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फर्जीवाड़ा में प्रधान व सचिव को नोटिस
फर्जीवाड़ा में प्रधान व सचिव को नोटिस
Updated Sat, 29 Sep 2018 11:49 PM IST
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औरैया। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजना के तहत भारत सरकार तथा उप निदेशक तथा उनकी टीम द्वारा कराई गई क्रॉस चेकिंग में छह ग्राम पंचायतों में बड़े पैमाने पर खामियां मिली हैं। शौचालय का लाभ अपात्रों को देने, मनमाने ढंग से एमआईएस फीडिंग तथा संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा अपने दायित्वों का निर्वहन न करने जैसी खामियां सामने आई हैं। डीपीआरओ ने ग्राम प्रधान को पंचायत अधिनियम, तत्कालीन डीपीआरओ, जिला कंसल्टेंट, एडीओ पंचायत, पंचायत सचिव, खंड प्रेरकों, कंप्यूटर आपरेटर को नोटिस देकर 15 दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है।
शासन ओडीएफ को लेकर गंभीर दिखाई पड़ रहा है। ग्रामीण स्वच्छता मिशन कार्यक्रम के तहत जिले में पिछले दिनों भारत सरकार तथा उप निदेशक (पंचायत) तथा उनकी टीम ने ग्राम पंचायत पंहर, भगौतीपुर, महारथपुर, ताल्हेपुर, ग्राम पंचायत अकबरपुर तथा निगड़ा में शौचालय निर्माण की क्रॉस चेकिंग की थी। निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायतों में निर्धारित समय में शौचालय का निर्माण न कराने, रिर्पोटिंग बढ़ाने, योजना को अवरुद्ध करने, पात्र व्यक्तियों को लाभ न देने, पर्याप्त धनराशि उपलब्ध होने के बाद भी मनमाने ढंग से एमआईएस कराने, अवशेष शौचालयों के लिए समय से धनराशि न मांगने, पर्याप्त समय न मिलने के बावजूद दूसरी ग्राम पंचायत का डाटा शिफ्टिंग न कराने, डुप्लीकेट नाम सम्मलित कराने के साथ अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही, शिथिलता बरतने तथा सरकार की छवि धूमिल करने के प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए। निरीक्षण आख्या में मिली खामियों के आधार पर डीपीआरओ कमल किशोर ने संबंधित प्रधानों को पंचायत राज अधिनियम के तहत, तत्कालीन प्रभारी डीपीआरओ केके अवस्थी, जिला कंसल्टेंट, एडीओ पंचायत खंड प्रेरकों, कंप्यूटर आपरेटरों को 15 दिन का नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा है। डीपीआरओ ने कहा कि तय समय में संबंधित प्रधान, अधिकारी, कर्मचारियों द्वारा संतोषजनक जवाब न मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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शासन ओडीएफ को लेकर गंभीर दिखाई पड़ रहा है। ग्रामीण स्वच्छता मिशन कार्यक्रम के तहत जिले में पिछले दिनों भारत सरकार तथा उप निदेशक (पंचायत) तथा उनकी टीम ने ग्राम पंचायत पंहर, भगौतीपुर, महारथपुर, ताल्हेपुर, ग्राम पंचायत अकबरपुर तथा निगड़ा में शौचालय निर्माण की क्रॉस चेकिंग की थी। निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायतों में निर्धारित समय में शौचालय का निर्माण न कराने, रिर्पोटिंग बढ़ाने, योजना को अवरुद्ध करने, पात्र व्यक्तियों को लाभ न देने, पर्याप्त धनराशि उपलब्ध होने के बाद भी मनमाने ढंग से एमआईएस कराने, अवशेष शौचालयों के लिए समय से धनराशि न मांगने, पर्याप्त समय न मिलने के बावजूद दूसरी ग्राम पंचायत का डाटा शिफ्टिंग न कराने, डुप्लीकेट नाम सम्मलित कराने के साथ अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही, शिथिलता बरतने तथा सरकार की छवि धूमिल करने के प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए। निरीक्षण आख्या में मिली खामियों के आधार पर डीपीआरओ कमल किशोर ने संबंधित प्रधानों को पंचायत राज अधिनियम के तहत, तत्कालीन प्रभारी डीपीआरओ केके अवस्थी, जिला कंसल्टेंट, एडीओ पंचायत खंड प्रेरकों, कंप्यूटर आपरेटरों को 15 दिन का नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा है। डीपीआरओ ने कहा कि तय समय में संबंधित प्रधान, अधिकारी, कर्मचारियों द्वारा संतोषजनक जवाब न मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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