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पत्रकार व परिजनों से मारपीट करने वाला इंस्पेक्टर निलंबित

Tue, 10 Apr 2018 10:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
अमर उजाला ब्यूरो औरैया Updated Tue, 10 Apr 2018 10:29 PM IST
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Suspended inspector who killed the journalist and relatives
थाना दिबियापुर में धरने पर बैठे पत्रकार। - फोटो : amarujala

औरैया। दिबियापुर के शांतिनगर में प्लाट पर निर्माण कार्य करा रहे पत्रकार व उसके भाई के साथ मारपीट करने वाले इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई एसडीएम व सीओ की जांच के बाद तत्काल एसपी नागेश्वर सिंह ने की। इस मामले में गृह सचिव ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। डीेएम श्रीकांत मिश्रा ने पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ)और लिपिक के निलंबन के लिए शासन को संस्तुति भेजी है।  

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  पत्रकार हिमांशु गुप्ता के भाई राजेश गुप्ता ने वर्ष 2013 में शांतिनगर में एक प्लाट खरीदा था। इस प्लाट पर नगर पंचायत एवं विक्रेता दिनेश चंद्र के बीच विवाद था। न्यायालय ने वर्ष 2011 में दिनेश चंद्र के पक्ष में आदेश करते हुए नगर पंचायत दिबियापुर या अन्य किसी से इस प्लाट पर कोई हस्तक्षेप न करने का आदेश जारी किया था। मंगलवार को राजेश कुमार गुप्ता प्लाट पर निर्माण कार्य करा रहे थे।
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आरोप है कि इसी दौरान नगर पंचायत के ईओ अजय कुमार, वरिष्ठ लिपिक नरेंद्र सिंह, दिबियापुर थानाध्यक्ष सुधीर कुमार सिंह कांस्टेबल जयवीर चौधरी, शिरोमणि भदौरिया एवं उमेश पोखर प्लाट पर पहुंचे । इन लोगों ने वहां मौजूद राजेश गुप्ता के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि निमार्ण कार्य कराने के एवज में एक लाख रुपये की मांग की। मारपीट से घायल राजेश के चिल्लाने की आवाज सुनकर उसके वृद्ध पिता रामशंकर गुप्ता बचाने पहुंचे।
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इस पर पुलिस कर्मियों ने उनके साथ भी अभद्रता कर दी। शोरगुल सुनकर पत्रकार हिमांशु व अन्य परिवार के लोग मौके पर पहुंचे तो उनके साथ भी अभद्रता कर दी। थानाध्यक्ष सुधीर कुमार सिंह ने अभद्रता करते हुए सभी को थाने ले आए। इस दौरान वृद्ध रामशंकर गुप्ता एवं राजेश गुप्ता की पिटाई से हालत बिगड़ गई। दोनों लोगों को दिबियापुर सीएचसी में भर्ती कराया गया। यहां से राजेश को सैफई के लिए रेफर कर दिया गया।

उधर घटना की जानकारी मिलते ही जिलेभर के पत्रकार जुट गए। पत्रकारों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। डीएम व एसपी से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। लखनऊ के पत्रकारों ने मामले को लेकर गृह सचिव भगवान स्वरुप से मुलाकात की। इस पर गृह सचिव ने फोन पर पीिड़ित पत्रकार हिमांशु गुप्ता से बात की और घटना की जानकारी ली। इसके बाद गृह सचिव ने डीएम श्रीकांत मिश्रा को मजिस्ट्रेटियल जांच करने के आदेश देते हुए 24 घंटे में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।


इसके साथ ही गृह सचिव ने इंस्पेक्टर दिबियापुर, नगर पंचायत ईओ व लिपिक के अलावा अन्य दोषियों के खिलाफ भी जांच करने के निर्देश दिए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही भाजपा जिलाध्यक्ष गीता शाक्य ने भी प्रशासन से बात की और कार्रवाई कराने की बात कही। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने एसडीएम व सीओ की रिपोर्ट मिलने के बाद देर शाम थानाध्यक्ष सुधीर कुमार सिंह को निलंबित कर दिया। डीएम श्रीकांत मिश्रा बताया कि नगर पंचायत ईओ व लिपिक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करने का संस्तुति पत्र शासन को भेज दिया है। साथ ही घटना के संबंध मेें मजिस्ट्रेटियल जांच  के आदेश दिए।

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