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थम नहीं रहा यमुना का उफान, फसलें जलमग्न
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औरैया/अजीतमल/अयाना। कोटा बैराज से चंबल में पानी छोड़े जाने के बाद उफनाई यमुना घटने का नाम नहीं ले रही है। इससे यमुना के किनारे बसे गांवों के लोगों की धड़कने बढ़ गई हैं। वजह यह है कि कई गांवों की फसलें जलमग्न हो गई हैं। फसलें डूबने से किसानों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। ग्रामीणों को डर सता रहा है कि गांवों में पानी पहुंच गया तो उनकी गृहस्थी भी तबाह हो जाएगी। हालांकि अभी गांवों में पानी घुसने की सूचना नहीं है। गोहानीकलॉ संपर्क मार्ग पर रपटा पुल पर पानी भरने से आवाजाही बंद होने से वहां के स्कूल बंद रहे। उधर, केंद्रीय जल आयोग की टीम यमुना के जलस्तर पर बराबर नजर रखे है।
बुधवार की सुबह यमुना का पानी बढ़ना शुरू हुआ। इसके बाद हर घंटे 10 से 12 सेमी की रफ्तार से जलस्तर बढ़ता रहा। गुरुवार को भी जलस्तर का बढ़ना जारी रहा। अजीतमल में यमुना का चलस्तर लगातार बढ़ने से गोहानीकलॉ संपर्क मार्ग पर रपटा का पुल होने के चलते उस पर करीब छह फुट पानी भर गया, जिससे लोगों का निकलना बंद हो गया। सुबह प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय के अध्यापक प्रदीप कुुुमार, जितेंद्र पाल सिंह, रामकुमार, अभिषेक, सारिका, अंजना आदि पुल तक तो पहुंचे, लेकिन पानी अधिक होने के चलते विद्यालय नहीं पहुंच सके। इसके चलते गोहानीकलॉ के दोनों विद्यालय बंद रहे। बीआरसी समन्वयक अरविंद राजपूत ने बताया की रास्ता बंद होने के चलते अध्यापक विद्यालय नहीं पहुंच सके। बीआरसी पर अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई है।
बुधवार की देर शाम एसडीएम अजीतमल राशिद अली खान ने बाढ़ क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को सतर्क रहने, जानवरों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के आदेश किए। बाढ़ से निपटने के लिए बनाई गई चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को हर स्थिति से निपटने के आदेश दिए। एसडीएम ने बताया की अभी बाढ़ का पानी किसी गांव में नहीं पहुंचा है। सिर्फ गोहानी कला में रोड पर रपटा वाला पुल होने के चलते उस पर पानी भर गया है, जिससे लोगों को आवाजाही की समस्या है। उधर, तहसीलदार अजीतमल संध्या शर्मा ने बताया कि जलस्तर बढ़ा है, टीम को लगाकर ग्रामीणों के नुकसान का सर्वे कराया जाएगा।
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अयाना प्रतिनिधि के मुताबिक यमुना नदी के किनारे बसे गांव मिश्रुरपुरा, बीजलपुर, खेड़ा डांडे, सिखरना, भरतौल, फरहा, बटपुरा, महेवा, जुहीखा, असेवटा ग्रामों के किसानों की 45 हेक्टेयर फसल जलमग्न हो गई है। इससे किसानों को खासा नुकसान हुआ है। फसल जलमग्न की जानकारी होने पर कानून गो सिपाही लाल, लेखपाल मोहित श्रीवास्तव ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। साथ ही किसानों के नुकसान की सूची तैयार कर शासन को भेजने की तैयारी शुरू कर दी है।
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बुधवार की सुबह यमुना का पानी बढ़ना शुरू हुआ। इसके बाद हर घंटे 10 से 12 सेमी की रफ्तार से जलस्तर बढ़ता रहा। गुरुवार को भी जलस्तर का बढ़ना जारी रहा। अजीतमल में यमुना का चलस्तर लगातार बढ़ने से गोहानीकलॉ संपर्क मार्ग पर रपटा का पुल होने के चलते उस पर करीब छह फुट पानी भर गया, जिससे लोगों का निकलना बंद हो गया। सुबह प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय के अध्यापक प्रदीप कुुुमार, जितेंद्र पाल सिंह, रामकुमार, अभिषेक, सारिका, अंजना आदि पुल तक तो पहुंचे, लेकिन पानी अधिक होने के चलते विद्यालय नहीं पहुंच सके। इसके चलते गोहानीकलॉ के दोनों विद्यालय बंद रहे। बीआरसी समन्वयक अरविंद राजपूत ने बताया की रास्ता बंद होने के चलते अध्यापक विद्यालय नहीं पहुंच सके। बीआरसी पर अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई है।
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बुधवार की देर शाम एसडीएम अजीतमल राशिद अली खान ने बाढ़ क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को सतर्क रहने, जानवरों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के आदेश किए। बाढ़ से निपटने के लिए बनाई गई चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को हर स्थिति से निपटने के आदेश दिए। एसडीएम ने बताया की अभी बाढ़ का पानी किसी गांव में नहीं पहुंचा है। सिर्फ गोहानी कला में रोड पर रपटा वाला पुल होने के चलते उस पर पानी भर गया है, जिससे लोगों को आवाजाही की समस्या है। उधर, तहसीलदार अजीतमल संध्या शर्मा ने बताया कि जलस्तर बढ़ा है, टीम को लगाकर ग्रामीणों के नुकसान का सर्वे कराया जाएगा।
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अयाना प्रतिनिधि के मुताबिक यमुना नदी के किनारे बसे गांव मिश्रुरपुरा, बीजलपुर, खेड़ा डांडे, सिखरना, भरतौल, फरहा, बटपुरा, महेवा, जुहीखा, असेवटा ग्रामों के किसानों की 45 हेक्टेयर फसल जलमग्न हो गई है। इससे किसानों को खासा नुकसान हुआ है। फसल जलमग्न की जानकारी होने पर कानून गो सिपाही लाल, लेखपाल मोहित श्रीवास्तव ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। साथ ही किसानों के नुकसान की सूची तैयार कर शासन को भेजने की तैयारी शुरू कर दी है।