{"_id":"6ab177fda8d888ade80c2dad","slug":"a-population-of-15000-across-five-villages-has-been-trapped-in-a-web-of-potholes-for-30-years-auraiya-news-c-211-1-aur1024-151962-2026-09-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: 30 सालों से गड्ढों के जाल में फंसी पांच गांवों की 15 हजार आबादी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: 30 सालों से गड्ढों के जाल में फंसी पांच गांवों की 15 हजार आबादी
विज्ञापन
फोटो -16- गड्ढों में तब्दील पांच गांवों के लोगों के लिए बनी सड़क। संवाद
रुरुगंज। विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच पुरवा पीताराम-पंडपुर दो किमी का मार्ग अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। बीते 30 वर्षों से इस जर्जर मार्ग की मरम्मत तक नहीं कराई गई। गड्ढे होने से राहगीरों और वाहन चालकों का निकलना मुश्किल है। इस मार्ग के जर्जर होने से पांच गांव की करीब 15 हजार की आबादी प्रभावित हो रही है।
इस मार्ग से पुरवा पीताराम, पंडपुर, मलिकपुर, उडेलापुर और पुरवा भदौरिया समेत अन्य गांवों के ग्रामीण रोजाना आवागमन करते हैं। सड़क पर गहरे गड्ढे न सिर्फ वाहनों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि आए दिन हादसों का कारण भी बन रहे हैं। बरसात के मौसम में स्थिति और भी विकराल हो जाती है जब गड्ढों में पानी भर जाता है और इनकी गहराई का अंदाजा नहीं लगता। मार्ग की खस्ताहाली का असर स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों पर पड़ रहा है। कीचड़ और गड्ढों से भरे रास्ते से गुजरते समय छात्र-छात्राएं अक्सर फिसलकर गिर जाते हैं और चोटिल हो जाते हैं।
-- -- --
फोटो -17- प्रहलाद सिंह
चुनावी वादे हवा, अब तक नहीं मिली राहत
चुनाव आते ही राजनीतिक दलों के नेता सड़क बनवाने का बड़ा-बड़ा आश्वासन देकर चले जाते हैं, लेकिन चुनाव बीतते ही कोई सुध लेने नहीं आता। 30 साल से खस्ताहाल सड़क का दंश झेल रहे हैं।
विज्ञापन
प्रहलाद सिंह, ग्रामीण
फोटो -18- कन्हैया गुप्ता
इस सड़क के क्षतिग्रस्त होने से सबसे अधिक समस्या स्कूल जाने वाले बच्चों को उठानी पड़ती है। इसके अलावा आने वाले राहगीर भी पैदल या वाहन से आसानी से सफर नहीं सकता हैं। इस मार्ग की मरम्मत कराया जाना आवश्यक है।- कन्हैया गुप्ता, ग्रामीण
वर्जन-- -
पुरवा पीताराम-पंडपुर मार्ग के सुदृढ़ीकरण व मरम्मत के लिए प्रस्ताव बनाकर उच्च अधिकारियों को स्वीकृति के लिए भेजा गया है। बजट और स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
-आकिल कुरैशी, अवर अभियंता पीडब्ल्यूडी
विज्ञापन
इस मार्ग से पुरवा पीताराम, पंडपुर, मलिकपुर, उडेलापुर और पुरवा भदौरिया समेत अन्य गांवों के ग्रामीण रोजाना आवागमन करते हैं। सड़क पर गहरे गड्ढे न सिर्फ वाहनों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि आए दिन हादसों का कारण भी बन रहे हैं। बरसात के मौसम में स्थिति और भी विकराल हो जाती है जब गड्ढों में पानी भर जाता है और इनकी गहराई का अंदाजा नहीं लगता। मार्ग की खस्ताहाली का असर स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों पर पड़ रहा है। कीचड़ और गड्ढों से भरे रास्ते से गुजरते समय छात्र-छात्राएं अक्सर फिसलकर गिर जाते हैं और चोटिल हो जाते हैं।
विज्ञापन
फोटो -17- प्रहलाद सिंह
चुनावी वादे हवा, अब तक नहीं मिली राहत
चुनाव आते ही राजनीतिक दलों के नेता सड़क बनवाने का बड़ा-बड़ा आश्वासन देकर चले जाते हैं, लेकिन चुनाव बीतते ही कोई सुध लेने नहीं आता। 30 साल से खस्ताहाल सड़क का दंश झेल रहे हैं।
विज्ञापन
प्रहलाद सिंह, ग्रामीण
फोटो -18- कन्हैया गुप्ता
इस सड़क के क्षतिग्रस्त होने से सबसे अधिक समस्या स्कूल जाने वाले बच्चों को उठानी पड़ती है। इसके अलावा आने वाले राहगीर भी पैदल या वाहन से आसानी से सफर नहीं सकता हैं। इस मार्ग की मरम्मत कराया जाना आवश्यक है।- कन्हैया गुप्ता, ग्रामीण
वर्जन
पुरवा पीताराम-पंडपुर मार्ग के सुदृढ़ीकरण व मरम्मत के लिए प्रस्ताव बनाकर उच्च अधिकारियों को स्वीकृति के लिए भेजा गया है। बजट और स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
-आकिल कुरैशी, अवर अभियंता पीडब्ल्यूडी

फोटो -16- गड्ढों में तब्दील पांच गांवों के लोगों के लिए बनी सड़क। संवाद

फोटो -16- गड्ढों में तब्दील पांच गांवों के लोगों के लिए बनी सड़क। संवाद