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13 शर्तों के साथ हफ्ते में तीन दिन दुकानें खोलने की मिली अनुमति
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औरैया। लॉकडाउन के चलते बंद बाजार को खोलने के लिए जिला प्रशासन ने 13 शर्तों के साथ शुक्रवार से 17 मई तक दुकानें खोलने का रोस्टर प्लान जारी किया है। सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को होजरी और थोक कपड़ों की दुकानें, रेडीमेड कपड़ा और बर्तन की दुकानें खुलेंगी। वहीं, मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को इलेक्ट्रानिक व मोबाइल की दुकानें खुलेंगी। बिजली एवं बिजली रिपेरिंग की दुकानें प्रतिदिन खुलेंगी। बिजली रिपेरिंग के नाम पर इलेक्ट्रानिक की दुकानें न खोलने की शर्त है।
प्रशासन की प्राथमिकता है कि जिले के ठप पड़े व्यापार को पटरी पर लाया जाए। इसके तहत हफ्ते में तीन-तीन दिन दुकानें खुलेंगी और नियमों का सख्ती से पालन होगा। नियमों की अनदेखी करने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उधर, शुक्रवार को पहले दिन जानकारी के अभाव में ज्यादातर दुकानदारों ने दुकानें नहीं खोलीं।
लॉकडाउन की वजह से लगभग 42 दिनों से सब्जी व किराना की दुकानों को छोड़कर जिले के सभी बाजार बंद हैं। कारखानों में भी कामकाज ठप पड़ा है। इससे कारोबारियों के सामने आर्थिक समस्या खड़ी होने परिवार के गुजर बसर की चिंता बढ़ने लगी है। इसको लेकर कारोबारियों में आक्रोश नजर आने लगा था। गुरुवार को सराफा बाजार में खुली दुकानों को बंद कराने पर हंगामा भी हुआ था। इस स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन कई दिन से कवायद कर रहा था। गुरुवार को सप्ताह में तीन-तीन दिन दुकानें खुलवाने का खाका तैयार किया गया। डीएम अभिषेक सिंह ने शुक्रवार को सुबह से दुकानें खुलने का रोस्टर प्लान 13 शर्तों के साथ जारी किया। इसमें दुकानें हफ्ते में तीन दिन खुलने के निर्देश है। सख्त निर्देश यह है कि दुकानदार दिन के हिसाब से दुकान खोले, नहीं तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का प्रयोग, सोशल डिस्टेंस का पालन, पांच से अधिक व्यक्ति एक स्थान पर एकत्रित न होने, विवाह आदि समारोह के लिए प्रशासन से अनुमति लेनी होगी और 20 से ज्यादा लोग शामिल नहीं होंगे। अंतिम संस्कार के दौरान भी 20 से अधिक लोग एकत्रित नहीं होंगे। सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर जुर्माना लगाया जाएगा। सार्वजनिक स्थानों पर मदिरा पान करना निषिद्ध रहेगा। इनकी बिक्री वाले स्थानों पर भी पांच से अधिक लोग एकत्रित नहीं होंगे। कार्य स्थल पर शिफ्ट के मध्य उचित अंतर रखना होगा। भोजनावकाश के समय एक साथ इकट्ठा नहीं होना है। प्रवेश-निकासी एवं कामन प्लेस पर थर्मल स्क्रीनिंग, हैंडवाश, सैनिटाइजर की व्यवस्था करनी होगी। सभी कार्य स्थलों एवं जन प्रसाधन स्थानों पर दरवाजे, हैंडल निरंतर सेनिटाइजेशन कराए जाने की शर्त रखी गईं हैं। मालूम हो कि गृह मंत्रालय द्वारा लॉकडाउन के तृतीय चरण में ऑरेज जोन में निर्धारित समस्त शर्तों और नियमों का कड़ाई से पालन कराने के सख्त निर्देश भी जारी किए गए हैं।
