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पहली ही बारिश में खुली पोल, हर तरफ जलभराव
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दिबियापुर में सड़क पर पानी भरने से बेंच डाल कर रोका गया रास्ता। संवाद
- फोटो : AURAIYA
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औरैया। जिसका डर था वहीं हुआ, मानसून की पहली बारिश ने ही सरकारी सिस्टम की पोल खोल कर रख दी। जलनिकासी का समुचित प्रबंध न होने से गली, मोहल्ल व सड़कें जलमग्न हो गईं। जिन सड़कों पर गड्ढे थे वे जानलेवा हो गईं। थोड़ी सी लापरवाही दुर्घटना का कारण बन सकती है। गांव की गलियों और शहर के मोहल्लों में जलभराव से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है।
हर वर्ष जलनिकासी और सड़कों को गड्ढामुक्त कराने के लिए लाखों रुपये पानी की तरह बहाया जा रहा है, इसके बावजूद व्यवस्था सुधरती नजर नहीं आ रही है। पहली ही बारिश के पानी ने प्रशासन के दावों की पोल खोलकर रख दी है। बिधूना, एरवाकटरा, अछल्दा, फफूंद, सहायल, बेला क्षेत्र के कई गांव, कस्बों में नालियां, नाले चोक होने से जलभराव हो गया। गड्ढे वाली सड़कें जलमग्न हो गई हैं। अब लोग व्यवस्था को कोसते नजर आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि बारिश अब जब लगातार होगी तो स्थिति और बुरी होगी।
जिलाधिकारी प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि बारिश से पहले नाले, नालियां व सफाई सफाई के निर्देश दिए गए थे। जिन स्थानों पर जलभराव हुआ है। वहां पर जलनिकासी का प्रबंध कराया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधान व नगरीय क्षेत्र में नगर निकाय प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए कार्य योजना बनाकर काम किया जा रहा है।
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नाला चोक होने से स्कूल में भरा पानी
बिधूना। बारिश से भले ही लोगों को गर्मी से निजात मिली हो, पर मुसीबतें बढ़ गई हैं। फीडर रोड पर बने नाले की सफाई न होने और नाला चोक होने की वजह से सुबह चार बजे से हो रही बारिश ने पूर्व माध्यमिक स्कूल को जलमग्न कर दिया। परिसर में पानी भर जाने से न तो शिक्षक स्कूल पहुंच सके और न ही बच्चे।
कई जगह चोक पड़े नाले, लोगों में रोष
बिधूना। चोक नाले और जलनिकासी का प्रबंध न होने से कई मोहल्लों में जलभराव हो गया। भगत सिंह चौराहा, फीडर रोड, गांधी नगर आदि मोहल्लों में पानी भर जाने से लोग परेशान रहे। दुकानों और घरों तक पानी पहुंच जाने से लोगों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। पानी निकलने के बाद कीचड़ से फिसलन और गंदगी से संक्रामक रोग फैलने का डर बना हुआ है।
सड़कों पर हुआ जलभराव
एरवाकटरा/रुरुगंज। जर्जर और खस्ताहाल सड़कों की मरम्मत की मांग महीनों से उठ रही है। अधिकारी तब भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कहीं जलनिकासी न होने के कारण सड़कों पर जलभराव है तो कहीं सड़कों पर गड्ढों होने के कारण। फिलहाल ये सड़के जानलेवा साबित होंगी। ऐसे में सड़कों पर फिसलन होने पर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। ।
मौसम हुआ खुशगवार, बारिश का उठाया लुत्फ
