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आईआईटी के डिजाइन पर बनेगा सैंपवेल
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
Updated Tue, 09 Feb 2016 11:03 PM IST
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शहर के कानपुर रोड स्थित कांशीराम कालोनी के पास बीते डेढ़ साल से निर्माणाधीन सैंपवेल के दिन बहुरने वाले हैं। आईआईटी रुड़की से तैयार डिजाइन के आधार पर अब सैंपवेल निर्माण पर नौ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। आवास विकास की ओर से प्रस्ताव लखनऊ मुख्यालय भेज दिया गया है। वहीं एक्सईएन ने मार्च से पहले निर्माण शुरू कराए जाने के संकेत दिए हैं। इससे आवास विकास के निर्मित आवासों सहित शहर की सीवरेज समस्या भी दूर हो जाएगी।
शहर में करीब सौ साल पुरानी पड़ी सीवर लाइन के जमींदोज हो जाने से शहर वासियों के सामने सीवर टैंक ही एक विकल्प होकर रह गया था। ऐसे में लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। उधर पुरानी कलेक्ट्रेट स्थित कांशीराम कालोनी के लोगों को सीवर लाइन न होने से परिसर में भरे गंदे पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा था। समस्या के निजात को आवास विकास परिषद की ओर से दो साल से सैंपवेल निर्माण पर काम किया जा रहा है।
बावजूद इसके अभी तक मामला लटका हुआ था। इसको लेकर आवास विकास के उच्चाधिकारियों ने सैंपवेल निर्माण को आईआईटी रुड़की के इंजीनियरों से नक्शा तैयार कराया। रुड़की के इंजीनियरों ने तैयार नक्शे को दिसंबर माह में आवास विकास के अधिकारियों को सौंप दिया था। वहीं आवास विकास के अधिकारियों की ओर से इस तैयार नक्शे को प्रस्ताव सहित लखनऊ कमिश्नर कार्यालय को प्रेषित कर दिया था।
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इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिस पर नौ करोड़ से इस सैंपवेल कानिर्माण कराया जाएगा। इससे आवास विकास, कांशीराम कालोनी सहित शहर वासियों की सीवरेज की समस्या भी दूर की जाएगी। इस दिशा में विभागीय अधिकारियों की ओर से तेजी से काम किया जा रहा है।
प्रस्ताव कमिश्नर कार्यालय लखनऊ को भेजा जा चुका है। इस सैंपवेल पर नौ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रस्ताव पर मोहर लगनी बाकी है। मार्च से पहले ही काम शुरू होने की पूरी संभावना है।
जमुना प्रसाद, एक्सईएन, आवास विकास परिषद
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शहर में करीब सौ साल पुरानी पड़ी सीवर लाइन के जमींदोज हो जाने से शहर वासियों के सामने सीवर टैंक ही एक विकल्प होकर रह गया था। ऐसे में लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। उधर पुरानी कलेक्ट्रेट स्थित कांशीराम कालोनी के लोगों को सीवर लाइन न होने से परिसर में भरे गंदे पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा था। समस्या के निजात को आवास विकास परिषद की ओर से दो साल से सैंपवेल निर्माण पर काम किया जा रहा है।
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बावजूद इसके अभी तक मामला लटका हुआ था। इसको लेकर आवास विकास के उच्चाधिकारियों ने सैंपवेल निर्माण को आईआईटी रुड़की के इंजीनियरों से नक्शा तैयार कराया। रुड़की के इंजीनियरों ने तैयार नक्शे को दिसंबर माह में आवास विकास के अधिकारियों को सौंप दिया था। वहीं आवास विकास के अधिकारियों की ओर से इस तैयार नक्शे को प्रस्ताव सहित लखनऊ कमिश्नर कार्यालय को प्रेषित कर दिया था।
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इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिस पर नौ करोड़ से इस सैंपवेल कानिर्माण कराया जाएगा। इससे आवास विकास, कांशीराम कालोनी सहित शहर वासियों की सीवरेज की समस्या भी दूर की जाएगी। इस दिशा में विभागीय अधिकारियों की ओर से तेजी से काम किया जा रहा है।
प्रस्ताव कमिश्नर कार्यालय लखनऊ को भेजा जा चुका है। इस सैंपवेल पर नौ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रस्ताव पर मोहर लगनी बाकी है। मार्च से पहले ही काम शुरू होने की पूरी संभावना है।
जमुना प्रसाद, एक्सईएन, आवास विकास परिषद
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