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Auraiya News: राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में पंजीकरण के निर्देश
Wed, 22 Jul 2026 12:05 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Wed, 22 Jul 2026 12:05 AM IST
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फोटो-40- राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के पोस्टर का विमोचन करते डीआईओएस।संवाद
दिबियापुर। शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) व डीआईओएस के निर्देश पर राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के आयोजन की रूपरेखा तैयार की गई है। अधिकारियों ने पंजीकरण के निर्देश दिए हैं। बताया गया कि अबकी छात्रों के मॉडल नहीं, शोध आधारित लघु प्रोजेक्ट तैयार करना होगा।
इसके लिए बनाए गए पोस्टर का डीआईओएस व बीएसए ने विमोचन किया। जिला समन्वयक मोहित सिंह ने बताया कि इस वर्ष प्रतियोगिता का मुख्य विषय सतत विकास के लिए विज्ञान और नवाचार निर्धारित किया गया है। इसमें 10 से 17 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों के लिए पांच उप-विषय निर्धारित किए गए हैं। इनमें अपशिष्ट प्रबंधन हेतु रिड्यूस, रियूज, रिट्रीव, रिडिजाइन व रिसाइकिल को शामिल किया गया है।
प्रतियोगिता में मॉडल प्रस्तुत नहीं किया जाएगा बल्कि शोध आधारित लघु प्रोजेक्ट तैयार करना होगा। इसमें तथ्य, साक्ष्य व मौलिकता अनिवार्य होगी। प्रतियोगिता के लिए ऑनलाइन पंजीकरण एक जुलाई से प्रारंभ हो चुके हैं। विद्यालय स्तर पर संबंधित प्रधानाचार्य विज्ञान शिक्षकों के माध्यम से विद्यार्थियों से प्रोजेक्ट तैयार कराएंगे।
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उन्होंने बताया कि जूनियर वर्ग में 10 से 14 वर्ष आयु के विद्यार्थी भाग ले सकेंगे। सीनियर वर्ग में 14 से 17 वर्ष आयु के वे विद्यार्थी पात्र होंगे, जिनकी जन्मतिथि एक जनवरी 2011 से 31 दिसंबर 2013 के बीच है। दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए आयु सीमा लागू नहीं होगी। उनका वर्गीकरण कक्षा के आधार पर किया जाएगा।
डीआईओएस प्रदीप कुमार मौर्य व बीएसए संजीव कुमार ने जनपद के समस्त बेसिक, माध्यमिक तथा सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को अधिकतम विद्यार्थियों का ऑनलाइन पंजीकरण कराने के लिए निर्देश दिए।
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रामेंद्र को समन्वयक व मनीष नोडल बने
इसके लिए उत्तर प्रदेश (पश्चिम) के स्टेट कोऑर्डिनेटर दीपक शर्मा द्वारा स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज सहार के भौतिकी प्रवक्ता रामेंद्र सिंह कुशवाहा को जिला अकादमिक समन्वयक नियुक्त किया गया है। वहीं, राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षक मनीष कुमार को बेसिक शिक्षा का जिला नोडल तथा पूर्व माध्यमिक विद्यालय नरोत्तमपुर के शिक्षक विकास सक्सेना को बेसिक शिक्षा का जिला अकादमिक समन्वयक बनाया गया है।
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इसके लिए बनाए गए पोस्टर का डीआईओएस व बीएसए ने विमोचन किया। जिला समन्वयक मोहित सिंह ने बताया कि इस वर्ष प्रतियोगिता का मुख्य विषय सतत विकास के लिए विज्ञान और नवाचार निर्धारित किया गया है। इसमें 10 से 17 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों के लिए पांच उप-विषय निर्धारित किए गए हैं। इनमें अपशिष्ट प्रबंधन हेतु रिड्यूस, रियूज, रिट्रीव, रिडिजाइन व रिसाइकिल को शामिल किया गया है।
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प्रतियोगिता में मॉडल प्रस्तुत नहीं किया जाएगा बल्कि शोध आधारित लघु प्रोजेक्ट तैयार करना होगा। इसमें तथ्य, साक्ष्य व मौलिकता अनिवार्य होगी। प्रतियोगिता के लिए ऑनलाइन पंजीकरण एक जुलाई से प्रारंभ हो चुके हैं। विद्यालय स्तर पर संबंधित प्रधानाचार्य विज्ञान शिक्षकों के माध्यम से विद्यार्थियों से प्रोजेक्ट तैयार कराएंगे।
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उन्होंने बताया कि जूनियर वर्ग में 10 से 14 वर्ष आयु के विद्यार्थी भाग ले सकेंगे। सीनियर वर्ग में 14 से 17 वर्ष आयु के वे विद्यार्थी पात्र होंगे, जिनकी जन्मतिथि एक जनवरी 2011 से 31 दिसंबर 2013 के बीच है। दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए आयु सीमा लागू नहीं होगी। उनका वर्गीकरण कक्षा के आधार पर किया जाएगा।
डीआईओएस प्रदीप कुमार मौर्य व बीएसए संजीव कुमार ने जनपद के समस्त बेसिक, माध्यमिक तथा सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को अधिकतम विद्यार्थियों का ऑनलाइन पंजीकरण कराने के लिए निर्देश दिए।
रामेंद्र को समन्वयक व मनीष नोडल बने
इसके लिए उत्तर प्रदेश (पश्चिम) के स्टेट कोऑर्डिनेटर दीपक शर्मा द्वारा स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज सहार के भौतिकी प्रवक्ता रामेंद्र सिंह कुशवाहा को जिला अकादमिक समन्वयक नियुक्त किया गया है। वहीं, राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षक मनीष कुमार को बेसिक शिक्षा का जिला नोडल तथा पूर्व माध्यमिक विद्यालय नरोत्तमपुर के शिक्षक विकास सक्सेना को बेसिक शिक्षा का जिला अकादमिक समन्वयक बनाया गया है।