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Auraiya News: महिला डॉक्टर के हत्यारों को फांसी दिलाने की मांग
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ककोर। कोलकाता में महिला डॉक्टर की हत्या के विरोध में मेडिकल कॉलेज व 100 शैया अस्पताल चिचौली के जूनियर व सीनियर रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल जारी है।
जूनियर डॉक्टर के साथ रेजीडेंट डॉक्टर भी हड़ताल के जरिए अपनी नाराजगी जताते नजर आए। हड़ताल के कारण मरीज भटकते रहे। कई डॉक्टरों ने हड़ताल स्थल पर ही मरीजों को देखा, जबकि इमरजेंसी सेवाएं सुचारू रूप से जारी हैं। कुछ डॉक्टरों ने ओपीडी में भी बैठकर स्वास्थ्य सेवाएं दीं।
100 शैया जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने दिन में बैनर और तख्ती लेकर प्रदर्शन किया। रेजीडेंट डॉक्टर और जूनियर डॉक्टर हड़ताल के लिए गेट पर ही बैठे रहे। इस दौरान वी वांट जस्टिस के नारे लगाए। डॉ. उत्कर्ष ने बताया कि कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ गैंगरेप हुआ है। अन्य आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए हैं। महज एक को गिरफ्तार कर सरकार अपना बचाव कर रही है। कॉलेज के प्रिंसिपल को गिरफ्तार नहीं किया गया और वह इस हत्या को आत्महत्या बता रहे थे।
सेंट्रल प्रोटेक्शन एक्ट 2022 अभी तक लागू नहीं हुआ है। इस कारण उत्तराखंड, पुणे, हैदराबाद में रेप की घटनाएं हुई हैं। आरोपियों को फांसी दी जाए। यह मांग पूरी होनी चाहिए। नहीं तो हड़ताल जारी रहेगी। प्रदर्शन में शामिल डॉ. माया ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने टास्क फोर्स बनाने को कहा लेकिन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और महिला डॉक्टर की सुरक्षा की बात नहीं कही।
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महिला डॉक्टर को ड्यूटी के दौरान बहुत सी समस्याएं आती हैं। इसलिए महिला डॉक्टर को अतिरिक्त प्रोटेक्शन की जरूरत है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र ने बताया कि ओपीडी और इमरजेंसी सेवा सुचारू रूप से चालू है। विरोध-प्रदर्शन में डॉ. मनोज मेघवानी, डॉ. संतोष, डॉ. अविनाश, डॉ. गौरव, डॉ. कीर्तिवर्धन, डॉ. शुभांकर, डॉ. दीपा, डॉ. काव्या, डॉ. कृष्णकांत आदि मौजूद रहे।
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जूनियर डॉक्टर के साथ रेजीडेंट डॉक्टर भी हड़ताल के जरिए अपनी नाराजगी जताते नजर आए। हड़ताल के कारण मरीज भटकते रहे। कई डॉक्टरों ने हड़ताल स्थल पर ही मरीजों को देखा, जबकि इमरजेंसी सेवाएं सुचारू रूप से जारी हैं। कुछ डॉक्टरों ने ओपीडी में भी बैठकर स्वास्थ्य सेवाएं दीं।
100 शैया जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने दिन में बैनर और तख्ती लेकर प्रदर्शन किया। रेजीडेंट डॉक्टर और जूनियर डॉक्टर हड़ताल के लिए गेट पर ही बैठे रहे। इस दौरान वी वांट जस्टिस के नारे लगाए। डॉ. उत्कर्ष ने बताया कि कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ गैंगरेप हुआ है। अन्य आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए हैं। महज एक को गिरफ्तार कर सरकार अपना बचाव कर रही है। कॉलेज के प्रिंसिपल को गिरफ्तार नहीं किया गया और वह इस हत्या को आत्महत्या बता रहे थे।
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सेंट्रल प्रोटेक्शन एक्ट 2022 अभी तक लागू नहीं हुआ है। इस कारण उत्तराखंड, पुणे, हैदराबाद में रेप की घटनाएं हुई हैं। आरोपियों को फांसी दी जाए। यह मांग पूरी होनी चाहिए। नहीं तो हड़ताल जारी रहेगी। प्रदर्शन में शामिल डॉ. माया ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने टास्क फोर्स बनाने को कहा लेकिन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और महिला डॉक्टर की सुरक्षा की बात नहीं कही।
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महिला डॉक्टर को ड्यूटी के दौरान बहुत सी समस्याएं आती हैं। इसलिए महिला डॉक्टर को अतिरिक्त प्रोटेक्शन की जरूरत है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र ने बताया कि ओपीडी और इमरजेंसी सेवा सुचारू रूप से चालू है। विरोध-प्रदर्शन में डॉ. मनोज मेघवानी, डॉ. संतोष, डॉ. अविनाश, डॉ. गौरव, डॉ. कीर्तिवर्धन, डॉ. शुभांकर, डॉ. दीपा, डॉ. काव्या, डॉ. कृष्णकांत आदि मौजूद रहे।