जिला प्रशासन की ओर से दुकानों के खुलने के जारी किए प्लान में सराफा की दुकानें खुलने का दिन निर्धारित न किए जाने पर सराफा कारोबारियों ने नाराजगी है। सराफा कमेटी अध्यक्ष सर्वेश कुमार उर्फ लालू व सराफा व्यापारी रविकांत वर्मा का कहना है कि लॉकडाउन में लगातार दुकानें बंद रहने से कई सराफा कारोबारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में जिला प्रशासन को सराफा कारोबारियों के हितों का भी ध्यान रखना चाहिए। इसी तरह से दर्जी की दुकानों के खोलने का आदेश न जारी होने से दर्जियों में भी आक्रोश है।
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प्रशासन की प्राथमिकता है कि जिले के ठप पड़े व्यापार को पटरी पर लाया जाए। इसके तहत हफ्ते में तीन-तीन दिन दुकानें खुलेंगी और नियमों का सख्ती से पालन होगा। नियमों की अनदेखी करने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उधर, शुक्रवार को पहले दिन जानकारी के अभाव में ज्यादातर दुकानदारों ने दुकानें नहीं खोलीं।
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लॉकडाउन की वजह से लगभग 42 दिनों से सब्जी व किराना की दुकानों को छोड़कर जिले के सभी बाजार बंद हैं। कारखानों में भी कामकाज ठप पड़ा है। इससे कारोबारियों के सामने आर्थिक समस्या खड़ी होने परिवार के गुजर बसर की चिंता बढ़ने लगी है। इसको लेकर कारोबारियों में आक्रोश नजर आने लगा था। गुरुवार को सराफा बाजार में खुली दुकानों को बंद कराने पर हंगामा भी हुआ था। इस स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन कई दिन से कवायद कर रहा था। गुरुवार को सप्ताह में तीन-तीन दिन दुकानें खुलवाने का खाका तैयार किया गया। डीएम अभिषेक सिंह ने शुक्रवार को सुबह से दुकानें खुलने का रोस्टर प्लान 13 शर्तों के साथ जारी किया। इसमें दुकानें हफ्ते में तीन दिन खुलने के निर्देश है। सख्त निर्देश यह है कि दुकानदार दिन के हिसाब से दुकान खोले, नहीं तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का प्रयोग, सोशल डिस्टेंस का पालन, पांच से अधिक व्यक्ति एक स्थान पर एकत्रित न होने, विवाह आदि समारोह के लिए प्रशासन से अनुमति लेनी होगी और 20 से ज्यादा लोग शामिल नहीं होंगे। अंतिम संस्कार के दौरान भी 20 से अधिक लोग एकत्रित नहीं होंगे। सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर जुर्माना लगाया जाएगा। सार्वजनिक स्थानों पर मदिरा पान करना निषिद्ध रहेगा। इनकी बिक्री वाले स्थानों पर भी पांच से अधिक लोग एकत्रित नहीं होंगे। कार्य स्थल पर शिफ्ट के मध्य उचित अंतर रखना होगा। भोजनावकाश के समय एक साथ इकट्ठा नहीं होना है। प्रवेश-निकासी एवं कामन प्लेस पर थर्मल स्क्रीनिंग, हैंडवाश, सैनिटाइजर की व्यवस्था करनी होगी। सभी कार्य स्थलों एवं जन प्रसाधन स्थानों पर दरवाजे, हैंडल निरंतर सेनिटाइजेशन कराए जाने की शर्त रखी गईं हैं। मालूम हो कि गृह मंत्रालय द्वारा लॉकडाउन के तृतीय चरण में ऑरेज जोन में निर्धारित समस्त शर्तों और नियमों का कड़ाई से पालन कराने के सख्त निर्देश भी जारी किए गए हैं।
जिला प्रशासन की ओर से दुकानों के खुलने के जारी किए प्लान में सराफा की दुकानें खुलने का दिन निर्धारित न किए जाने पर सराफा कारोबारियों ने नाराजगी है। सराफा कमेटी अध्यक्ष सर्वेश कुमार उर्फ लालू व सराफा व्यापारी रविकांत वर्मा का कहना है कि लॉकडाउन में लगातार दुकानें बंद रहने से कई सराफा कारोबारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में जिला प्रशासन को सराफा कारोबारियों के हितों का भी ध्यान रखना चाहिए। इसी तरह से दर्जी की दुकानों के खोलने का आदेश न जारी होने से दर्जियों में भी आक्रोश है।