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कला व अभिव्यक्ति का संगम है रामलीला
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
Updated Mon, 23 Nov 2015 11:15 PM IST
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लक्ष्मण-परशुराम संवाद सुनने के लिए रविवार शाम रामलीला मैदान में दर्शकों की भीड़ उमड़ी। लक्ष्मण को परशुराम पर भारी पड़ता देख पांडाल तालियों से गूंज उठा। कस्बे के मोहल्ला विद्या नगर में दो दिवसीय रामलीला का आयोजन किया गया है।
लीला का शुभारंभ ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अंजनी त्रिपाठी ने किया। उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्श हमारे जीवन को खुशहाल बना सकते हैं। यह लीला एक मंच कार्यक्रम ही नहीं, सीखने की प्रयोगशाला है। कला और अभिव्यक्ति का सुंदर मिश्रण है। इसमें बताई गई बातों को सिर्फ ग्रंथों का वर्णन न समझें, उसे अपने जीवन में उतारने की कोशिश करें।
लीला में देर शाम लक्ष्मण परशुराम संवाद का मंचन किया गया। इसमें स्थानीय कलाकारों ने अपनी लीला से सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम के आयोजक लल्लू अवस्थी, रामू तिवारी, अरविंद दुबे, दीपक अवस्थी, विनय, कुंवर सिंह प्रधान, विनोद सेंगर, मदन गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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लीला का शुभारंभ ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अंजनी त्रिपाठी ने किया। उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्श हमारे जीवन को खुशहाल बना सकते हैं। यह लीला एक मंच कार्यक्रम ही नहीं, सीखने की प्रयोगशाला है। कला और अभिव्यक्ति का सुंदर मिश्रण है। इसमें बताई गई बातों को सिर्फ ग्रंथों का वर्णन न समझें, उसे अपने जीवन में उतारने की कोशिश करें।
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लीला में देर शाम लक्ष्मण परशुराम संवाद का मंचन किया गया। इसमें स्थानीय कलाकारों ने अपनी लीला से सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम के आयोजक लल्लू अवस्थी, रामू तिवारी, अरविंद दुबे, दीपक अवस्थी, विनय, कुंवर सिंह प्रधान, विनोद सेंगर, मदन गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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