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अनमोल हत्याकांड में दो को उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
Updated Wed, 03 Feb 2016 12:13 AM IST
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अपर सत्र न्यायाधीश सत्य प्रकाश द्विवेदी ने नगर के बहुचर्चित अनमोल बरसंइया हत्याकांड के दो अभियुक्त अहिवरन सिंह व अशोक कुमार लोधी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं उन पर 22-22 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इसके अलावा एक सह आरोपी को दोष मुक्त करार दिया गया।
घटनाक्रम के अनुसार नगर के तेल उद्योग के कारोबारी सुशील बरसंइया का एकलौता 8 वर्षीय पुत्र अनमोल बरसंइया 23 दिसंबर की शाम करीब पंाच बजे घर से खेलने के लिए निकला था। इसी के बाद वह लापता हो गया था। तमाम खोजबीन के बाद वह अगले दिन पता चला कि कारोबारी का नौकर अहिबरन सिंह अनमोल को चार पहिया वाहन यूपी 79ए6070 में बैठा रहा था।
अहिबरन सिंह को पकडने पर उसने बताया कि मात्र 20 हजार रुपये की लालच में उसने अनमोल को अपहरण कर्ताओं के सुपुर्द किया था। यह जानकारी जब अपहरण कर्ताओं को हुई तो उन्होंने आठ वर्षीय अनमोल को बुरी तरह गला घोंट कर उसकी हत्या कर दी थी।
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उसकी लाश को दयालपुर हाइवे पर स्थित नाले में फेंक दिया था। इस मामले में अहिबरन सिंह, मुकेश दुबे, अशोक कुमार लोधी व कमलेश लोधी के विरुद्ध औरैया कोतवाली में अपहरण व हत्या जैसी संगीन धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया था। जिसका मामला न्यायालय में चल रहा था। इसी क्रम में अहिबरन सिंह ने सी.जे.एम के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए थे।
एक आरोपी कमलेश के हाजिर न होने पर इस मुकदमें की पत्रावली अलग कर दी गई थी। शेष तीन के विरुद्ध ए.डी.जे (दस्यु उन्मूलन कोर्ट) में मुकदमें पर विचार करने के बाद हत्याकांड का निर्णय सुनाते हुए अपर जिलाजज सत्य प्रकाश द्विवेदी ने मुकेश दुबे को दोष मुक्त करार दिया। इसके अतिरिक्त अहिबरन सिंह व अशोक लोधी को हत्या व अपहरण का दोषी मान आजीवन कारावास व 10-10 हजार रुपए का अर्थदंड दिया। धारा 201 में तीन वर्ष की कैद व दो हजार के अथदंड की सजा सुनाई गई। पेशगार जंगबहादुर ने बताया कि दोनो अभियुक्तों को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया है।
पिता और दो पुत्रों को आजीवन कारावास
औरैया। अपर सत्र न्यायधीश महफूज अली ने थाना सहायल क्षेत्र के ग्राम पुर्वा भगत निवासी पिता व दो पुत्रों को खेत की मेड़ तोड़ने पर हुए विवाद में हत्या करने के आरोप में आजीवन कारावास व 15-15 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जानकारी के अनुसार ग्राम पुर्वा भगत निवासी अनुरुद्ध सिंह के भाई कमल सिंह का मेड़ तोडने को लेकर उसके परिवार के जितेंद्र, अवधेश सिंह व महताब सिंह से विवाद हो गया था।
जिस पर उक्त तीनों ने अनुरुद्ध व उसके भाई पर जानलेवा हमला किया था। जिसमें कमल सिंह की मौके पर मौत हो गई थी व अनुरुद्ध सिंह गंभीर रुप से घायल हो गया था। जिसकी रिपोर्ट अनुरुद्ध ने सहायल थाना क्षेत्र में दर्ज कराई थी। इसके बाद मुकदमा ए.डी.जे कोर्ट में चल रहा था। अभियोजन की ओर से ए.डी.जी.सी रमेश चंद्र मिश्रा व बचाव पक्ष की दलीलो को सुनने के बाद ए.डी.जे महफूज अली ने तीनो आरोपी जितेंद्र सिंह, अवधेश सिंह व उसके पिता महताब सिंह को हत्या के आरोप में आजीवन कारावास व दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी है।
