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ज्ञान को खा जाता है क्रोध
ब्यूरो/अमर उजाला, औरैया
Updated Mon, 15 Jun 2015 10:56 PM IST
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क्रोध ज्ञान को खा जाता है। क्रोध मूर्खता से शुरू होता है और पश्चाताप पर समाप्त होता है। ये बातें कथावाचक पं. सतीश अवस्थी ने कही।
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भाटा रोड विद्या नगर बाबरपुर में चल रही साप्ताहिक श्रीमद्भागवत महापुराण कथा में सोमवार को समाज सुधारक धर्म प्रचारक आचार्य पं. सतीश अवस्थी ने कहा कि मनुष्य को हर समय क्रोध नहीं करना चाहिए। क्रोध के समय विवेक शून्य हो जाता है ऐसे में लिया गया निर्णय आत्मघाती होता है।
मनुष्य के पतन के लिए क्रोध और अहंकार प्रमुख कारण है। रावण, कंस सभी ने क्रोध और अहंकार में अपना सब कुछ खोया था। अंतत: उन्हें अपना जीवन भी असमय खोना पड़ा।
हमें कष्ट के क्षण में भी धैर्य से काम लेना चाहिए। कथा श्रवण के दौरान सैकड़ों की संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।