फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   दहेज को लेकर हत्या में पति को दस वर्ष की कैद

दहेज को लेकर हत्या में पति को दस वर्ष की कैद

Sat, 11 May 2019 12:07 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 11 May 2019 12:07 AM IST
विज्ञापन
दहेज को लेकर हत्या में पति को दस वर्ष की कैद
औरैया। जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार ने दहेज हत्या के मामले में दोषी पति को दस वर्ष के कठोर कारावास व एक लाख साठ हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपित सास व ससुर को दोषमुक्त कर दिया।
विज्ञापन



अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा ने बताया कि ग्राम सुनवरसा थाना शिवली जिला कानपुर देहात निवासी रामबली प्रजापति पुत्र ब्रम्हा ने सात अक्टूबर 2015 को रिपोर्ट लिखाई कि उसने अपनी पुत्री स्नेहलता उर्फ गुड़िया की शादी 17 फरवरी 2014 को विनीत कुमार पुत्र राधाकिशन निवासी ग्राम गुलरिहा थाना दिबियापुर के साथ की थी। आरोप है कि ससुरालीजन स्नेहलता को दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करते थे। छह अक्टूबर 2015 की रात करीब 11 बजे स्नेहलता की ससुराल में जलकर मौत हो गई। 22 वर्षीय स्नेहलता की मौत के मामले में थाना दिबियापुर में पति विनीत कुमार, ससुर राधा किशन व सास रामवती के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया। आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल हुआ।
विज्ञापन


अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा, एडीजीसी रमेश चंद्र व बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता ह्दय नारायण पांडेय की दलीलें सुनने के बाद जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार ने ससुर राधा किशन व सास रामवती को दोषमुक्त कर दिया, लेकिन घटना के समय पति विनीत कुमार के बाहर होने की बात स्वीकार न करते हुए उसे पत्नी स्नेहलता की दहेज को लेकर हत्या का दोषी माना और दस वर्ष के कठोर कारावास व एक लाख साठ हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की राशि में से 80 फीसदी राशि बतौर हर्जाना मृतका के पिता को देय होगी। अर्थदंड की वसूली राजस्व बकाया के तरह होगी। पति विनीत कुमार को जिला कारागार इटावा भेजा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed