{"_id":"1adfb75c449e12d034ba4874ce131b9b","slug":"farmers-search-new-varieties-of-plants-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":" पौधों की नई किस्में इजाद करें किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पौधों की नई किस्में इजाद करें किसान
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
Updated Tue, 09 Feb 2016 11:08 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कृषि विज्ञान केंद्र परवाहा पर मंगलवार को आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण में किसानों को पौध किस्म संरक्षण एवं कृषक अधिकार की जानकारी दी गई। इस मौके पर कृषि वैज्ञानिकाें ने किसानों को पौधों की नई किस्मों को इजाद करने के भी गुर बताए। प्रशिक्षण की शुरुआत मुख्य अतिथि सांसद प्रतिनिधि इटावा प्रेम कुमार ने की। वहीं सीडीओ ने किसानों से उन्नति खेती को बढ़ावा देने पर बल दिया।
इस मौके पर मुख्य अतिथि प्रेम कुमार ने कहा कि किसानों को अपने हकों के प्रति जागरूक रहना बहुत जरूरी है। इसके लिए शासन की योजनाओं की लगातार जानकारी करनी चाहिए। उन्होंने किसानों से अपनी फसल के किस्मों का इजाद कर उसका रजिस्ट्रेशन कराकर लाभ अर्जित करने की भी अपील की। मुख्य विकास अधिकारी सत्येंद्र नाथ चौधरी ने कहा कि किसान देश की रीढ़ है। इसलिए सरकार भी इनका विशेष ध्यान रखकर हर संभव मदद उपलब्ध करा रही हैं। इस दौरान जिला कृषि अधिकारी सुमित पटेल ने किसानों से नवीन प्रजाति को विकसित करने की अपील की। कहा कि इससे समाज का लाभ तो होगा ही साथ ही नई किस्मों के पौधों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कार्यक्रम आयोजक केंद्र प्रभारी वैज्ञानिक डा. अनंत कुमार ने कृषक किस्म व पौधा किस्म के पंजीकरण के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। वहीं गृह वैज्ञानिक डा.फूल कुमारी ने पौधा किस्म व कृषक अधिकार संरक्षण अधिनियम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालकर किसानों से अपने हकों की पहरेदारी करने के लिए जागरूक होने की अपील की। गोष्ठी को इसके अलावा डा.इंद्रपाल सिंह, अंकुर झा, जिला कृषि अधिकारी आशा राम राजपूत, प्रेमराज शर्मा आदि ने भी संबोधित किया। इस दौरान कार्यक्रम में भारी संख्या में किसानों ने सहभागिता की। इस दौरान स्थानीय स्तर पर संकलित पौधों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। जिसका सीडीओ ने भ्रमण कर अवलोकन किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस मौके पर मुख्य अतिथि प्रेम कुमार ने कहा कि किसानों को अपने हकों के प्रति जागरूक रहना बहुत जरूरी है। इसके लिए शासन की योजनाओं की लगातार जानकारी करनी चाहिए। उन्होंने किसानों से अपनी फसल के किस्मों का इजाद कर उसका रजिस्ट्रेशन कराकर लाभ अर्जित करने की भी अपील की। मुख्य विकास अधिकारी सत्येंद्र नाथ चौधरी ने कहा कि किसान देश की रीढ़ है। इसलिए सरकार भी इनका विशेष ध्यान रखकर हर संभव मदद उपलब्ध करा रही हैं। इस दौरान जिला कृषि अधिकारी सुमित पटेल ने किसानों से नवीन प्रजाति को विकसित करने की अपील की। कहा कि इससे समाज का लाभ तो होगा ही साथ ही नई किस्मों के पौधों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
विज्ञापन
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कार्यक्रम आयोजक केंद्र प्रभारी वैज्ञानिक डा. अनंत कुमार ने कृषक किस्म व पौधा किस्म के पंजीकरण के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। वहीं गृह वैज्ञानिक डा.फूल कुमारी ने पौधा किस्म व कृषक अधिकार संरक्षण अधिनियम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालकर किसानों से अपने हकों की पहरेदारी करने के लिए जागरूक होने की अपील की। गोष्ठी को इसके अलावा डा.इंद्रपाल सिंह, अंकुर झा, जिला कृषि अधिकारी आशा राम राजपूत, प्रेमराज शर्मा आदि ने भी संबोधित किया। इस दौरान कार्यक्रम में भारी संख्या में किसानों ने सहभागिता की। इस दौरान स्थानीय स्तर पर संकलित पौधों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। जिसका सीडीओ ने भ्रमण कर अवलोकन किया।
विज्ञापन