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Auraiya News: मौसमी बीमारियों संग आंखों में संक्रमण बढ़ा, मेडिकल कॉलेज पहुंचे तीन हजार मरीज
Tue, 08 Sep 2026 12:18 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Tue, 08 Sep 2026 12:18 AM IST
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ओपीडी के बाहर कतार में खड़े मरीज। संवाद
ककोर/बिधूना। बारिश के मौसम की शुरुआत के साथ ही मौसमी बीमारियों और आंखों से जुड़ी बीमारियों व संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। सोमवार को बिधूना कस्बा स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया 50 शय्या नेत्र चिकित्सालय में दोपहर दो बजे तक ही उपचार के लिए 56 मरीज पहुंचे। इनमें से करीब 25 मरीज आंखों में तेज खुजली, जलन और लालिमा की समस्या से ग्रस्त पाए गए, जबकि बाकी मरीज मोतियाबिंद व अन्य नेत्र विकारों से पीड़ित थे।
नेत्र सर्जन डॉ. जय किशन ने सभी मरीजों का परीक्षण कर उन्हें प्राथमिक उपचार और आवश्यक दवाएं दीं। डॉक्टर के मुताबिक बरसात के दिनों में हवा में नमी, गंदे पानी के संपर्क में आने और आंखों में सूखापन (ड्राई आइज) के कारण खुजली, जलन और संक्रमण के मामले बढ़ जाते हैं। इन दिनों अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 50 से 60 मरीज आंखों की शिकायत लेकर आ रहे हैं।
डॉक्टर ने सभी को बारिश के गंदे पानी से बचने और आंखों की स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी है। इसी तरह चिचौली मेडिकल कॉलेज में रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को ओपीडी खुलते ही मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पंजीकरण काउंटर से लेकर डॉक्टरों के कक्ष तक दिनभर लंबी कतारें लगी रहीं। इस दौरान महिला और जनरल ओपीडी मिलाकर कुल करीब तीन हजार मरीजों से ज्यादा ने पंजीकरण कराया।
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अस्पताल पहुंचे अधिकांश मरीज कई किमी दूर से सफर तय करके आए थे। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद लोग सीधे मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे हैं। सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए भी मेडिकल कॉलेज आने से यहां की स्वास्थ्य व्यवस्था और ओपीडी पर भारी दबाव बन रहा है।
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि ओपीडी में तीन हजार मरीजों ने पंजीकरण कराया है। उन्होंने कहा कि पहले अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच कराएं, ताकि मेडिकल कॉलेज में भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कर्मदीप ने बताया कि इस मौसम में बच्चों का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है। उन्हें मौसम के अनुकूल कपड़े पहनाएं और अस्वस्थ होने पर तत्काल योग्य चिकित्सक से परामर्श लें।
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नेत्र सर्जन डॉ. जय किशन ने सभी मरीजों का परीक्षण कर उन्हें प्राथमिक उपचार और आवश्यक दवाएं दीं। डॉक्टर के मुताबिक बरसात के दिनों में हवा में नमी, गंदे पानी के संपर्क में आने और आंखों में सूखापन (ड्राई आइज) के कारण खुजली, जलन और संक्रमण के मामले बढ़ जाते हैं। इन दिनों अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 50 से 60 मरीज आंखों की शिकायत लेकर आ रहे हैं।
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डॉक्टर ने सभी को बारिश के गंदे पानी से बचने और आंखों की स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी है। इसी तरह चिचौली मेडिकल कॉलेज में रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को ओपीडी खुलते ही मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पंजीकरण काउंटर से लेकर डॉक्टरों के कक्ष तक दिनभर लंबी कतारें लगी रहीं। इस दौरान महिला और जनरल ओपीडी मिलाकर कुल करीब तीन हजार मरीजों से ज्यादा ने पंजीकरण कराया।
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अस्पताल पहुंचे अधिकांश मरीज कई किमी दूर से सफर तय करके आए थे। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद लोग सीधे मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे हैं। सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए भी मेडिकल कॉलेज आने से यहां की स्वास्थ्य व्यवस्था और ओपीडी पर भारी दबाव बन रहा है।
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि ओपीडी में तीन हजार मरीजों ने पंजीकरण कराया है। उन्होंने कहा कि पहले अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच कराएं, ताकि मेडिकल कॉलेज में भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कर्मदीप ने बताया कि इस मौसम में बच्चों का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है। उन्हें मौसम के अनुकूल कपड़े पहनाएं और अस्वस्थ होने पर तत्काल योग्य चिकित्सक से परामर्श लें।

ओपीडी के बाहर कतार में खड़े मरीज। संवाद