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आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने के लिए विशेष अभियान
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औरैया। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान के तहत गोल्डन कार्ड बनाने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 15 दिसंबर से शुरू है और 31 दिसंबर तक चलेगा। अभी तक 1300 गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं। इसमें पात्र लाभार्थी को पांच लाख रुपये तक के निशुल्क इलाज की सुविधा मिलती है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक परिवार में आयुष्मान भारत का गोल्डन कार्ड पहुंचे।
इस काम में सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) के साथ ही कोटेदारों से भी मदद ली जा रही है। आयुष्मान मित्र, एएनएम, आशा कार्यकर्ता के साथ गांवों में पहुंचकर कैंप लगाकर लाभार्थियों के कार्ड एक्टिवेट करने में लगे हैं। सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि वंचित परिवारों के कार्ड एक्टिवेशन को लेकर 15 दिसंबर से स्वास्थ्य विभाग की टीमें कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए गांव-गांव कैंप लगाकर कार्ड बनवाने में लगी हुई है।
आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी डॉ. शलभ मोहन भारत का कहना है कि जिले में 25 टीमों को लगाया गया है, जो प्रत्येक ब्लाक में एक दिन में तीन गांवों में शिविर लगाकर गोल्डन कार्ड बना रहीं हैं। इसके साथ ही आरोग्य मित्रों द्वारा गांव-गांव शिविर लगाकर भी कार्ड बनाए जा रहे हैं। जिला प्रोग्राम कोआर्डिनेटर डॉ. ज्योतीन्द्र मिश्रा ने बताया कि अभी तक अभियान के दौरान 1300 गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं।
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इस काम में सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) के साथ ही कोटेदारों से भी मदद ली जा रही है। आयुष्मान मित्र, एएनएम, आशा कार्यकर्ता के साथ गांवों में पहुंचकर कैंप लगाकर लाभार्थियों के कार्ड एक्टिवेट करने में लगे हैं। सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि वंचित परिवारों के कार्ड एक्टिवेशन को लेकर 15 दिसंबर से स्वास्थ्य विभाग की टीमें कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए गांव-गांव कैंप लगाकर कार्ड बनवाने में लगी हुई है।
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आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी डॉ. शलभ मोहन भारत का कहना है कि जिले में 25 टीमों को लगाया गया है, जो प्रत्येक ब्लाक में एक दिन में तीन गांवों में शिविर लगाकर गोल्डन कार्ड बना रहीं हैं। इसके साथ ही आरोग्य मित्रों द्वारा गांव-गांव शिविर लगाकर भी कार्ड बनाए जा रहे हैं। जिला प्रोग्राम कोआर्डिनेटर डॉ. ज्योतीन्द्र मिश्रा ने बताया कि अभी तक अभियान के दौरान 1300 गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं।
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