फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   Dry phaphoond and Kothipur Rajbha

सूखा पड़ा फफूंद व कोठीपुर रजबहा

Thu, 09 Jun 2022 11:45 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jun 2022 11:45 PM IST
विज्ञापन
Dry phaphoond and Kothipur Rajbha
सूखा पड़ा जैतपुर माइनर। संवाद - फोटो : AURAIYA
फफूंद। कोठीपुर और फफूंद रजबहा में घसारा नहर से पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। इस वजह से दोनों रजबहों से जुड़े नौ माइनर भी सूखे हैं। धान नर्सरी की बोआई व अन्य फसलों की सिंचाई के लिए किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि रजबहों और माइनरों में पानी न आने से करीब छह हजार हेक्टेयर भूमि प्रभावित हो रही है। कई बार पानी छोड़े जाने की मांग उठी, पर अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया।
विज्ञापन

सिंचाई विभाग प्रति वर्ष सिल्ट सफाई और रजबहा, माइनरों की साफ सफाई को लेकर लाखों रुपये खर्च कर रहा है। इसके बावजूद समय से पानी न मिलने से किसान परेशान हैं। घसारा नहर मुख्य शाखा से निकले 30 किलोमीटर लंबे फफूंद रजबहा से मिलने वाले पानी से क्षेत्र की छह हजार हेक्टेयर भूमि की फसलों की सिंचाई की जाती है।
विज्ञापन

फफूंद रजबहा से कोठीपुर रजबहा व नौ माइनर केशमपुर, नगरिया, सेनपुर, फफूंद दायां, फफूंद बायां, शाह आलमपुर, सिंदुरिया आलमपुर, दौलतपुर, महतेपुर को पानी दिया जाता है। इस वक्त फफूंद रजबहा सूखा होने से कोठीपुर रजबहा व माइनर भी सूखी हुई हैं। किसान परेशान है कि धान की नर्सरी कैसे लगाएं। समय से पानी न मिलने और नर्सरी का समय निकलता देख किसान परेशान हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

अधिशासी अभियंता सिंचाई शिवराज सिंह ने कहा कि रामगंगा कमांड से पांच हजार क्यूसेक पानी की मांग की गई है। इन दिनों ऊपर से ही पानी कम आ रहा है। इस वजह से रजबहा और माइनरों तक पानी कम पहुंच पा रहा है। विभाग इसके लिए लगातार प्रयासरत हैं कि जल्द से जल्द पर्याप्त क्षमता के साथ पानी छोड़ा जाए और किसान लाभ ले सकें।

मक्का फसल की सिंचाई और पलेवा रुकी
इन दिनों क्षेत्र के किसानों ने अगेती मक्का की फसल बो रखी है। इस फसल को पानी देने का समय है। वहीं कुछ किसान पिछैती मक्का बोने के लिए खेतों की पलेवा करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके साथ ही धान बोआई के लिए नर्सरी तैयार करने का समय है, पर रजबहा, माइनर सूखे होने से किसान निजी नलकूपों का सहारा ले रहे हैं। इससे उनके ऊपर आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है।

 सूखा पड़ा दौलतपुर माइनर। संवाद

सूखा पड़ा दौलतपुर माइनर। संवाद- फोटो : AURAIYA

फफूंद रजबहा में पानी नहीं। संवाद

फफूंद रजबहा में पानी नहीं। संवाद- फोटो : AURAIYA

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed