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डेंगू वार्ड में सोते मिले कुत्ते और गंदगी के ढेर
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औरैया। जिले में डेंगू कहर बरपा रहा है। इसके बाद भी सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों व कर्मियों का रवैया सुधरता नजर नहीं आ रहा है। तमाम निर्देशों के बाद भी सुबह आठ बजे संचालित होने वाली ओपीडी 10 बजे के बाद संचालित की जा रही है। इससे घंटों डॉक्टरों के इंतजार में मरीजों को कराहना पड़ रहा है। वहीं अस्पताल में तमाम अव्यवस्थाएं हैं।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रुरुगंज में नौ बजकर 40 मिनट तक मुख्य गेट पर ताला लटका मिला। यहां पर 10 बजे तक डॉक्टर व कर्मचारी नदारद थे। 10 बजे के बाद पहुंचे कुछ कर्मचारी लेटलतीफी पर एक दूसरे को देखते रहे। जबकि कुछ मरीज अस्पताल बंद देख बिधूना चले गए। यही हाल बिधूना अस्पताल में दिखा। यहां पर 10:48 बजे लैब में कोई कर्मचारी नहीं था।
यहां बुखार से पीड़ित कई मरीज बिना जांच कराए ही वापस जा चुके थे। एक कक्ष में सिर्फ आयुष चिकित्सक बैठे नजर आए। जबकि अन्य स्टाफ नदारद था। वार्ड में कुत्ते बैठे नजर आए। सीएचसी अधीक्षक डॉ. बीपी शाक्य ने बताया कि अस्पताल में देर से पहुंचने वाले कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। स्टाफ के न होने पर वार्ड बंद रखने के निर्देश है, जिससे कुत्ते अंदर न जा सके।
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फफूंद स्वास्थ्य केंद्र में डाक्टरों की कमी
फफूंद। कस्बे का स्वास्थ्य केंद्र डाक्टरों की कमी से जूझ रहा है, जबकि इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा लोग बीमार हैं और डेंगू संक्रमित मरीज भी लगातार मिल रहे हैं। अस्पताल में तैनात एक आयुष चिकित्सक जिम्मेदारी संभाले हैं। इससे अन्य मरीजों को उपचार के लिए भटकना पड़ रहा है। लैब टेक्नीशियन न होने से मरीजों की जांचे भी नहीं हो पा रही है। मजबूरन उन्हें दिबियापुर के लिए रेफर किया जा रहा है। कस्बे के पूर्व सभासद सुरेश चंद्र अवस्थी, समाजसेवी बेचेलाल कोरी, आसिफ सिद्दीकी, अफजल अंसारी, अखिलेश पाल, राम किशोर ने एमबीबीएस डॉक्टर की तैनाती किए जाने की मांग की है।
वर्जन
जिले में डाक्टरों की कमी है, शासन से डिमांड की गई है। जिन स्वास्थ्य केंद्रों पर डाक्टरों की कमी है, वहां पर जल्द ही तैनाती कराई जाएगी। अस्पताल समय से न पहुंचने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. अर्चना श्रीवास्तव, सीएमओ
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रुरुगंज में नौ बजकर 40 मिनट तक मुख्य गेट पर ताला लटका मिला। यहां पर 10 बजे तक डॉक्टर व कर्मचारी नदारद थे। 10 बजे के बाद पहुंचे कुछ कर्मचारी लेटलतीफी पर एक दूसरे को देखते रहे। जबकि कुछ मरीज अस्पताल बंद देख बिधूना चले गए। यही हाल बिधूना अस्पताल में दिखा। यहां पर 10:48 बजे लैब में कोई कर्मचारी नहीं था।
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यहां बुखार से पीड़ित कई मरीज बिना जांच कराए ही वापस जा चुके थे। एक कक्ष में सिर्फ आयुष चिकित्सक बैठे नजर आए। जबकि अन्य स्टाफ नदारद था। वार्ड में कुत्ते बैठे नजर आए। सीएचसी अधीक्षक डॉ. बीपी शाक्य ने बताया कि अस्पताल में देर से पहुंचने वाले कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। स्टाफ के न होने पर वार्ड बंद रखने के निर्देश है, जिससे कुत्ते अंदर न जा सके।
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फफूंद स्वास्थ्य केंद्र में डाक्टरों की कमी
फफूंद। कस्बे का स्वास्थ्य केंद्र डाक्टरों की कमी से जूझ रहा है, जबकि इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा लोग बीमार हैं और डेंगू संक्रमित मरीज भी लगातार मिल रहे हैं। अस्पताल में तैनात एक आयुष चिकित्सक जिम्मेदारी संभाले हैं। इससे अन्य मरीजों को उपचार के लिए भटकना पड़ रहा है। लैब टेक्नीशियन न होने से मरीजों की जांचे भी नहीं हो पा रही है। मजबूरन उन्हें दिबियापुर के लिए रेफर किया जा रहा है। कस्बे के पूर्व सभासद सुरेश चंद्र अवस्थी, समाजसेवी बेचेलाल कोरी, आसिफ सिद्दीकी, अफजल अंसारी, अखिलेश पाल, राम किशोर ने एमबीबीएस डॉक्टर की तैनाती किए जाने की मांग की है।
वर्जन
जिले में डाक्टरों की कमी है, शासन से डिमांड की गई है। जिन स्वास्थ्य केंद्रों पर डाक्टरों की कमी है, वहां पर जल्द ही तैनाती कराई जाएगी। अस्पताल समय से न पहुंचने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. अर्चना श्रीवास्तव, सीएमओ