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Auraiya News: कोर्ट में सरेंडर करने की फिराक में हत्या के आरोपी

Tue, 30 Sep 2025 12:04 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 30 Sep 2025 12:04 AM IST
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Murder accused trying to surrender in court
बिधूना। अछल्दा क्षेत्र में छह दिन पहले हुए गोली कांड के मुख्य आरोपी को तो पुलिस ने जेल भेज दिया लेकिन बाकी आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। फरार आरोपी कोर्ट में आत्म समर्पण करने की फिराक में हैं।
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अछल्दा थाना क्षेत्र के गांव हर नारायणपुर निवासी विपिन यादव दोस्त प्रशांत उर्फ शिवा भदौरिया के साथ बाइक से घर जा रहा था। तभी घाटमपुर पुलिया के बाद बदमाशों ने दोनों पर फायर झोंक दिया। गोली लगने से विपिन घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा जबकि शिवा जान बचाकर वहां से भाग गया। घटना का राज न खुलने पाए इसलिए हमलावर रात को ही शिवा को उसके घर से उठा लाए और बाद में उसकी हत्या कर शव खेत में फेंक दिया था।
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पुलिस के अनुसार वर्चस्व व प्रधावी चुनाव की रंजिश में बदमाशों ने शिवा भदौरिया की हत्या की थी। मामले में पुलिस ने गोतला निवासी मुख्य आरोपी सुखानी, रजनीश, रॉकी, राहुल जयकेश, सुखदेव, गौतम, बलवीर, कुलदीप सहित अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। 28 सितंबर को पुलिस ने आरोपी सुखानी को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अन्य आरोपियों को पुलिस की तीन टीमें छह दिन बाद भी पकड़ नहीं पाई हैं। आरोपी अब कोर्ट में सरेंडर करने के लिए जुगाड़ लगा रह हैं। थानाध्यक्ष पंकज मिश्रा ने बताया कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर प्रयास जारी है। जल्द पकड़ लिया जाएगा।
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अछल्दा के गौतला में हिस्ट्रीशीटर विपिन यादव व उसके दोस्त शिवा पर विपक्षियों के फायर झोंकना अपने आप में बड़ी घटना थी। आरोपी यहीं तक नहीं रुके। उन्होंने घटना के चश्मदीद शिवा को रात में अपहरण कर गोली मारते हुए मौत के घाट उतार दिया। यह पूरा घटनाक्रम दो पक्षों के बीच वर्चस्व की जंग से जोड़ते हुए देखा जा रहा है। ये दोनों ही पक्ष आगामी प्रधानी चुनाव की रूपरेखा गढ़ रहे थे।

गांवों में होने वाली छुटपुट गतिविधियों पर पुलिस की नजर रहती है। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस का खुफिया तंत्र कहीं न कहीं सवालों के घेरे में दिखा है। पहले बाइक सवारों पर फायर झोंकने और बाद एक साथी का अपहरण कर हत्या कर देना आपराधिक दुस्साहस की कहानी कह रहा है। पुलिस व प्रशासन के लिए गौतला का गोलीकांड सबक देने वाला है। चूंकि गांवों में इन दिनों चुनावी माहौल है। खेमेबंदी का दौर चल रहा है। गौतला में यदि समय रहते पुलिस के खुफिया तंत्र को वर्चस्व की भनक लग जाती तो शायद अपराधियों की मंशा पर पानी फेरा जा सकता था। हालांकि शिवा की मौत के बाद पुलिस एक्शन मोड में है। अपराधियों की धरपकड़ को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं। जानकारों का मानना है कि गांवों में चल रही खेमेबंदी पर पुलिस को बारीकी से नजर रखनी होगी। नहीं तो वर्चस्व की जंग जारी रहेगी।
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