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Auraiya News: कागजों में होती विकास समीक्षा, बदहाल पड़े सचिवालय
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बिधूना। जिले में सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाएं दमतोड़ रहीं हैं। हर सप्ताह ब्लॉक स्तर पर होने वाली समीक्षा में इनकी स्थिति पर ध्यान नहीं दिया जाता है। जिम्मेदार कागजी कार्रवाई कर जिला स्तरीय अधिकारियों को गुमराह कर रहे हैं। वहीं जिस मंशा से इनका संचालन शुरू किया गया वह भी साकार होता नजर नहीं आ रहा है।
बिधूना ब्लाक क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में शौचालय, सचिवालय अधूरे पड़े हैं। कुछ जगह संचालन न होने से इनकी स्थिति बदहाल हो गई है। ग्राम पंचायत गूरा में दो साल से शौचालय अधूरा पड़ा है। वसई पंचायत में शौचालय व सचिवालय अधूरा पड़ा। यहीं स्थिति धनवाली, पसुआ, मऊ, बेला, हरदू की है। यहां पर भी सचिवालय अधूरे पड़े हैं।
खास बात यह है कि विकास कार्यों को लेकर जिले स्तर पर हर माह व ब्लॉक स्तर पर प्रत्येक सप्ताह समीक्षा की जाती है। इसके बाद भी जिम्मेदारों की अधूरे पड़े विकास कार्यों पर नजर नहीं जाती है। ग्राम पंचायत अधिकारी ब्लॉक व ब्लॉक अधिकारी जिले के अफसरों को गुमराह कर सब कुछ चकाचक होने की रिपोर्ट दे रहे हैं।
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बिधूना एडीओ पंचायत प्रवीन राजपूत ने बताया कि चार्ज लेने के पहले से ग्राम पंचायतों में सचिवालय व शौचालय अधूरे पड़े हैं। सचिवों को चार्ज लेने के बाद से कई बार काम पूरा करने के लिए नोटिस दिए जा चुके है। काम पूरा न होने के संबंध में उच्चधिकारियों को अवगत कराया गया है।
जिन गांवों में पंचायत भवन, शौचालय अधूरे हैं, इनकी समीक्षा कर हकीकत जांची जाएगी। धनराशि खर्च होने के बाद भी अगर काम अधूरा है तो संबंधित पर कड़ी कार्रवाई होगी।
अनिल कुमार सिंह, सीडीओ
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बिधूना ब्लाक क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में शौचालय, सचिवालय अधूरे पड़े हैं। कुछ जगह संचालन न होने से इनकी स्थिति बदहाल हो गई है। ग्राम पंचायत गूरा में दो साल से शौचालय अधूरा पड़ा है। वसई पंचायत में शौचालय व सचिवालय अधूरा पड़ा। यहीं स्थिति धनवाली, पसुआ, मऊ, बेला, हरदू की है। यहां पर भी सचिवालय अधूरे पड़े हैं।
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खास बात यह है कि विकास कार्यों को लेकर जिले स्तर पर हर माह व ब्लॉक स्तर पर प्रत्येक सप्ताह समीक्षा की जाती है। इसके बाद भी जिम्मेदारों की अधूरे पड़े विकास कार्यों पर नजर नहीं जाती है। ग्राम पंचायत अधिकारी ब्लॉक व ब्लॉक अधिकारी जिले के अफसरों को गुमराह कर सब कुछ चकाचक होने की रिपोर्ट दे रहे हैं।
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बिधूना एडीओ पंचायत प्रवीन राजपूत ने बताया कि चार्ज लेने के पहले से ग्राम पंचायतों में सचिवालय व शौचालय अधूरे पड़े हैं। सचिवों को चार्ज लेने के बाद से कई बार काम पूरा करने के लिए नोटिस दिए जा चुके है। काम पूरा न होने के संबंध में उच्चधिकारियों को अवगत कराया गया है।
जिन गांवों में पंचायत भवन, शौचालय अधूरे हैं, इनकी समीक्षा कर हकीकत जांची जाएगी। धनराशि खर्च होने के बाद भी अगर काम अधूरा है तो संबंधित पर कड़ी कार्रवाई होगी।
अनिल कुमार सिंह, सीडीओ