बेला/बिधूना। बारिश से किसी के चेहरे पर खुशी तो किसी में उदासी देखने को मिली। ऐसे में गर्मी से राहत मिलने पर युवा और बच्चों ने रिमझिम बारिश में खूब मस्ती कर लुत्फ उठाया। सुबह से कई इलाकों में रुक-रुक कर हुई बारिश से पारा लुढ़क कर 37 डिग्री से 30 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा। उमस से भी लोगों को राहत मिली है। आने वाले दिनों में तेज बारिश होने से और राहत मिलेगी।
उफनाई सड़कें, घरों तक पहुंचा बारिश का पानी
दिबियापुर। पहली बरसात में ही दिबियापुर में जलनिकासी की पोल खुल गई। हर बार की तरह इस बार भी कई प्रमुख सड़कें और गलियां उफनातीं नजर आईं। स्थानीय लोगों ने जलनिकासी के लिए मास्टर प्लान तैयार करके जलनिकासी की व्यवस्था सुदृढ़ किए जाने की मांग की है।
सुबह से शुरू हुई बारिश से ककराही बाजार स्थित बड़ी सब्जी मंडी गली में 15 मिनट के अंदर ही जलभराव हो गया। राहगीर इधर-उधर से रास्तों से गुजरते नजर आए। शास्त्रीनगर में जलभराव से निजात के लिए नगर पंचायत की ओर से इंजन लगाकर पानी निकाला गया। यही हाल गुंजन रोड पर देखने को मिला। यहां पर भी इंजन लगाकर पानी निकाला गया।
अरविंद पोरवाल, अध्यक्ष नगर पंचायत ने कहा कि दिबियापुर स्थित पेट्रोल पंप तिराहा, फफूंद चौराहा एवं बड़ी सब्जी मंडी गली में जहां जलभराव हुआ है। वहां पर सड़कें और गलियां नीचीं हैं। फफूंद चौराहा और पेट्रोल पंप तिराहा पर जलभराव वाली सड़कें पीडब्ल्यूडी की हैं। जलभराव से स्थायी निजात के लिए कार्ययोजना तैयार हो गई है। बारिश के वक्त नालों पर डालीं गईं पटियां भी सड़क पर भरे पानी को नाले में जाने से रोकती हैं। दुकानदार बरसात के वक्त नालों पर डालीं गईं पटियों को हटा लें, ताकि जलभराव न हो।
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हर वर्ष जलनिकासी और सड़कों को गड्ढामुक्त कराने के लिए लाखों रुपये पानी की तरह बहाया जा रहा है, इसके बावजूद व्यवस्था सुधरती नजर नहीं आ रही है। पहली ही बारिश के पानी ने प्रशासन के दावों की पोल खोलकर रख दी है। बिधूना, एरवाकटरा, अछल्दा, फफूंद, सहायल, बेला क्षेत्र के कई गांव, कस्बों में नालियां, नाले चोक होने से जलभराव हो गया। गड्ढे वाली सड़कें जलमग्न हो गई हैं। अब लोग व्यवस्था को कोसते नजर आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि बारिश अब जब लगातार होगी तो स्थिति और बुरी होगी।
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जिलाधिकारी प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि बारिश से पहले नाले, नालियां व सफाई सफाई के निर्देश दिए गए थे। जिन स्थानों पर जलभराव हुआ है। वहां पर जलनिकासी का प्रबंध कराया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधान व नगरीय क्षेत्र में नगर निकाय प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए कार्य योजना बनाकर काम किया जा रहा है।
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नाला चोक होने से स्कूल में भरा पानी
बिधूना। बारिश से भले ही लोगों को गर्मी से निजात मिली हो, पर मुसीबतें बढ़ गई हैं। फीडर रोड पर बने नाले की सफाई न होने और नाला चोक होने की वजह से सुबह चार बजे से हो रही बारिश ने पूर्व माध्यमिक स्कूल को जलमग्न कर दिया। परिसर में पानी भर जाने से न तो शिक्षक स्कूल पहुंच सके और न ही बच्चे।
