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दहेज को लेकर हत्या में पति को दस वर्ष की कैद
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औरैया। जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार ने दहेज हत्या के मामले में दोषी पति को दस वर्ष के कठोर कारावास व एक लाख साठ हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपित सास व ससुर को दोषमुक्त कर दिया।
अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा ने बताया कि ग्राम सुनवरसा थाना शिवली जिला कानपुर देहात निवासी रामबली प्रजापति पुत्र ब्रम्हा ने सात अक्टूबर 2015 को रिपोर्ट लिखाई कि उसने अपनी पुत्री स्नेहलता उर्फ गुड़िया की शादी 17 फरवरी 2014 को विनीत कुमार पुत्र राधाकिशन निवासी ग्राम गुलरिहा थाना दिबियापुर के साथ की थी। आरोप है कि ससुरालीजन स्नेहलता को दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करते थे। छह अक्टूबर 2015 की रात करीब 11 बजे स्नेहलता की ससुराल में जलकर मौत हो गई। 22 वर्षीय स्नेहलता की मौत के मामले में थाना दिबियापुर में पति विनीत कुमार, ससुर राधा किशन व सास रामवती के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया। आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल हुआ।
अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा, एडीजीसी रमेश चंद्र व बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता ह्दय नारायण पांडेय की दलीलें सुनने के बाद जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार ने ससुर राधा किशन व सास रामवती को दोषमुक्त कर दिया, लेकिन घटना के समय पति विनीत कुमार के बाहर होने की बात स्वीकार न करते हुए उसे पत्नी स्नेहलता की दहेज को लेकर हत्या का दोषी माना और दस वर्ष के कठोर कारावास व एक लाख साठ हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की राशि में से 80 फीसदी राशि बतौर हर्जाना मृतका के पिता को देय होगी। अर्थदंड की वसूली राजस्व बकाया के तरह होगी। पति विनीत कुमार को जिला कारागार इटावा भेजा गया।
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अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा ने बताया कि ग्राम सुनवरसा थाना शिवली जिला कानपुर देहात निवासी रामबली प्रजापति पुत्र ब्रम्हा ने सात अक्टूबर 2015 को रिपोर्ट लिखाई कि उसने अपनी पुत्री स्नेहलता उर्फ गुड़िया की शादी 17 फरवरी 2014 को विनीत कुमार पुत्र राधाकिशन निवासी ग्राम गुलरिहा थाना दिबियापुर के साथ की थी। आरोप है कि ससुरालीजन स्नेहलता को दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करते थे। छह अक्टूबर 2015 की रात करीब 11 बजे स्नेहलता की ससुराल में जलकर मौत हो गई। 22 वर्षीय स्नेहलता की मौत के मामले में थाना दिबियापुर में पति विनीत कुमार, ससुर राधा किशन व सास रामवती के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया। आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल हुआ।
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अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा, एडीजीसी रमेश चंद्र व बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता ह्दय नारायण पांडेय की दलीलें सुनने के बाद जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार ने ससुर राधा किशन व सास रामवती को दोषमुक्त कर दिया, लेकिन घटना के समय पति विनीत कुमार के बाहर होने की बात स्वीकार न करते हुए उसे पत्नी स्नेहलता की दहेज को लेकर हत्या का दोषी माना और दस वर्ष के कठोर कारावास व एक लाख साठ हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की राशि में से 80 फीसदी राशि बतौर हर्जाना मृतका के पिता को देय होगी। अर्थदंड की वसूली राजस्व बकाया के तरह होगी। पति विनीत कुमार को जिला कारागार इटावा भेजा गया।
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