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अभिकर्ता का क्षतविक्षत मिला शव, परिजनों का हंगामा
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दिबियापुर (औरैया)। सोमवार से बाइक समेत लापता डाकघर एवं बीमा अभिकर्ता मनोज दुबे का शव शुक्रवार को सुबह रेलवे ट्रैक पर क्षत विक्षत हाल में मिला। परिजनों ने हत्या कर शव ट्रैक पर फेंकने का आरोप लगाया। साथ ही इस मामले में पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नारेबाजी व हंगामा किया और ट्रैक से शव नहीं उठने दिया। परिजन मृतक के आश्रित को नौकरी और आर्थिक मदद की मांग कर रहे थे। मौके पर पहुंचे इटावा के सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया के समझाने बुझाने व आश्वासन पर देने पर छह घंटे बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।
शुक्रवार की सुबह लगभग साढ़े नौ बजे फफूंद व पाता रेलवे स्टेशन के बीच कन्हों बंबा पुलिया के पास दिल्ली हावड़ा डाउन रेल ट्रैक पर एक क्षत विक्षत शव मिला। रेलवे के मेट चंद्रभान ने शव ट्रैक से हटाकर अप एवं डाउन ट्रैक के बीच में रख दिया। सूचना मिलने पर थोड़ी देर में ही पांच दिन से गायब मनोज दुबे के परिजनों ने पहुंचकर शिनाख्त मनोज दुबे (42) पुत्र रामबाबू दुबे निवासी कैलाश बाग दिबियापुर के रूप में की।
इस बीच एसपी कमलेश दीक्षित, सीओ सुरेंद्र नाथ, प्रभारी निरीक्षक अनिल विश्वकर्मा, पाता चौकी इंचार्ज देशराज सिंह भी पहुंच गए। जांच के बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की। तभी परिजनों ने हत्या कर शव रेलवे ट्रैक पर डाले जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। साथ ही अधिकारियों एवं डॉग स्क्वॉड को बुलाकर गहनता से छानबीन कराने की मांग की। इस दौरान सीओ के साथ लोगों की तीखी नोकझोंक भी हुई। एसपी सुनीति, फोरेंसिक टीम एवं डॉग स्क्वॉड की जांच के बाद ही शव को दोपहर लगभग एक बजे लोगों ने उठने दिया। लोगों की मांग पर बाद में शव को मृतक के आवास पर ले जाया गया। परंतु यहां पर मृतक के परिजनों ने आश्रित को नौकरी एवं आर्थिक मदद दिए जाने की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया।
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जानकारी मिलने पर इटावा के सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया ने पहुंचकर एएसपी कमलेश दीक्षित को लापरवाह पुलिस कर्मियों पर कार्यवाई के निर्देश दिए। साथ ही परिजनों को आश्वस्त किया कि प्रदेश एवं केंद्र सरकार से मृतक के परिवार को मदद दिलाने का पूरा प्रयास करेंगे। तब लगभग साढ़े तीन बजे शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।
एसपी सुनीति ने बताया कि सुबह पौने आठ बजे बाइक से जाते समय डाकघर एजेंट के सीसीटीवी में फुटेज मिले हैं। इनका मोबाइल भी चार दिन बंद रहा। साथ ही इन्होंने परिजनों से इतने दिनों तक संपर्क क्यों नहीं किया। यह भी जांच का विषय है। बताया कि अभी परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है। तहरीर मिलने पर उसी अनुसार जांच की जाएगी।
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शुक्रवार की सुबह लगभग साढ़े नौ बजे फफूंद व पाता रेलवे स्टेशन के बीच कन्हों बंबा पुलिया के पास दिल्ली हावड़ा डाउन रेल ट्रैक पर एक क्षत विक्षत शव मिला। रेलवे के मेट चंद्रभान ने शव ट्रैक से हटाकर अप एवं डाउन ट्रैक के बीच में रख दिया। सूचना मिलने पर थोड़ी देर में ही पांच दिन से गायब मनोज दुबे के परिजनों ने पहुंचकर शिनाख्त मनोज दुबे (42) पुत्र रामबाबू दुबे निवासी कैलाश बाग दिबियापुर के रूप में की।
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इस बीच एसपी कमलेश दीक्षित, सीओ सुरेंद्र नाथ, प्रभारी निरीक्षक अनिल विश्वकर्मा, पाता चौकी इंचार्ज देशराज सिंह भी पहुंच गए। जांच के बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की। तभी परिजनों ने हत्या कर शव रेलवे ट्रैक पर डाले जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। साथ ही अधिकारियों एवं डॉग स्क्वॉड को बुलाकर गहनता से छानबीन कराने की मांग की। इस दौरान सीओ के साथ लोगों की तीखी नोकझोंक भी हुई। एसपी सुनीति, फोरेंसिक टीम एवं डॉग स्क्वॉड की जांच के बाद ही शव को दोपहर लगभग एक बजे लोगों ने उठने दिया। लोगों की मांग पर बाद में शव को मृतक के आवास पर ले जाया गया। परंतु यहां पर मृतक के परिजनों ने आश्रित को नौकरी एवं आर्थिक मदद दिए जाने की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया।
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जानकारी मिलने पर इटावा के सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया ने पहुंचकर एएसपी कमलेश दीक्षित को लापरवाह पुलिस कर्मियों पर कार्यवाई के निर्देश दिए। साथ ही परिजनों को आश्वस्त किया कि प्रदेश एवं केंद्र सरकार से मृतक के परिवार को मदद दिलाने का पूरा प्रयास करेंगे। तब लगभग साढ़े तीन बजे शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।
एसपी सुनीति ने बताया कि सुबह पौने आठ बजे बाइक से जाते समय डाकघर एजेंट के सीसीटीवी में फुटेज मिले हैं। इनका मोबाइल भी चार दिन बंद रहा। साथ ही इन्होंने परिजनों से इतने दिनों तक संपर्क क्यों नहीं किया। यह भी जांच का विषय है। बताया कि अभी परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है। तहरीर मिलने पर उसी अनुसार जांच की जाएगी।