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प्रधानी का चुनाव लडने वालों के होश फाख्ता
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कंचौसी(औरैया)। कंचौसी देहात के हिस्से की ग्राम पंचायतों का वजूद समाप्त कर तीन ग्राम सभाओं को जोड़कर नगर पंचायत का गठन कर कानपुर देहात के हिस्से में जाने की सूचना से प्रधानी का चुनाव लड़ने वाले दावेदारों के होश फाख्ता हैं। प्रधानी का चुनाव लड़ने वाले अब नए सिरे से गुणा भाग लगा रहे हैं।
शासन की ओर से नई सूचना के अनुसार कंचौसी नगर पंचायत का गठन कर देहात के हिस्से में दे दिया जाएगा। इससे यहां के लोगों को लगभग 70 किमी दूर माती मुख्यालय जाना पड़ेगा। वहीं, प्रधानी का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे लोग भी अब असमंजस में पड़ गए हैं। बान, रानेपुर एवं सडनामऊ में चुनाव की हलचल कुछ धीमी हो गई है।
सबसे खास प्रभाव बान पंचायत पर पड़ेगा। यहां पिछले तीन दशक से मजरा कमलापति पुरवा के एक ही परिवार के पास प्रधानी चली आ रही है। इस गठन से यह मजरा और नगर का हिस्सा लगभग पंद्रह सौ मतदाता गांव पंचायत से अलग होता दिखाई दे रहा है। इससे अब प्रधानी का चुनाव लड़ने वाले नई गणित लगाने में जुट गए हैं। यही हाल सडनामऊ पंचायत का है।
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रानेपुर पंचायत में सांसद देवेंद्र सिंह भोले का निवास होने के कारण इस पंचायत का प्रधान अरसे से उनके परिवार के दिशा निर्देशन से होता आया है। वर्तमान में सांसद परिवार के अति करीबी और पड़ोसी प्रबल प्रताप सिंह प्रधान होने के साथ साथ झींझक बलाक प्रधान संघ के अध्यक्ष भी हैं।
अब नए गठन के बाद नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए अभी किसी का नाम सुनाई नहीं दे रहा है। कुछ संभावित प्रत्याशी और उनके समर्थक इस नगर पंचायत गठन को केवल हवा बता रहे हैं।
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शासन की ओर से नई सूचना के अनुसार कंचौसी नगर पंचायत का गठन कर देहात के हिस्से में दे दिया जाएगा। इससे यहां के लोगों को लगभग 70 किमी दूर माती मुख्यालय जाना पड़ेगा। वहीं, प्रधानी का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे लोग भी अब असमंजस में पड़ गए हैं। बान, रानेपुर एवं सडनामऊ में चुनाव की हलचल कुछ धीमी हो गई है।
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सबसे खास प्रभाव बान पंचायत पर पड़ेगा। यहां पिछले तीन दशक से मजरा कमलापति पुरवा के एक ही परिवार के पास प्रधानी चली आ रही है। इस गठन से यह मजरा और नगर का हिस्सा लगभग पंद्रह सौ मतदाता गांव पंचायत से अलग होता दिखाई दे रहा है। इससे अब प्रधानी का चुनाव लड़ने वाले नई गणित लगाने में जुट गए हैं। यही हाल सडनामऊ पंचायत का है।
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रानेपुर पंचायत में सांसद देवेंद्र सिंह भोले का निवास होने के कारण इस पंचायत का प्रधान अरसे से उनके परिवार के दिशा निर्देशन से होता आया है। वर्तमान में सांसद परिवार के अति करीबी और पड़ोसी प्रबल प्रताप सिंह प्रधान होने के साथ साथ झींझक बलाक प्रधान संघ के अध्यक्ष भी हैं।
अब नए गठन के बाद नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए अभी किसी का नाम सुनाई नहीं दे रहा है। कुछ संभावित प्रत्याशी और उनके समर्थक इस नगर पंचायत गठन को केवल हवा बता रहे हैं।