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Auraiya News: जरूरत दो की, मिल रही एक बोरी खाद, कहीं ताला-कहीं सन्नाटा

Wed, 20 Aug 2025 12:59 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Wed, 20 Aug 2025 12:59 AM IST
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Need two but getting only one sack of fertilizer, somewhere there is a lock and somewhere there is silence
फोटो-19एयूआरपी 17 - अजीतमल सहकारी समिति के बाहर पसरा सन्नाटा। संवाद
औरैया। धान की रोपाई के एक माह बाद फसल में यूरिया डाली जाती है। इस दौरान किसान सहकारी समितियों पर उमड़ते हैं। ऐसे में खाद का टोटा व कम खाद मिलने से किसान परेशान होते हैं।
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इस बार भी जिले में खाद का संकट देखने को मिल रहा है। स्थिति यह है कि किसी समिति पर खाद न होने की वजह से ताला पड़ा है तो कहीं सन्नाटा छाया है। किसानों का कहना है कि जहां दो बोरी की जरूरत है, वहां एक ही बोरी दी जा रही।
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यूरिया के संकट को लेकर मंगलवार को समितियों की पड़ताल कराई तो किसानों की समस्याएं सामने आईं। किसी समिति पर खाद न होने की वजह से ताला जड़ा मिला। कहीं खाद होने के बाद सर्वर की समस्या के चलते किसान जूझते नजर आए। हालांकि सहकारिता आयुक्त का दावा है कि जिले में 2300 एमटी यूरिया उपलब्ध है। जिसे समितियों पर पहुंचाया जा रहा है।
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डिमांड के आधार पर प्रत्येक समिति पर खाद पहुंच रही है। जहां तक कम खाद मिलने की बात है, तो आधार कार्ड व खतौनी के कागज देखने के बाद ही मानक के तहत किसानों को खाद दी जा रही है। उधर, सहकारी समितियों पर यूरिया की एक बोरी 266.50 रुपये में मिल रही है। वहीं डीएपी की एक बोरी 1350 रुपये में मिल रही है।
अजीतमल सहकारी समिति में खाद का अभाव
धान के सीजन में जब यूरिया की डिमांड है, तब अजीतमल सहकारी समिति पर मंगलवार को सन्नाटा देखने को मिला। यहां पर खाद का अभाव है। समिति के सचिव अवधेश कुमार ने बताया कि डिमांड भेजी गई है, खाद आने वाली है। उनके पास अनंतराम का भी चार्ज होने की वजह से वह वहां पर खाद वितरण करा रहे हैं।
कुदरकोट समिति में लगा ताला
कुदरकोट सहकारी समिति पर मंगलवार को सन्नाटा देखने को मिला। यहां पर ताला जड़ा मिला। यहां तक कि सचिव भी नहीं मिले। स्थानीय लोगों के मुताबिक उन्हें खाद नहीं मिली है। जल्द खाद मिलने का आश्वासन मिला है। ऐसे में इंतजार किया जा रहा है।
बेला सहकारी समिति में नहीं चला सर्वर
बेला सहकारी समिति पर खाद की उपलब्धता मिली। यहां पर बड़ी संख्या में किसान थे, लेकिन सर्वर चलने की वजह से किसान परेशान नजर आए। आधारकार्ड व खतौनी के कागजों की फीडिंग कराने में किसानों के पसीने छूट गए। दोपहर में खाद का वितरण हो सका।
अटसू में 250 बोरी का स्टॉक
अटसू साधन सहकारी समिति पर खाद का पर्याप्त स्टॉक मिला। समिति के सचिव राकेश कुमार ने बताया कि उन्हें 600 बोरी खाद मिली है। जिसमें 350 बोरी बांटी जा चुकी है। 250 बोरी का अभी स्टॉक है। जिसे वितरण कराया जा रहा है।

कोई मिल नहीं रहा
अजीतमल सहकारी समिति पर पहुंचे किसान सुनील पांडेय ने बताया कि वह तीन दिन से खाद के लिए समिति पर चक्कर लगा रहे हैं। कोई मिल नहीं रहा है। समय से फसल में खाद नहीं डाली गई तो चौपट हो जाने की संभावना है।

पर्याप्त खाद नहीं मिली
अटसू साधन सहकारी समिति पर पहुंचे किसान रावपुर निवासी हिमांशु ने बताया कि पर्याप्त खाद नहीं मिल पा रही है। ऐसे में प्राइवेट दुकानों पर खरीदारी करनी पड़ेगी।

एक बोरी खाद मिली
अटसू साधन सहकारी समिति पर पहुंचे रावपुर निवासी किसान तेज सिंह ने बताया कि डेढ़ एकड़ बाजरे की फसल के लिए दो बारी खाद की जरूरत है, लेकिन एक बोरी ही मिली है। ऐसे में कम खाद में ही काम चलाना पड़ेगा।


जिले में खाद की कमी नहीं है। जिले में 2300 एमटी खाद उपलब्ध है। डिमांड के आधार पर समितियों पर पहुंचाई भी जा रही है। जहां तक कम खाद मिलने की बात है तो खतौनी के आधार पर किसानों को खाद दी जा रही है। रकबे के आधार पर ही किसानों को समुचित खाद मुहैया कराई जाएगी।
- संजीव कुमार, सहकारिता आयुक्त
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