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गैर इरातन हत्या मामले के दोनों आरोपी दोषमुक्त
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औरैया। अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक) राम अवतार यादव ने कोतवाली क्षेत्र के गैरइरादतन हत्या मामले के दो आरोपी अवधेश कुमार पांडेय व तुलसीराम को दोषमुक्त कर दिया।
अभियोजन के अनुसार ग्राम शहबदिया निवासी वादिनी प्रेमलता ने रिपोर्ट लिखाई थी कि वह अनुसूचित जाति की है। 20 अप्रैल 2014 की शाम पढ़ीन दरवाजा निवासी अवधेश कुमार पांडेय का फोन आया और उसने पति रामनाथ को घर पर बुलाया। 22 अप्रैल 14 को पता चला कि पति की मृत्यु हो गई है और शव कोतवाली मेें रखा है। उसके पति के शरीर पर चोटें थीं। उसने देवर बैजनाथ दोहरे को साक्षी बनाया कि उसने 21 अप्रैल को पति को अवधेश पांडेय के घर तुलसीराम के साथ देखा था। गैर इरादतन हत्या की धारा 304 व एससी/एसटी एक्ट के इस मामले की सुनवाई एडीजे रामअवतार यादव के समक्ष हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता बलराम सिंह चौहान ने दलील दी कि इस मामले में घटना का कोई हेतुक (मोटिव) साबित नहीं है।
अभियोजन व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश एडीजे रामअवतार यादव ने बचाव पक्ष की दलीलों को मानते हुए कहा कि अभियुक्तगण की अपराध में संलिप्तता साबित नहीं होती है। इसलिए गैरइरादतन हत्या के दोनों आरोपी अवधेश कुमार पांडेय और तुलसीराम दोषमुक्त किए गए।
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-शहबदिया गांव का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
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अभियोजन के अनुसार ग्राम शहबदिया निवासी वादिनी प्रेमलता ने रिपोर्ट लिखाई थी कि वह अनुसूचित जाति की है। 20 अप्रैल 2014 की शाम पढ़ीन दरवाजा निवासी अवधेश कुमार पांडेय का फोन आया और उसने पति रामनाथ को घर पर बुलाया। 22 अप्रैल 14 को पता चला कि पति की मृत्यु हो गई है और शव कोतवाली मेें रखा है। उसके पति के शरीर पर चोटें थीं। उसने देवर बैजनाथ दोहरे को साक्षी बनाया कि उसने 21 अप्रैल को पति को अवधेश पांडेय के घर तुलसीराम के साथ देखा था। गैर इरादतन हत्या की धारा 304 व एससी/एसटी एक्ट के इस मामले की सुनवाई एडीजे रामअवतार यादव के समक्ष हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता बलराम सिंह चौहान ने दलील दी कि इस मामले में घटना का कोई हेतुक (मोटिव) साबित नहीं है।
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अभियोजन व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश एडीजे रामअवतार यादव ने बचाव पक्ष की दलीलों को मानते हुए कहा कि अभियुक्तगण की अपराध में संलिप्तता साबित नहीं होती है। इसलिए गैरइरादतन हत्या के दोनों आरोपी अवधेश कुमार पांडेय और तुलसीराम दोषमुक्त किए गए।
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-शहबदिया गांव का मामला
अमर उजाला ब्यूरो