कई जगह चोक पड़े नाले, लोगों में रोष
बिधूना। चोक नाले और जलनिकासी का प्रबंध न होने से कई मोहल्लों में जलभराव हो गया। भगत सिंह चौराहा, फीडर रोड, गांधी नगर आदि मोहल्लों में पानी भर जाने से लोग परेशान रहे। दुकानों और घरों तक पानी पहुंच जाने से लोगों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। पानी निकलने के बाद कीचड़ से फिसलन और गंदगी से संक्रामक रोग फैलने का डर बना हुआ है।
सड़कों पर हुआ जलभराव
एरवाकटरा/रुरुगंज। जर्जर और खस्ताहाल सड़कों की मरम्मत की मांग महीनों से उठ रही है। अधिकारी तब भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कहीं जलनिकासी न होने के कारण सड़कों पर जलभराव है तो कहीं सड़कों पर गड्ढों होने के कारण। फिलहाल ये सड़के जानलेवा साबित होंगी। ऐसे में सड़कों पर फिसलन होने पर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। ।
मौसम हुआ खुशगवार, बारिश का उठाया लुत्फ
बेला/बिधूना। बारिश से किसी के चेहरे पर खुशी तो किसी में उदासी देखने को मिली। ऐसे में गर्मी से राहत मिलने पर युवा और बच्चों ने रिमझिम बारिश में खूब मस्ती कर लुत्फ उठाया। सुबह से कई इलाकों में रुक-रुक कर हुई बारिश से पारा लुढ़क कर 37 डिग्री से 30 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा। उमस से भी लोगों को राहत मिली है। आने वाले दिनों में तेज बारिश होने से और राहत मिलेगी।
उफनाई सड़कें, घरों तक पहुंचा बारिश का पानी
दिबियापुर। पहली बरसात में ही दिबियापुर में जलनिकासी की पोल खुल गई। हर बार की तरह इस बार भी कई प्रमुख सड़कें और गलियां उफनातीं नजर आईं। स्थानीय लोगों ने जलनिकासी के लिए मास्टर प्लान तैयार करके जलनिकासी की व्यवस्था सुदृढ़ किए जाने की मांग की है।
सुबह से शुरू हुई बारिश से ककराही बाजार स्थित बड़ी सब्जी मंडी गली में 15 मिनट के अंदर ही जलभराव हो गया। राहगीर इधर-उधर से रास्तों से गुजरते नजर आए। शास्त्रीनगर में जलभराव से निजात के लिए नगर पंचायत की ओर से इंजन लगाकर पानी निकाला गया। यही हाल गुंजन रोड पर देखने को मिला। यहां पर भी इंजन लगाकर पानी निकाला गया।
अरविंद पोरवाल, अध्यक्ष नगर पंचायत ने कहा कि दिबियापुर स्थित पेट्रोल पंप तिराहा, फफूंद चौराहा एवं बड़ी सब्जी मंडी गली में जहां जलभराव हुआ है। वहां पर सड़कें और गलियां नीचीं हैं। फफूंद चौराहा और पेट्रोल पंप तिराहा पर जलभराव वाली सड़कें पीडब्ल्यूडी की हैं। जलभराव से स्थायी निजात के लिए कार्ययोजना तैयार हो गई है। बारिश के वक्त नालों पर डालीं गईं पटियां भी सड़क पर भरे पानी को नाले में जाने से रोकती हैं। दुकानदार बरसात के वक्त नालों पर डालीं गईं पटियों को हटा लें, ताकि जलभराव न हो।

फीडर रोड स्थित पूर्व माध्यमिक स्कूल में भरा पानी। संवाद- फोटो : AURAIYA

जलनिकासी न होने से जलमग्न बिधूना की सड़क। संवाद- फोटो : AURAIYA

कंचौसी में सड़क में भरे पानी के बीच से निकलता बालक। संवाद- फोटो : AURAIYA

बारिश के बाद बेला चौराहे पर जलभराव। संवाद- फोटो : AURAIYA

रुरुगंज बाजार की सड़क में भरा पानी। संवाद- फोटो : AURAIYA

ऐरवाकटरा की बाजार में सड़क पर भरा पानी। संवाद- फोटो : AURAIYA