनतम मजदूरी न दिए जाने का आरोप लगाते हुए सफाई बंद कर दी। प्रमुख रेलवे स्टेशन पर सफाई न होने की सूचना पर ठेकेदार ने कानपुर से सफाई कर्मी बुलाकर लगभग पांच घंटे बाद सफाई कराई। रेल प्रशासन इस मामले में अपना पल्ला झाड़ता दिखाई दिया।
फफूंद रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन सुबह सात बजे से शुरू होने वाली सफाई गुरुवार को शुरू नहीं हुई। इस पर ठेकेदार के सुपरवाइजर ने ठेके पर तैनात सफाई कर्मियों से सफाई न होने का कारण पूछा। कर्मियों ने रेलवे द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी न मिलने तक काम बंद रखने की बात कह विरोध जताया। कर्मियों ने बताया कि फफूंद रेलवे स्टेशन पर करीब 25 सफाई कर्मी चार वर्षों से काम कर रहे हैं। उन्हें ठेकेदार द्वारा केवल सात हजार रुपये महीने ही दिया जाता है। जब ठेकेदार से मजदूरी बढ़ाने के लिए कहा जाता है तो वह निकालने की चेतावनी देते हैं। साथ ही दोबारा नौकरी पर न रखने की धमकी देते हैं। इतने कम मासिक वेतन में वह घर खर्च नहीं चला पा रहे हैं।
सुबह से कई घंटों तक रेलवे स्टेशन पर साफ सफाई न होने की जानकारी होने पर रेल प्रशासन ने ठेकेदार को सफाई कराने के निर्देश दिए। इसके बाद दोपहर लगभग 12 बजे कानपुर से पहुंचे सात सफाई कर्मियों ने रेलवे स्टेशन पर पहुंच सफाई व्यवस्था संभाली।
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निर्धारित न्यूनतम मजदूरी दिए जाने के लिए सभी ठेकेदारों को रेलवे के निर्देश हैं। अभी तक फफूंद रेलवे स्टेशन पर ठेके पर तैनात सफाई कर्मियों ने न्यूनतम मजदूरी नहीं मिलने की कोई शिकायत नहीं की है। शिकायत मिलने पर जांच के उपरांत आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - अमित सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज
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दिबियापुर।
रेलवे स्टेशन फफूंद पर ठेके पर तैनात स्वच्छता मित्र (सफाई कर्मियों) ने ठेकेदार पर रेलवे द्वारा घोषित न्यूनतम मजदूरी न दिए जाने का आरोप लगाते हुए सफाई बंद कर दी। प्रमुख रेलवे स्टेशन पर सफाई न होने की सूचना पर ठेकेदार ने कानपुर से सफाई कर्मी बुलाकर लगभग पांच घंटे बाद सफाई कराई। रेल प्रशासन इस मामले में अपना पल्ला झाड़ता दिखाई दिया।
फफूंद रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन सुबह सात बजे से शुरू होने वाली सफाई गुरुवार को शुरू नहीं हुई। इस पर ठेकेदार के सुपरवाइजर ने ठेके पर तैनात सफाई कर्मियों से सफाई न होने का कारण पूछा। कर्मियों ने रेलवे द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी न मिलने तक काम बंद रखने की बात कह विरोध जताया। कर्मियों ने बताया कि फफूंद रेलवे स्टेशन पर करीब 25 सफाई कर्मी चार वर्षों से काम कर रहे हैं। उन्हें ठेकेदार द्वारा केवल सात हजार रुपये महीने ही दिया जाता है। जब ठेकेदार से मजदूरी बढ़ाने के लिए कहा जाता है तो वह निकालने की चेतावनी देते हैं। साथ ही दोबारा नौकरी पर न रखने की धमकी देते हैं। इतने कम मासिक वेतन में वह घर खर्च नहीं चला पा रहे हैं।
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सुबह से कई घंटों तक रेलवे स्टेशन पर साफ सफाई न होने की जानकारी होने पर रेल प्रशासन ने ठेकेदार को सफाई कराने के निर्देश दिए। इसके बाद दोपहर लगभग 12 बजे कानपुर से पहुंचे सात सफाई कर्मियों ने रेलवे स्टेशन पर पहुंच सफाई व्यवस्था संभाली।
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निर्धारित न्यूनतम मजदूरी दिए जाने के लिए सभी ठेकेदारों को रेलवे के निर्देश हैं। अभी तक फफूंद रेलवे स्टेशन पर ठेके पर तैनात सफाई कर्मियों ने न्यूनतम मजदूरी नहीं मिलने की कोई शिकायत नहीं की है। शिकायत मिलने पर जांच के उपरांत आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - अमित सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज