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सराफा लूट कांड में साथी ने खोला लूट का राज
Updated Tue, 21 Aug 2018 10:48 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
औरैया। दिबियापुर थाना क्षेत्र में सराफा कारखाना में हुई डकैती के मामले में सराफ के दोस्त के बयान ने पुलिस को उलझा दिया है। पूछताछ में बिठाए गए कारखाना मालिक के साथ आर्डर लेने जाने वाले साथी ने सराफ को कर्ज में डूबा बताया है। जिसके चलते उसने यह कदम उठाया है। पुलिस अब दोनों पहलुओं की जांच करने में जुट गई है।
बीते शनिवार की रात कसबा के इंदिरा नगर में पवित्र उर्फ विक्की दुबे के सराफा कारखाने से 500 ग्राम सोना, डीबीआर, लैपटॉप, मोबाइल लूट में पुलिस ने पहले दिन कारखाना में काम कर रहे मोदल को पूछताछ कर छोड़ दिया था। उसके बाद पुलिस ने इसी मामले में आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को पूछताछ के लिए थाने में बैठाया था। इस मामले में पुलिस का कहना है कि कारखाना मालिक के साथ काम में सहयोग करने वाले व्यक्ति ने लूट की इस घटना को झूठा बताया है। उसका कहना है कारखाना मालिक पर 35 लाख से ज्यादा का कर्जं है। वह 65 हजार रुपये प्रति महीने ब्याज देता है।
इससे वह परेशान चल रहा था। उसके बयान के बाद पुलिस ने अन्य पांच लोगों को छोड़ दिया है। जबकि उसे अभी थाने में बैठाया है। उधर पुलिस अब दोनों पहलुओं पर जांच कर रही है। इस संबंध में थाना प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कारखाना के मालिक के साथ काम करने वाले साथी ने घटना को झूठा बताया है। अब दोनों पहलुओं से जांच की जा रही है।
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कारखाना मालिक के बैंक खातों की जांच पड़ताल की जाएगी। वारदात झूठी पाई गई तो कारखाना मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। वहीं सीओ सदर श्यौदान सिंह ने बताया कि दोनों पहलुओं पर जांच चल रही है। जल्द ही पर्दाफाश किया जाएगा।
दोस्त बोला, कर्जदार है सराफ, उसी ने डलवाई डकैती
पूछताछ के लिए थाने में बिठाए गए सहकारोबारी दोस्त के बयान से उलझी पुलिस,दोनों पहलुओं पर जांच में जुटी पुुलिस
औरैया। दिबियापुर थाना क्षेत्र में सराफा कारखाना में हुई डकैती के मामले में सराफ के दोस्त के बयान ने पुलिस को उलझा दिया है। पूछताछ में बिठाए गए कारखाना मालिक के साथ आर्डर लेने जाने वाले साथी ने सराफ को कर्ज में डूबा बताया है। जिसके चलते उसने यह कदम उठाया है। पुलिस अब दोनों पहलुओं की जांच करने में जुट गई है।
बीते शनिवार की रात कसबा के इंदिरा नगर में पवित्र उर्फ विक्की दुबे के सराफा कारखाने से 500 ग्राम सोना, डीबीआर, लैपटॉप, मोबाइल लूट में पुलिस ने पहले दिन कारखाना में काम कर रहे मोदल को पूछताछ कर छोड़ दिया था। उसके बाद पुलिस ने इसी मामले में आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को पूछताछ के लिए थाने में बैठाया था। इस मामले में पुलिस का कहना है कि कारखाना मालिक के साथ काम में सहयोग करने वाले व्यक्ति ने लूट की इस घटना को झूठा बताया है। उसका कहना है कारखाना मालिक पर 35 लाख से ज्यादा का कर्जं है। वह 65 हजार रुपये प्रति महीने ब्याज देता है।
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इससे वह परेशान चल रहा था। उसके बयान के बाद पुलिस ने अन्य पांच लोगों को छोड़ दिया है। जबकि उसे अभी थाने में बैठाया है। उधर पुलिस अब दोनों पहलुओं पर जांच कर रही है। इस संबंध में थाना प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कारखाना के मालिक के साथ काम करने वाले साथी ने घटना को झूठा बताया है। अब दोनों पहलुओं से जांच की जा रही है।
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कारखाना मालिक के बैंक खातों की जांच पड़ताल की जाएगी। वारदात झूठी पाई गई तो कारखाना मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। वहीं सीओ सदर श्यौदान सिंह ने बताया कि दोनों पहलुओं पर जांच चल रही है। जल्द ही पर्दाफाश किया जाएगा।
दोस्त बोला, कर्जदार है सराफ, उसी ने डलवाई डकैती
पूछताछ के लिए थाने में बिठाए गए सहकारोबारी दोस्त के बयान से उलझी पुलिस,दोनों पहलुओं पर जांच में जुटी पुुलिस