धारा 307 में सात साल का सश्रम कारावास व पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड दिया है। आरोपी जितेंद्र सिंह को 25 आम्र्स एक्ट में 2 वर्ष के कारावास व एक हजार का अर्थदंड दिया है। सत्र लिपिक भूपेश कुमार मिश्रा ने बताया कि सभी सजाएं एक साथ चलेगीं।
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घटनाक्रम के अनुसार नगर के तेल उद्योग के कारोबारी सुशील बरसंइया का एकलौता 8 वर्षीय पुत्र अनमोल बरसंइया 23 दिसंबर की शाम करीब पंाच बजे घर से खेलने के लिए निकला था। इसी के बाद वह लापता हो गया था। तमाम खोजबीन के बाद वह अगले दिन पता चला कि कारोबारी का नौकर अहिबरन सिंह अनमोल को चार पहिया वाहन यूपी 79ए6070 में बैठा रहा था।
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अहिबरन सिंह को पकडने पर उसने बताया कि मात्र 20 हजार रुपये की लालच में उसने अनमोल को अपहरण कर्ताओं के सुपुर्द किया था। यह जानकारी जब अपहरण कर्ताओं को हुई तो उन्होंने आठ वर्षीय अनमोल को बुरी तरह गला घोंट कर उसकी हत्या कर दी थी।
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उसकी लाश को दयालपुर हाइवे पर स्थित नाले में फेंक दिया था। इस मामले में अहिबरन सिंह, मुकेश दुबे, अशोक कुमार लोधी व कमलेश लोधी के विरुद्ध औरैया कोतवाली में अपहरण व हत्या जैसी संगीन धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया था। जिसका मामला न्यायालय में चल रहा था। इसी क्रम में अहिबरन सिंह ने सी.जे.एम के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए थे।
एक आरोपी कमलेश के हाजिर न होने पर इस मुकदमें की पत्रावली अलग कर दी गई थी। शेष तीन के विरुद्ध ए.डी.जे (दस्यु उन्मूलन कोर्ट) में मुकदमें पर विचार करने के बाद हत्याकांड का निर्णय सुनाते हुए अपर जिलाजज सत्य प्रकाश द्विवेदी ने मुकेश दुबे को दोष मुक्त करार दिया। इसके अतिरिक्त अहिबरन सिंह व अशोक लोधी को हत्या व अपहरण का दोषी मान आजीवन कारावास व 10-10 हजार रुपए का अर्थदंड दिया। धारा 201 में तीन वर्ष की कैद व दो हजार के अथदंड की सजा सुनाई गई। पेशगार जंगबहादुर ने बताया कि दोनो अभियुक्तों को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया है।
पिता और दो पुत्रों को आजीवन कारावास
औरैया। अपर सत्र न्यायधीश महफूज अली ने थाना सहायल क्षेत्र के ग्राम पुर्वा भगत निवासी पिता व दो पुत्रों को खेत की मेड़ तोड़ने पर हुए विवाद में हत्या करने के आरोप में आजीवन कारावास व 15-15 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जानकारी के अनुसार ग्राम पुर्वा भगत निवासी अनुरुद्ध सिंह के भाई कमल सिंह का मेड़ तोडने को लेकर उसके परिवार के जितेंद्र, अवधेश सिंह व महताब सिंह से विवाद हो गया था।
जिस पर उक्त तीनों ने अनुरुद्ध व उसके भाई पर जानलेवा हमला किया था। जिसमें कमल सिंह की मौके पर मौत हो गई थी व अनुरुद्ध सिंह गंभीर रुप से घायल हो गया था। जिसकी रिपोर्ट अनुरुद्ध ने सहायल थाना क्षेत्र में दर्ज कराई थी। इसके बाद मुकदमा ए.डी.जे कोर्ट में चल रहा था। अभियोजन की ओर से ए.डी.जी.सी रमेश चंद्र मिश्रा व बचाव पक्ष की दलीलो को सुनने के बाद ए.डी.जे महफूज अली ने तीनो आरोपी जितेंद्र सिंह, अवधेश सिंह व उसके पिता महताब सिंह को हत्या के आरोप में आजीवन कारावास व दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी है।
धारा 307 में सात साल का सश्रम कारावास व पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड दिया है। आरोपी जितेंद्र सिंह को 25 आम्र्स एक्ट में 2 वर्ष के कारावास व एक हजार का अर्थदंड दिया है। सत्र लिपिक भूपेश कुमार मिश्रा ने बताया कि सभी सजाएं एक साथ चलेगीं।