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ई लर्निंग से विद्यार्थियों के साथ शिक्षक भी हो सकते हैं अपग्रेड
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दिबियापुर (औरैया)। ई लर्निंग की कोई उम्र नहीं होती और आने वाला समय ई लर्निंग का ही है। कोरोना संक्रमण काल के चलते संयोग से बच्चों को अभी से ई लर्निंग से पढ़ाई करने का मौका मिल रहा है। यह एक मौका है विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों को भी अपग्रेड होने का। ऑनलाइन शिक्षण को और प्रभावी बनाने के लिए ग्रीन वैली पब्लिक स्कूल की ओर से आयोजित कार्यशाला में मुख्य वक्ता दिल्ली के मार्केटिंग एडीटर कम मोटीवेशनल ट्रेनर आबिद अख्तर अंसारी ने यह बातें कहीं।
आबिद अख्तर अंसारी ने कहा कि हम सब सकारात्मक दिशा में सोच के साथ काम करेंगे तो ऑनलाइन पढ़ाई में आने वाली समस्याएं स्वयं समाप्त हो जाएंगी। ग्रीन वैली पब्लिक स्कूल के प्राचार्य राजेश मिश्रा ने बताया कि स्कूल में सत्र के शुरूआत से ही ऑनलाइन शिक्षा पद्धति से पढ़ाई चल रही है। कोरोना काल के संकट को ध्यान में रखते हुए परीक्षाओं का आयोजन भी इसी तकनीक के माध्यम से किया जा रहा है।
ऑनलाइन सेशन को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें विद्यालय के 25 से अधिक शिक्षकों ने ऑनलाइन प्रतिभाग किया। कार्यशाला में ऑनलाइन शिक्षण, उनकी आवश्यकता, समस्याएं और निदान पर चर्चा हुई। आयोजन का उद्देश्य शिक्षकों, छात्रों अवं अभिभावकों की ऑनलाइन शिक्षण में होने वाली समस्याओं के निराकरण के उपायों पर भी चर्चा हुई। बच्चों के अभिभावकों से बात करके उनकी समस्याओं का समाधान किया गया। विद्यालय के निदेशक नवनीत गुप्ता ने शिक्षकों से ई लर्निंग पर विचार विमर्श कर इसे और अधिक प्रभावी और विद्यार्थियों के अनुकूल बनाने को कहा।
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आबिद अख्तर अंसारी ने कहा कि हम सब सकारात्मक दिशा में सोच के साथ काम करेंगे तो ऑनलाइन पढ़ाई में आने वाली समस्याएं स्वयं समाप्त हो जाएंगी। ग्रीन वैली पब्लिक स्कूल के प्राचार्य राजेश मिश्रा ने बताया कि स्कूल में सत्र के शुरूआत से ही ऑनलाइन शिक्षा पद्धति से पढ़ाई चल रही है। कोरोना काल के संकट को ध्यान में रखते हुए परीक्षाओं का आयोजन भी इसी तकनीक के माध्यम से किया जा रहा है।
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ऑनलाइन सेशन को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें विद्यालय के 25 से अधिक शिक्षकों ने ऑनलाइन प्रतिभाग किया। कार्यशाला में ऑनलाइन शिक्षण, उनकी आवश्यकता, समस्याएं और निदान पर चर्चा हुई। आयोजन का उद्देश्य शिक्षकों, छात्रों अवं अभिभावकों की ऑनलाइन शिक्षण में होने वाली समस्याओं के निराकरण के उपायों पर भी चर्चा हुई। बच्चों के अभिभावकों से बात करके उनकी समस्याओं का समाधान किया गया। विद्यालय के निदेशक नवनीत गुप्ता ने शिक्षकों से ई लर्निंग पर विचार विमर्श कर इसे और अधिक प्रभावी और विद्यार्थियों के अनुकूल बनाने को कहा।
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