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Auraiya News: प्रदर्शनी में सजा सपना, गांवों में बदहाली
Sat, 24 Jan 2026 11:33 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 24 Jan 2026 11:33 PM IST
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फोटो-24- प्रदर्शनी में दिखाया गया आदर्श गांव का मॉडल। संवाद
ककोर। विकास भवन परिसर में लगी प्रदर्शनी में पंचायती राज विभाग द्वारा गांव का एक आकर्षक व सुव्यवस्थित मॉडल स्टॉल लगाया गया।
इस मॉडल में साफ-सुथरी सड़कें, सोलर पैनल लगे मकान, हरियाली, स्वच्छ पंचायत भवन, जल निकासी की बेहतर व्यवस्था और आधुनिक सुविधाओं से युक्त आदर्श गांव की झलक दिखाई गई। यह मॉडल जमीनी हकीकत से बिल्कुल उलट है।
जनपद के अधिकांश गांव आज भी कीचड़, गंदगी, टूटी सड़कों, खुले नालों, कूड़े के ढेर और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं।
प्रदर्शनी में दिखाया गया गांव अगर वास्तव में धरातल पर उतर जाए तो ग्रामीण विकास की तस्वीर ही बदल सकती है। लोगों का कहना है कि गांवों की गलियों में आज भी बरसात में घुटनों तक पानी भर जाता है। शौचालय उपयोग के लायक नहीं हैं और पंचायत भवन केवल नाम मात्र के रह गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि योजनाएं कागजों और प्रदर्शनी तक तो बेहद सुंदर दिखाई जाती हैं, लेकिन असल गांवों में उनका असर नगण्य है।(संवाद)
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इस मॉडल में साफ-सुथरी सड़कें, सोलर पैनल लगे मकान, हरियाली, स्वच्छ पंचायत भवन, जल निकासी की बेहतर व्यवस्था और आधुनिक सुविधाओं से युक्त आदर्श गांव की झलक दिखाई गई। यह मॉडल जमीनी हकीकत से बिल्कुल उलट है।
जनपद के अधिकांश गांव आज भी कीचड़, गंदगी, टूटी सड़कों, खुले नालों, कूड़े के ढेर और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं।
प्रदर्शनी में दिखाया गया गांव अगर वास्तव में धरातल पर उतर जाए तो ग्रामीण विकास की तस्वीर ही बदल सकती है। लोगों का कहना है कि गांवों की गलियों में आज भी बरसात में घुटनों तक पानी भर जाता है। शौचालय उपयोग के लायक नहीं हैं और पंचायत भवन केवल नाम मात्र के रह गए हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि योजनाएं कागजों और प्रदर्शनी तक तो बेहद सुंदर दिखाई जाती हैं, लेकिन असल गांवों में उनका असर नगण्य है।(संवाद)