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इज्जत घरों में भरा कबाड़, स्वच्छता मिशन की खुली पोल
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बिधूना (औरैया)। जिले को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) बनाने के भरपूर प्रयास के बाद भी सुधार नहीं दिख रहा है। अफसर नए शौचालयों का निर्माण तो करा रहे हैं, लेकिन पुरानों की सुध नहीं ले रहे हैं। हाल ये है कि ओडीएफ घोषित नगला परसादी गांव में शौचालय अधूरे पड़े हैं। बिना छत के शौचालयों में कबाड़ और कंडे भरे हैं। दरवाजे न होने से लोग बाहर ही शौच के लिए जा रहे हैं।
बिधूना ब्लाक के धनवाली ग्राम पंचायत के नगला परसादी में स्वच्छ भारत मिशन की पोल खुलती नजर आ रही है। गांव में बने अधिकांश शौचालय अधूरे पड़े हैं। अफसरों की उदासीनता के कारण इज्जतघर कबाड़ हो गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि अव्यवस्था के बाद भी गांव को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है।
गड्ढा नहीं बनाया, दूसरी किस्त नहीं मिली
ग्रामीण आसीन अली ने बताया कि शौचालय के लिए गड्ढा नहीं बना। इसके कारण शौचालय संचालित नहीं हुआ और घर के लोग खुले में शौच जाने पर मजबूर हैं। आशिक अली ने बताया कि शौचालय अधूरा पड़ा है। जरीना बेगम ने बताया कि शौचालय निर्माण के लिए पहली किस्त के रूप में छह हजार रुपये मिले। इसके बाद किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
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ग्राम पंचायत सचिव परवेज अहमद ने बताया कि पूर्व सचिव ने चार्ज देने के दौरान शौचालयों का विवरण नहीं दिया। इसके कारण शौचालय पूरे नहीं कराए जा सके हैं। जल्द जानकारी करके इनका निर्माण पूरा कराया जाएगा।
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बिधूना ब्लाक के धनवाली ग्राम पंचायत के नगला परसादी में स्वच्छ भारत मिशन की पोल खुलती नजर आ रही है। गांव में बने अधिकांश शौचालय अधूरे पड़े हैं। अफसरों की उदासीनता के कारण इज्जतघर कबाड़ हो गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि अव्यवस्था के बाद भी गांव को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है।
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गड्ढा नहीं बनाया, दूसरी किस्त नहीं मिली
ग्रामीण आसीन अली ने बताया कि शौचालय के लिए गड्ढा नहीं बना। इसके कारण शौचालय संचालित नहीं हुआ और घर के लोग खुले में शौच जाने पर मजबूर हैं। आशिक अली ने बताया कि शौचालय अधूरा पड़ा है। जरीना बेगम ने बताया कि शौचालय निर्माण के लिए पहली किस्त के रूप में छह हजार रुपये मिले। इसके बाद किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
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ग्राम पंचायत सचिव परवेज अहमद ने बताया कि पूर्व सचिव ने चार्ज देने के दौरान शौचालयों का विवरण नहीं दिया। इसके कारण शौचालय पूरे नहीं कराए जा सके हैं। जल्द जानकारी करके इनका निर्माण पूरा कराया जाएगा।