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Auraiya News: वकीलों की हड़ताल, सात दिन में एक करोड़ 40 लाख का नुकसान

Wed, 03 Jan 2024 11:24 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Wed, 03 Jan 2024 11:24 PM IST
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Lawyers' strike, loss of Rs 1 crore 40 lakh in seven days
औरैया। सदर तहसील में 27 दिसंबर को लेखपालों व वकीलों के बीच हुई झड़प के बाद से वकीलों की ओर से कलम बंद हड़ताल शुरू कर दी गई। जिसके बाद से स्टांप बिक्री रुकी, बैनामा का काम भी बंद हो गया। आलम यह है कि धीरे-धीरे कलम बंद हड़ताल को सात दिन बीत चुके हैं। रोजाना की तरह बुधवार को भी वकीलों की ओर से तहसील प्रशासन पर एक पक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की गई। बैनामों के जरिये शासन को रोजाना मिलने वाले राजस्व को चपत लग रही है। इस सब के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस नाराजगी की सुध नहीं ले रहे।
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सदर तहसील के सब रजिस्ट्रार कार्यालय में रोजाना 30 से 35 बैनामे होते हैं। विभागीय अधिकारियों की माने तो रोजाना तकरीबन 20 लाख रुपये तक का राजस्व शासन के खाते में पहुंचता है। 28 दिसंबर से बंद पड़ी जमीनों के बैनामे की कवायद का असर कुछ ऐसा हुआ है कि अब तक एक करोड़ 40 लाख रुपये से ज्यादा की चपत शासन को लग चुकी है। वहीं बैनामा कराने के लिए तहसील पहुंचने वाले लोगों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। वकीलों का आरोप है कि लेखपालों ने वकीलों को मारा। वहीं थाना पहुंचकर वकीलों पर ही मुकदमा दर्ज करा दिया गया। एक पक्षीय हुई कार्रवाई को लेकर वकील कलमबंद हड़ताल पर चले गए। यह सिलसिला तब तक जारी रहेगा जब तक कि जांच दो पक्षीय या मुकदमा वापस नहीं लिया जाता। इस गतिरोध में जहां शासन को रोजाना 20 लाख रुपये प्रतिदिन की चपत लग रही है, वहीं बैनामा कराने के लिए पहुंच रहे लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। प्रशासन का दखल अभी तक देखने को नहीं मिला है।
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अधिवक्ताओं ने कलम बंद हड़ताल करते हुए की नारेबाजी
औरैया। पिछले 28 दिसंबर से रोजाना की तरह बस्तों पर एकत्रित होकर वकीलों ने नाराजगी जताते हुए नारेबाजी की। वकीलों ने मांग दोहराते हुए एक पक्षीय जांच को दो पक्षीय करने की बात कही। मांग पूरी न होने तक काम न करने की चेतावनी फिर से दोहराई।
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बोले अधिवक्ता----
फोटो03एयूआरपी 13- शेखर मिश्रा। संवाद
लेखपालों की ओर से झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है। अधिवक्ताओं का पक्ष सुनते हुए मुकदमा दर्ज कराया जाना चाहिए। नहीं तो एसोसिएशन की ओर से आंदोलनात्मक कदम उठाया जाएगा। फिलहाल कलम बंद हड़ताल की जा रही है।- शेखर मिश्रा, बार एसोसिएशन अध्यक्ष
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फोटो03एयूआरपी 14- रंजना दीक्षित। संवाद
लोगों को मदद व न्याय दिलाने वाले वकीलों के साथ अन्याय किया जा रहा है। इसे कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। शासन ने सुध नहीं ली तो आंदोलन किया जाएगा। अजीतमल व बिधूना तहसील में भी हड़ताल शुरू होगी।- रंजना दीक्षित, बार एसोसिएशन महामंत्री

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बोले जिम्मेदार---
रोजाना 30 से 35 बैनामे होते थे। 28 दिसंबर से बैनामे नहीं हो रहे हैं। ऐसे में रोजाना लाखों रुपये का मिलने वाला राजस्व शासन के कोष को नसीब नहीं हो पा रहा है। लंबित बैनामे ज्यादा हो जाने पर काम शुरू होने की स्थिति में भीड़ की वजह बनेंगे।-कमलेश कुमारी पाठक, सब रजिस्ट्रार औरैया
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