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खस्ताहाल सड़कों पर जान का खतरा

Tue, 07 Jun 2022 12:42 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 07 Jun 2022 12:42 AM IST
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Danger of life on bad roads
बिधूना से किल्लामपुर तक जाने वाली सड़क। संवाद - फोटो : AURAIYA
औरैया। राष्ट्रीय व राज्यमार्गों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छी सड़कों का जाल बिछाने की सरकार बात कह रही है, पर जिले में हालात इसके विपरीत है। कई गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इनकी न तो मरम्मत हुई और न ही नया निर्माण। बारिश में इन सड़कों का बुरा हाल होगा। इन सड़कों का जीर्णोद्धार कब होगा इसका जवाब न तो जनप्रतिनिधियों के पास है और न अफसरों के पास।
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पंचायत और विधानसभा चुनाव में जर्जर सड़कों की मरम्मत का मुद्दा खूब उठा। दावेदारों ने चुनाव जीतते ही सब कुछ चकाचक कर देने का वादा भी किया, लेकिन आज भी हालात जस के तस हैं। बारिश का सीजन शुरू होने वाला है। क्षेत्र के लोग जलभराव वाली सड़कों से गुजरेंगे, इसे लेकर उन्हें चिंता सताने लगी है। पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकीं सड़कों को ठीक कराने के लिए काफी समय से मांग उठती चली आ रही है।
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लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी वर्षों से आश्वासन देते चले आ रहे हैं। अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग अनिल कुमार जाटव ने कहा कि जिले की तमाम ग्रामीण सड़कों के नवीनीकरण व मरम्मत का प्रस्ताव शासन भेजा गया है। बजट मिलते ही इन पर काम शुरू कराया जाएगा। कुछ सड़कों को पूर्व में मरम्मत कराकर ठीक कराया गया है। जिन सड़कों का स्टीमेट बनाकर नहीं भेजा गया है, उनका भी स्टीमेट बनवाकर जल्द भिजवाया जाएगा।
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बिधूना से किल्लामपुर तक जाने वाली सड़क वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनाई गई थी। ढाई किलो मीटर तक सड़क अब पूरी तरह उखड़ चुकी है। यह मार्ग किशनी रोड से भी जुड़ती है। इस मार्ग पर किल्लामपुर, सुल्तानपुर, ढोबा, बोझा, कछपुरा आदि गांवों के लोग आवागमन करते हैं। सालों से लोग सड़क की मरम्मत व नए निर्माण की मांग करते चले आ रहे हैं।
ऐरवाकटरा से कुदरकोट के लिए जाने वाला यह मार्ग करीब 15 वर्ष पहले बनाया गया था। विधानसभा चुनाव के पहले इसकी मरम्मत का काम शुरू हुआ। फिर आचार संहिता लग गई, तबसे निर्माण कार्य बंद चल रहा है। तबसे आज तक निर्माण कार्य दोबारा से शुरू नहीं कराया गया।, लोग जर्जर सड़क से ही सफर करने को मजबूर हैं।
गोपियापुर से सूरजपुर तक दो किलोमीटर सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है। इस मार्ग पर बारिश के दिनों में जलभराव हो जाता है। इस कारण ग्रामीणों को मानसून आने से पहले चिंता सताने लगी है। गांव के लोगों का कहना है कि कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से सड़क की मरम्मत कराने के लिए गुहार लगाई, पर सुनवाई नहीं हुई।

फफूंद के गेल रोड से पाता स्टेशन को गई बनकेपुरवा कैनाल रोड गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। नो इंट्री लगने पर भारी वाहन इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं। भारी वाहनों के आवागमन से हालात और खराब हो गए हैं। इसके अलावा क्षेत्र के मुंसीपुर, रानीपुर, कोठीपुर, द्वारिकापुर संपर्क मार्ग की यही स्थिति है।

 कुदरकोट को जाने वाला जर्जर मार्ग।

कुदरकोट को जाने वाला जर्जर मार्ग।- फोटो : AURAIYA

 गोपियापुर-सूरजपुर मार्ग की जर्जर सड़क। संवाद

गोपियापुर-सूरजपुर मार्ग की जर्जर सड़क। संवाद- फोटो : AURAIYA

बनकेपुरवा से पाता स्टेशन होकर दिबियापुर जाने वाला मार्ग। संवाद

बनकेपुरवा से पाता स्टेशन होकर दिबियापुर जाने वाला मार्ग। संवाद- फोटो : AURAIYA

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