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बीहड़ में गश्त पर फोकस करें दरोगा-सिपाही
Updated Tue, 13 Mar 2018 12:12 AM IST
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उरई। एसपी अमरेंद्र प्रताप ने सोमवार को बीहड़ से लगे चुर्खी थाने का बारीकी से निरीक्षण किया। फिर एसपी ने सीओ सुबोध गौतम के साथ लंबित मामलों और वांछितों की फाइलें देखीं। उन्होंने इंस्पेक्टर आरपी सिंह को निर्देश दिए कि बीहड़ में गश्त की जाए, इसमें किसी तरह की लापरवाही न हो। फिर उन्होंने असलहों की भी जांच पड़ताल की।
बाबई प्रतिनिधि के मुताबिक सुबह के वक्त एसपी पूरे लाव लश्कर के साथ थाने पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने इंस्पेक्टर और क्षेत्र के सभी दारोगाओं के साथ बैठक कर अपराधों की समीक्षा की। कहा कि चोरियां बढ़ रही है, इसलिए रात के वक्त गश्त बेहद जरूरी है।
बीहड़ से लगे ग्रामीण इलाकों में नियमित गश्त की जाए. जरूरत पड़े तो दारोगा और सिपाही पैदल गश्त करें और ग्रामीणों को स्वयं से जोड़ने का काम करे, इससे अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी। कहा कि फरियादियों से मित्र वाला व्यवहार किया जाए।
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यदि पीड़ित थाना, कोतवाली से ही संतुष्ट होगा तो उसे सीओ या फिर एसपी के दफ्तर की भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। मारपीट, चोरी और लूट आदि में वांछित चल रहे अपराधियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाने की बात कही। कहा कि पुलिस अपना मुखबिर तंत्र और मजबूत करे, तभी वांछितों की धरपकड़ तेजी से की जा सकेगी।
इसके अलावा समय समय पर वाहन चेकिंग भी की जाए, लेकिन चेकिंग के नाम पर अभद्रता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नवरात्र पर्व को देखते हुए जरूरी समझे तो शांति समिति की बैठक करें, मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत बनाई जाए। इसके बाद एसपी ने थाने के असलहों का भी मुआयना किया। इंस्पेक्टर ने बताया कि गश्त के लिए सिपाहियों की टीम बनाई जाएगी।
एसपी ने किया चुर्खी थाने का वार्षिक निरीक्षण, असलहे भी परखे
अमर उजाला ब्यूरो
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बाबई प्रतिनिधि के मुताबिक सुबह के वक्त एसपी पूरे लाव लश्कर के साथ थाने पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने इंस्पेक्टर और क्षेत्र के सभी दारोगाओं के साथ बैठक कर अपराधों की समीक्षा की। कहा कि चोरियां बढ़ रही है, इसलिए रात के वक्त गश्त बेहद जरूरी है।
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बीहड़ से लगे ग्रामीण इलाकों में नियमित गश्त की जाए. जरूरत पड़े तो दारोगा और सिपाही पैदल गश्त करें और ग्रामीणों को स्वयं से जोड़ने का काम करे, इससे अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी। कहा कि फरियादियों से मित्र वाला व्यवहार किया जाए।
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यदि पीड़ित थाना, कोतवाली से ही संतुष्ट होगा तो उसे सीओ या फिर एसपी के दफ्तर की भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। मारपीट, चोरी और लूट आदि में वांछित चल रहे अपराधियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाने की बात कही। कहा कि पुलिस अपना मुखबिर तंत्र और मजबूत करे, तभी वांछितों की धरपकड़ तेजी से की जा सकेगी।
इसके अलावा समय समय पर वाहन चेकिंग भी की जाए, लेकिन चेकिंग के नाम पर अभद्रता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नवरात्र पर्व को देखते हुए जरूरी समझे तो शांति समिति की बैठक करें, मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत बनाई जाए। इसके बाद एसपी ने थाने के असलहों का भी मुआयना किया। इंस्पेक्टर ने बताया कि गश्त के लिए सिपाहियों की टीम बनाई जाएगी।
एसपी ने किया चुर्खी थाने का वार्षिक निरीक्षण, असलहे भी परखे
अमर उजाला ब्यूरो