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Auraiya News: छेड़छाड़ के एक मामले में याचिका खारिज, दूसरे में दी जमानत
Wed, 03 Jun 2026 12:11 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Wed, 03 Jun 2026 12:11 AM IST
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औरैया। न्यायालयों से दो अलग-अलग मामलों में फैसला सुनाया। एक मामले में कोर्ट ने आरोपियों की निगरानी याचिका को सिरे से खारिज कर दिया। वहीं, पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट के एक मामले में आरोपियों को सशर्त जमानत दे दी है।
पहला मामला थाना सहायल क्षेत्र के एक गांव का है। पीड़िता ने न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में परिवाद दाखिल कर आरोप लगाया था कि 11 अगस्त 2022 की रात पड़ोसी किशोरीलाल, मोनू, छोटू, रामदास और अमित ने उनके घर में घुसकर गाली-गलौज की और उनके जेठ को पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया।
इसके बाद 17 अगस्त 2022 की रात आरोपी सीढ़ी लगाकर छत पर चढ़ आए और पीड़िता के साथ मारपीट व छेड़छाड़ की। मामले में सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम राजीव कुमार वत्स की अदालत ने आरोपियों की ओर से दाखिल की गई फौजदारी निगरानी याचिका को खारिज करते हुए निचली अदालत के तलबी आदेश को बरकरार रखा है।
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वहीं दूसरा मामला सहायल थाना क्षेत्र के साल 2020 का है। पीड़ित ने चार मई 2020 को एक पीड़िता ने विकास, सुनील, अनिल, देवेन्द्र, शिवम व अन्य पर खेत में बदसलूकी, मारपीट और जातिसूचक गालियां देने का आरोप लगाया था। पुलिस ने पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र की अदालत ने तीन आरोपियों की दूसरी जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। इससे पहले कोर्ट में हाजिर न होने के कारण आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानतीय वारंट जारी किया गया था।
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अपहरण में बाल अपचारी की जमानत याचिका खारिज
औरैया। फफूंद थाना क्षेत्र में एक नाबालिग छात्रा के अपहरण और शादी के मामले में बाल न्यायालय ने बाल अपचारी की जमानत अर्जी को खारिज करते हुए किशोर न्याय बोर्ड के पूर्व आदेश को बरकरार रखा है। बाल न्यायालय के पीठासीन अधिकारी अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने स्पष्ट किया कि अपराध की गंभीरता और किशोर की परिपक्वता को देखते हुए उसे जमानत पर रिहा करना न्याय के उद्देश्यों के विपरीत होगा।
फफूंद थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 26 सितंबर 2025 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पिता का आरोप था कि उनकी 16 वर्षीय बेटी जब सुबह स्कूल जा रही थी, तभी रास्ते से गांव का ही बाल अपचारी ने बेटी का अपहरण कर लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की।
सोमवार को मामले की सुनवाई की गई। बचाव पक्ष ने दलील दी कि किशोर का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और वह कक्षा 12 का छात्र है। अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध किया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद किशोर न्याय बोर्ड के 21 अप्रैल 2026 को दिए गए आदेश को सही ठहराते हुए जमानत याचिका निरस्त कर दी। (संवाद)
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बिजली चोरी में आरोपी को मिली जमानत
औरैया। बिजली चोरी के मामले में विशेष न्यायाधीश विद्युत अधिनियम न्यायालय ने आरोपी मनोज बाथम की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। कोर्ट ने जमानती प्रस्तुत करने पर रिहा करने का आदेश दिए हैं।
अजीतमल थानाक्षेत्र के सूर्यनगर निवासी मनोज बाथम के खिलाफ वर्ष 2017 में बिजली चोरी का मामला दर्ज किया गया था। विभागीय टीम ने 16 अक्तूबर 2017 को जांच के दौरान पाया था कि बिजली बिल बकाया होने के कारण काटी गई लाइन को बिना बकाया जमा किए ही दोबारा जोड़ लिया गया था। इसके बाद अवर अभियंता राजवीर सिंह की तहरीर पर विद्युत अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था।
सोमवार को आरोपी के अधिवक्ता ने विभाग बकाया जमा करने की बात कही। न्यायालय में नो ड्यूज प्रमाण पत्र भी पेश किया गया। विशेष न्यायाधीश विद्युत अधिनियम राजीव कुमार वत्स ने आरोपी को 20 हजार रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र और समान धनराशि का एक जमानती प्रस्तुत करने पर रिहा करने का आदेश दिया है। (संवाद)
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पहला मामला थाना सहायल क्षेत्र के एक गांव का है। पीड़िता ने न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में परिवाद दाखिल कर आरोप लगाया था कि 11 अगस्त 2022 की रात पड़ोसी किशोरीलाल, मोनू, छोटू, रामदास और अमित ने उनके घर में घुसकर गाली-गलौज की और उनके जेठ को पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया।
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इसके बाद 17 अगस्त 2022 की रात आरोपी सीढ़ी लगाकर छत पर चढ़ आए और पीड़िता के साथ मारपीट व छेड़छाड़ की। मामले में सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम राजीव कुमार वत्स की अदालत ने आरोपियों की ओर से दाखिल की गई फौजदारी निगरानी याचिका को खारिज करते हुए निचली अदालत के तलबी आदेश को बरकरार रखा है।
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वहीं दूसरा मामला सहायल थाना क्षेत्र के साल 2020 का है। पीड़ित ने चार मई 2020 को एक पीड़िता ने विकास, सुनील, अनिल, देवेन्द्र, शिवम व अन्य पर खेत में बदसलूकी, मारपीट और जातिसूचक गालियां देने का आरोप लगाया था। पुलिस ने पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र की अदालत ने तीन आरोपियों की दूसरी जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। इससे पहले कोर्ट में हाजिर न होने के कारण आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानतीय वारंट जारी किया गया था।
अपहरण में बाल अपचारी की जमानत याचिका खारिज
औरैया। फफूंद थाना क्षेत्र में एक नाबालिग छात्रा के अपहरण और शादी के मामले में बाल न्यायालय ने बाल अपचारी की जमानत अर्जी को खारिज करते हुए किशोर न्याय बोर्ड के पूर्व आदेश को बरकरार रखा है। बाल न्यायालय के पीठासीन अधिकारी अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने स्पष्ट किया कि अपराध की गंभीरता और किशोर की परिपक्वता को देखते हुए उसे जमानत पर रिहा करना न्याय के उद्देश्यों के विपरीत होगा।
फफूंद थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 26 सितंबर 2025 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पिता का आरोप था कि उनकी 16 वर्षीय बेटी जब सुबह स्कूल जा रही थी, तभी रास्ते से गांव का ही बाल अपचारी ने बेटी का अपहरण कर लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की।
सोमवार को मामले की सुनवाई की गई। बचाव पक्ष ने दलील दी कि किशोर का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और वह कक्षा 12 का छात्र है। अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध किया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद किशोर न्याय बोर्ड के 21 अप्रैल 2026 को दिए गए आदेश को सही ठहराते हुए जमानत याचिका निरस्त कर दी। (संवाद)
बिजली चोरी में आरोपी को मिली जमानत
औरैया। बिजली चोरी के मामले में विशेष न्यायाधीश विद्युत अधिनियम न्यायालय ने आरोपी मनोज बाथम की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। कोर्ट ने जमानती प्रस्तुत करने पर रिहा करने का आदेश दिए हैं।
अजीतमल थानाक्षेत्र के सूर्यनगर निवासी मनोज बाथम के खिलाफ वर्ष 2017 में बिजली चोरी का मामला दर्ज किया गया था। विभागीय टीम ने 16 अक्तूबर 2017 को जांच के दौरान पाया था कि बिजली बिल बकाया होने के कारण काटी गई लाइन को बिना बकाया जमा किए ही दोबारा जोड़ लिया गया था। इसके बाद अवर अभियंता राजवीर सिंह की तहरीर पर विद्युत अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था।
सोमवार को आरोपी के अधिवक्ता ने विभाग बकाया जमा करने की बात कही। न्यायालय में नो ड्यूज प्रमाण पत्र भी पेश किया गया। विशेष न्यायाधीश विद्युत अधिनियम राजीव कुमार वत्स ने आरोपी को 20 हजार रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र और समान धनराशि का एक जमानती प्रस्तुत करने पर रिहा करने का आदेश दिया है। (संवाद)